भोपाल में 228 कमर्शियल इमारतों को नोटिस, 10 दिन में नक्शे के अनुसार सुधार का अल्टीमेटम
नक्शे के विपरीत निर्माण हटाने के निर्देश, जवाब के लिए 7 दिन और पालन नहीं होने पर 24 घंटे का अंतिम नोटिस

सत्याग्रह लाइव। भोपाल में रहवासी इलाकों में चल रही कमर्शियल गतिविधियों के खिलाफ नगर निगम ने कार्रवाई तेज की है। 228 इमारतों को नोटिस देकर 10 दिन में मंजूर नक्शे के अनुसार सुधार करने के निर्देश दिए गए हैं। कोलार में बिना अनुमति बनी इमारत गिराने के आदेश भी जारी हुए हैं।
भोपाल नगर निगम ने बीते रविवार को शहर की 228 कमर्शियल इमारतों को नोटिस जारी किए। भवन मालिकों को 10 दिन के भीतर इमारतों को बिल्डिंग परमिशन के समय मंजूर किए गए नक्शे के अनुसार करने के निर्देश दिए गए हैं। कार्रवाई केवल दुकानें बंद कराने तक सीमित नहीं रहेगी।
यदि मंजूर नक्शे में बेसमेंट में पार्किंग निर्धारित है और वहां दुकान बना दी गई है, तो दुकान हटाकर पार्किंग व्यवस्था दोबारा करनी होगी। इसी तरह दीवार हटाकर शटर लगाए जाने की स्थिति में दीवार दोबारा बनानी होगी।
7 दिन में जवाब, फिर अंतिम कार्रवाई
नगर निगम के नोटिस से असहमत भवन मालिक सात दिन के भीतर अपना जवाब दे सकते हैं। निगम जवाब की जांच करेगा और जरूरत पड़ने पर अंतिम कार्रवाई की जाएगी। अधिकारियों के अनुसार, नियमों का पालन नहीं करने वालों को 24 घंटे का अंतिम नोटिस दिया जाएगा। इसके बाद कार्रवाई की जा सकती है।
नरेला में सबसे ज्यादा नोटिस
228 कमर्शियल इमारतों में सबसे ज्यादा नोटिस नरेला विधानसभा क्षेत्र में दिए गए हैं। यहां 60 भवनों को नोटिस मिला है। गोविंदपुरा में 51, हुजूर में 45, उत्तर में 38, मध्य में 19 और दक्षिण विधानसभा क्षेत्र में 15 भवनों को नोटिस जारी किए गए हैं।
कोलार में भवन गिराने के आदेश
कोलार के ललिता नगर चौराहे पर बिना बिल्डिंग परमिशन बनी एक इमारत को सोमवार को गिराया जाएगा। चीफ सिटी प्लानर नीरज आनंद लिखार ने जांच के बाद भवन तोड़ने के आदेश दिए हैं। कार्रवाई के लिए पुलिस बल भी मांगा गया है। निगम की टीम सुबह 8 बजे से कार्रवाई शुरू करेगी।
कार्रवाई के विरोध में व्यापारियों का प्रदर्शन
कमर्शियल गतिविधियों पर कार्रवाई के विरोध में करीब 1000 व्यापारियों ने प्रदर्शन किया। व्यापारियों ने करीब दो किलोमीटर तक पैदल मार्च निकाला। उनका कहना है कि भोपाल का नया मास्टर प्लान नहीं आने के कारण ऐसी स्थिति बनी है। व्यापारियों ने कार्रवाई पर आपत्ति जताते हुए समस्या का परमानेंट सॉल्यूशन निकालने की मांग की।



