मुंबई में शिवसेना (उद्धव गुट) में टूट की अटकलों पर नया मोड़, दो सांसदों ने पाला बदलने से किया साफ इनकार
संजय राउत ने सांसदों के साथ होने का दावा किया, ऑपरेशन टाइगर के तहत धनबल के आरोप लगाए

महाराष्ट्र में शिवसेना (उद्धव गुट) में टूट की चर्चाओं के बीच नया मोड़ सामने आया है। दो सांसदों ने पाला बदलने से इनकार करते हुए उद्धव ठाकरे के साथ रहने की बात कही है। संजय राउत ने सांसदों के साथ होने का दावा किया और धनबल के इस्तेमाल के आरोप लगाए।
पश्चिम बंगाल की तृणमूल कांग्रेस में बगावत के बाद अब महाराष्ट्र में भी शिवसेना (उद्धव गुट) में टूट की खबरों ने राजनीतिक हलचल बढ़ा दी है। हालांकि, ताजा घटनाक्रम में नया मोड़ सामने आया है। शिवसेना (उद्धव गुट) के दो सांसदों ने पाला बदलने से साफ इनकार करते हुए कहा कि वे कहीं नहीं जा रहे हैं और उद्धव ठाकरे के साथ ही बने रहेंगे।
संजय राउत का दावा, सभी सांसद पार्टी के साथ
शिवसेना के राज्यसभा सदस्य संजय राउत ने अपने आवास पर आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि उनकी पार्टी के सभी सांसद साथ हैं और सभी से बातचीत हो चुकी है। उन्होंने बताया कि सांसदों ने कसम खाते हुए कहा कि शिवसेना उनकी मां है और वे कहीं नहीं जाएंगे। उन्होंने यह भी कहा कि यदि कोई सांसद पार्टी छोड़ना चाहता है तो उसे पहले इस्तीफा देकर जाना होगा। संजय राउत ने चेतावनी देते हुए कहा कि जो भी सांसद पाला बदलेगा, महाराष्ट्र की जनता उसे नहीं छोड़ेगी।
ऑपरेशन टाइगर और धनबल के आरोप
पत्रकारों से बातचीत के दौरान संजय राउत ने कहा कि यह ऑपरेशन टाइगर है। उन्होंने आरोप लगाया कि मंगलवार रात को सांसदों के घर 15-15 करोड़ रुपये पहुंचाए गए। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर पोस्ट साझा करते हुए लिखा, “अपना सपना मनी-मनी।” राउत ने दावा किया कि सांसदों को 15-15 करोड़ रुपये दिए गए, जिसके बाद वे नांदेड़, पुणे समेत तीन स्थानों से चार्टर फ्लाइट में सवार हुए। उन्होंने बताया कि पार्लियामेंट्री पार्टी की बैठक के लिए व्हिप भी जारी किया गया है।
सांसदों की प्रतिक्रिया और दलबदल कानून की स्थिति
इस बीच, शिवसेना के लोकसभा सांसद अरविंद सावंत, चीफ व्हिप अनिल देसाई और नासिक से सांसद राजाभाऊ संजय राउत के आवास पहुंचे। अरविंद सावंत ने कहा कि उन्होंने संविधान की सुरक्षा के लिए लोकसभा स्पीकर ओम बिरला को पत्र लिखा है। उन्होंने कहा कि अभी तक किसी भी पार्टी नेता ने उन्हें यह नहीं बताया है कि वे पार्टी छोड़ रहे हैं। वहीं, शिवसेना यूबीटी सांसद राजाभाऊ वाजे और संजय पाटिल ने डिप्टी सीएम एकनाथ शिंदे के गुट में शामिल होने की अटकलों को खारिज कर दिया है। लोकसभा में यूबीटी शिवसेना के नौ सांसद हैं और दलबदल कानून के अनुसार उन्हें सात सांसदों के समर्थन की आवश्यकता होगी। उद्धव ठाकरे द्वारा बुलाई गई बैठक में केवल चार सांसदों के पहुंचने के बाद पार्टी में टूट की खबरों को और बल मिला था।



