कैलाश विजयवर्गीय की चिट्ठी से बीजेपी में हलचल, इंदौर पर अब CM मोहन यादव करेंगे सीधा संवाद
इंदौर की उपेक्षा पर सियासी संग्राम, विजयवर्गीय के पत्र के बाद सरकार एक्टिव

इंदौर; क्या इंदौर की उपेक्षा को लेकर लिखी गई एक चिट्ठी ने मध्य प्रदेश की राजनीति में नया भूचाल ला दिया है? कांग्रेस की अंदरूनी कलह पर सवाल उठाने वाली बीजेपी अब खुद अपने घर के सियासी विवादों से घिरी नजर आ रही है।
मध्य प्रदेश की राजनीति में इन दिनों इंदौर को लेकर सियासी हलचल तेज हो गई है। कांग्रेस में दिग्विजय सिंह और प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी के बीच जारी बयानबाजी पर निशाना साध रही भारतीय जनता पार्टी अब खुद अपने ही राजनीतिक विवाद को लेकर चर्चा में आ गई है।
कैबिनेट मंत्री कैलाश विजयवर्गीय द्वारा मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव को लिखी गई चिट्ठी ने प्रदेश की राजनीति में नया बवाल खड़ा कर दिया है। पत्र में विजयवर्गीय ने इंदौर की उपेक्षा का मुद्दा उठाते हुए जिले के प्रभारी मंत्री और मुख्यमंत्री की ओर से विकास कार्यों में अपेक्षित सहयोग नहीं मिलने का उल्लेख किया है। जैसे ही यह पत्र सार्वजनिक चर्चा में आया, मुख्यमंत्री कार्यालय ने तेजी से सक्रियता दिखाई।
अब 3 जुलाई को इंदौर में “उम्मीदों का शहर इंदौर” विषय पर जनसंवाद कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। इस कार्यक्रम में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव शहर के विकास कार्यों को लेकर कैबिनेट मंत्री कैलाश विजयवर्गीय, सभी विधायकों और अन्य जनप्रतिनिधियों से सीधे संवाद करेंगे। कार्यक्रम का आयोजन ब्रिलिएंट कन्वेंशन सेंटर में किया जा रहा है और इसकी जिम्मेदारी सांसद शंकर लालवानी को सौंपी गई है।
इधर, कांग्रेस नेता सज्जन सिंह वर्मा ने इस पूरे घटनाक्रम पर तीखी प्रतिक्रिया दी है। उनका दावा है कि संभावित मंत्रिमंडल विस्तार की चर्चाओं के बीच कैलाश विजयवर्गीय ने अपनी राजनीतिक स्थिति को लेकर यह पत्र लिखा है। वर्मा ने विजयवर्गीय के पुराने बयानों का हवाला देते हुए उन पर व्यंग्य भी किया और कई राजनीतिक टिप्पणियां कीं।
अब सबकी नजर 3 जुलाई के जनसंवाद कार्यक्रम पर है, जहां यह साफ हो सकेगा कि इंदौर के विकास को लेकर उठे सवालों का सरकार किस तरह जवाब देती है।


