नर्मदापुरम में तार की फेंसिंग में फंसे 11 फीट लंबे धामन सांप का सफल ऑपरेशन, लगे 8 टांके
सांगाखेड़ा गांव में घायल धामन प्रजाति के सांप का रेस्क्यू कर पशु चिकित्सालय में किया गया उपचार, जंगल में छोड़ा जाएगा

नर्मदापुरम के सांगाखेड़ा गांव में तार की फेंसिंग में फंसे 11 फीट लंबे धामन प्रजाति के सांप का सफल ऑपरेशन किया गया। घायल सांप को सर्पमित्रों ने रेस्क्यू कर संभागीय पशु चिकित्सालय पहुंचाया, जहां चिकित्सकों ने सर्जरी कर 8 टांके लगाए और उसे निगरानी में रखा गया।
बारिश का मौसम शुरू होते ही सांप, बिच्छु और अन्य जीव-जंतुओं के निकलने की घटनाएं सामने आने लगी हैं। नर्मदापुरम के ग्राम सांगाखेड़ा से सर्पमित्र ब्रजेश केवट और उनकी टीम को गांव में सांप निकलने की सूचना मिली। मौके पर पहुंचने पर टीम ने देखा कि करीब 11 फीट लंबा धामन (रेड स्नेक) प्रजाति का सांप तार की फेंसिंग में फंसा हुआ था।
सुरक्षित रेस्क्यू के बाद अस्पताल में कराया गया उपचार
सर्पमित्रों की टीम ने घायल सांप का सुरक्षित रेस्क्यू किया। सांप की हालत गंभीर होने के कारण उसे संभागीय पशु चिकित्सालय ले जाया गया, जहां उसे दवाइयां दी गईं और उपचार शुरू किया गया। गहरे जख्म होने के कारण इलाज के दौरान सांप को 8 टांके लगाने पड़े। चिकित्सकों ने उसे दो दिन तक ऑब्जर्वेशन में रखने की सलाह दी।
चिकित्सकों की टीम ने मिलकर की सर्जरी
सांप का इलाज करने वाले डॉ. अरविंद गुप्ता ने बताया, “सांप काफी घायल हालत में सर्पमित्रों द्वारा चिकित्सालय लाया गया था। हमारी टीम पंडित रामगोपाल मिश्रा, डॉ. प्रियंका शाक्य, डॉ. अंजली चौधरी और प्रफुल्ल मेहरा ने मिलकर सांप की सर्जरी की। जख्म गहरा होने के कारण सांप को 8 टांके लगाने पड़े, फिर ड्रेसिंग की गई। इसके बाद हमने उसको दो दिन ऑब्जर्वेशन में रखा, फिर सर्पमित्रों को सुरक्षित जंगल में छोड़ने की सलाह दी।”
जख्म सूखने के बाद जंगल में छोड़ा जाएगा
डॉक्टरों ने लोगों से अपील की है कि बारिश के मौसम में यदि कहीं सांप दिखाई दे तो तुरंत सर्पमित्रों को सूचना दें। सर्पमित्र ने बताया कि डॉक्टरों ने सांप को दो से तीन दिन तक वन विभाग की निगरानी में ‘होल्ड’ पर रखने को कहा था। रोजाना उसका अस्पताल में चेकअप किया गया और जख्म पूरी तरह सूखने के बाद उसे सुरक्षित जंगल में छोड़ दिया जाएगा।



