इंदौर में सीएम मोहन यादव के सामने महिला ने पकड़े पैर, मेट्रो मुआवजे में भेदभाव के आरोप से बढ़ा मामला
पीलिया खाल क्षेत्र की रहवासी ने 40 लाख की जगह 16 लाख मुआवजा प्रस्तावित होने का आरोप लगाया, मुख्यमंत्री ने कलेक्टर को तलब कर निर्देश दिए

सत्याग्रह लाइव। इंदौर में मेट्रो परियोजना से प्रभावित एक महिला ने कम मुआवजा मिलने का आरोप लगाते हुए मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के सामने अपनी शिकायत रखी और कथित तौर पर उनके पैर पकड़ लिए। मामले में मुख्यमंत्री ने तत्काल कलेक्टर शिवम वर्मा को बुलाकर पीड़िता की सहायता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
इंदौर के पीलिया खाल इलाके में मेट्रो स्टेशन निर्माण के लिए 16 घरों को तोड़ा जाना है। स्थानीय रहवासी पिंकी वर्मा का आरोप है कि जहां 15 मकान मालिकों को प्रति मकान करीब 40 लाख रुपये का मुआवजा दिया गया है, वहीं उनके मकान के बदले मेट्रो प्रबंधन के अधिकारी केवल 16 लाख रुपये का मुआवजा देना चाहते हैं। इसी आरोप को लेकर मामला सामने आया।
कई महीनों से अधिकारियों के चक्कर लगाने का दावा
पिंकी वर्मा ने बताया कि वह पिछले तीन से चार महीने से वास्तविक मुआवजा दिलाने की मांग को लेकर विभिन्न अधिकारियों के कार्यालयों के चक्कर लगा रही हैं, लेकिन उनकी सुनवाई नहीं हुई। उनका कहना है कि मजबूरी में उन्हें मुख्यमंत्री के सामने अपनी समस्या रखने के लिए यह कदम उठाना पड़ा।
शारदा कन्या विद्यालय से निकलते ही मुख्यमंत्री तक पहुंची महिला
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव गुरुवार को बड़ा गणपति क्षेत्र स्थित शारदा कन्या विद्यालय में नए शिक्षा सत्र के अवसर पर छात्र-छात्राओं से संवाद करने पहुंचे थे। स्कूल से बाहर निकलते समय सुरक्षा कर्मियों और जनप्रतिनिधियों के बीच से होकर महिला मुख्यमंत्री तक पहुंची और अपनी समस्या बताते हुए कथित तौर पर उनके पैर पकड़ लिए, जिससे वहां कुछ समय के लिए असहज स्थिति बन गई।
कलेक्टर को बुलाकर दिए निर्देश, आवेदन पर भी लिखे आदेश
घटना के बाद मुख्यमंत्री ने महिला को समझाया और तत्काल कलेक्टर शिवम वर्मा को तलब किया। उन्होंने पीड़िता की हर संभव सहायता करने के निर्देश दिए। हालांकि, महिला अन्य प्रभावित मकान मालिकों की तरह समान मुआवजा दिए जाने की मांग पर अड़ी रही। महिला ने मुख्यमंत्री से अपने आवेदन पर संबंधित अधिकारियों के लिए निर्देश लिखने का अनुरोध किया, जिसे मुख्यमंत्री ने स्वीकार करते हुए संबंधित विभागों और अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए। इस मामले में कलेक्टर शिवम वर्मा की प्रतिक्रिया अभी आना बाकी है।



