शहडोल में कियोस्क अनुमति के बदले रिश्वत मांगना पड़ा भारी, सीबीआई ने बैंक अधिकारी को दबोचा
दीपेंद्र सिंह की शिकायत पर सीबीआई जबलपुर की कार्रवाई, बैंकिंग कियोस्क संचालन की अनुमति के बदले मांगी गई थी रिश्वत।

जनोदय पंच। शहडोल में सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया के सहायक प्रबंधक अभ्यंकर शर्मा को सीबीआई जबलपुर की टीम ने 10 हजार रुपए की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार किया है। बैंकिंग कियोस्क संचालन की अनुमति देने के बदले रिश्वत मांगने की शिकायत के बाद यह कार्रवाई की गई।
शिकायत के बाद सीबीआई ने बनाई कार्रवाई की योजना
शहडोल निवासी दीपेंद्र सिंह ने जिले में चार बैंकिंग कियोस्क खोलने के लिए सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया में आवेदन किया था। आरोप है कि इस प्रक्रिया के दौरान क्षेत्रीय कार्यालय में पदस्थ सहायक प्रबंधक अभ्यंकर शर्मा ने प्रस्ताव स्वीकृत करने और आवश्यक अनुमति जारी करने के एवज में 10 हजार रुपए की रिश्वत मांगी। लगातार रिश्वत की मांग से परेशान होकर दीपेंद्र सिंह ने केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) जबलपुर इकाई के पुलिस अधीक्षक एस.के. राठी से शिकायत की। प्रारंभिक सत्यापन के बाद सीबीआई ने कार्रवाई की योजना तैयार की।
रिश्वत लेते ही टीम ने मौके पर दबोचा
योजना के तहत शिकायतकर्ता गुरुवार को रिश्वत की राशि लेकर बैंक अधिकारी से मिलने पहुंचे। बताया गया कि अभ्यंकर शर्मा ने बैंक परिसर के बाहर गुरुद्वारे के पास दीपेंद्र सिंह से 10 हजार रुपए लिए। जैसे ही उन्होंने रिश्वत की राशि अपने कब्जे में ली, पहले से निगरानी कर रही सीबीआई टीम ने उन्हें मौके पर ही पकड़ लिया। कार्रवाई के दौरान रिश्वत की रकम भी बरामद कर ली गई।
हिरासत में लेकर पूछताछ जारी
सीबीआई अधिकारियों ने अभ्यंकर शर्मा को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है। आवश्यक कानूनी प्रक्रियाएं भी पूरी की गई हैं। सूत्रों के अनुसार, आरोपी के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत प्रकरण दर्ज किया गया है। बताया गया कि सहायक प्रबंधक ग्वालियर का निवासी है, जिसके चलते सीबीआई टीम ने उसके ग्वालियर स्थित आवास पर भी छापामार कार्रवाई की है। मामले में आगे की जांच जारी है।



