राजगढ़ में नाले में बही ईको वैन, तीन बच्चों और दो महिलाओं समेत 9 लोगों की मौत
पड़ाना के झिरी नाले में हादसा, दो युवकों ने तैरकर बचाई जान; मुख्यमंत्री ने सहायता की घोषणा की

सत्याग्रह लाइव। राजगढ़ के पड़ाना में सोमवार सुबह तेज बारिश के बीच ईको वैन झिरी नाले में बह गई। हादसे में तीन बच्चों और दो महिलाओं समेत नौ लोगों की मौत हो गई। दो युवकों ने तैरकर जान बचाई। अधूरे पुल पर पानी बह रहा था।
हादसा पचोर-सारंगपुर रोड पर पड़ाना कस्बे में सोमवार सुबह करीब साढ़े 9 बजे हुआ। पुलिस के मुताबिक, ईको वैन में सवार सभी लोग देवास के सतवास क्षेत्र के धांसड़ गांव के रहने वाले थे और कड़लावद गांव जा रहे थे। कार मुकेश सिंह के नाम पर रजिस्टर्ड है और वही कार चला रहा था।
पड़ाना के पास झिरी नाले पर करीब 30 फीट का पुल निर्माणाधीन है। तेज बारिश के कारण पानी पुल के ऊपर से बह रहा था। इसी दौरान कार चालक मुकेश को अधूरा पुल दिखाई नहीं दिया और उसने कार आगे बढ़ा दी। कार नाले में बह गई।
रेस्क्यू ऑपरेशन में कार बाहर निकाली
हादसे की सूचना के बाद एसडीएम रोहित बम्होरे और एसडीओपी अरविंद सिंह मौके पर पहुंचे। SDERF की मदद से रेस्क्यू अभियान चलाया गया। क्रेन की मदद से कार को नाले से बाहर निकाला गया। टीआई राहुल रघुवंशी ने बताया कि कार में कोई व्यक्ति नहीं मिला।
हादसे में शंकर सिंह (50), सागरबाई पति शंकर सिंह, रीनू (28) पति हुकुम सिंह, राजवीर (3) पिता हुकुम सिंह, जसप्रीत पिता हुकुम सिंह, विशाल चौहान, पूजा (27) पति विशाल चौहान, रिशिका और आनंद सिंह की मौत हुई।

रोकने के बावजूद पानी में उतारी कार
प्रत्यक्षदर्शी महेंद्र परमार ने बताया कि पुल पर पानी भरा था। उन्होंने कार चालक को रोककर आगे घुटने तक पानी होने की जानकारी दी और गाड़ी नहीं निकालने को कहा। इसके बावजूद कार आगे बढ़ाई गई। रोड पर रेलिंग नहीं होने के कारण गाड़ी नाले में जा गिरी।
हादसे में बच निकले मुकेश और हुकुम को सारंगपुर अस्पताल में भर्ती कराया गया। मुकेश ने बताया कि वे धांसड़ गांव से आ रहे थे। उनकी काकी को लकवा लगा है और उन्हें इलाज के लिए कनावड़ धाम ले जाया जा रहा था। गांव के लोगों ने आगे जाने से मना किया था, जिसके बाद करीब 15 मिनट तक वे रुके।
मुकेश के मुताबिक, अंकल ने कहा कि आज नहीं पहुंचे तो पर्ची नहीं मिलेगी और अगले दिन फिर आना पड़ेगा। उनके बेटे विशाल ने भी चलने के लिए कहा। मुकेश के अनुसार, दोनों के कहने पर उन्होंने कार पानी में उतार दी।
मुख्यमंत्री ने आर्थिक सहायता की घोषणा की
हादसे के बाद मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने मृतकों के परिजन को 4-4 लाख रुपए की आर्थिक सहायता देने की घोषणा की है।



