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बड़वाह। निर्मल विद्यापीठ में CBSE द्वारा शिक्षकों के सक्रिय योगदान एवं नवाचार आधारित शिक्षण पर प्रशिक्षण कार्यक्रम हुआ संपन्न…

कपिल वर्मा बड़वाह। सेंटर ऑफ एक्सीलेंस CBSE के मार्गदर्शन में निर्मल विद्यापीठ में शिक्षकों के सक्रिय योगदान, नवाचार आधारित शिक्षण एवं विद्यार्थियों को भविष्य की प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए तैयार करने के उद्देश्य से एक दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन शनिवार को किया गया।

कार्यक्रम में CBSE की ओर से आए वर्षा त्रिपाठी एवं रेखा पाराशर ने प्रशिक्षण प्रदान किया। कार्यक्रम का शुभारंभ माँ सरस्वती की आराधना एवं विद्यालय के शिक्षकों द्वारा प्रस्तुत स्वागत गीत के साथ हुआ। कार्यक्रम का प्रभावी संचालन सिम्मी शेख एवं विद्यालय की HM वैशाली माले द्वारा किया गया।

प्रशिक्षण के दौरान शिक्षकों को विभिन्न खेल-आधारित गतिविधियों, समूह गतिविधियों, प्रतियोगिताओं एवं लर्निंग एक्टिविटीज के माध्यम से यह समझाया गया कि किस प्रकार आधुनिक शिक्षण पद्धतियों, नवाचार एवं उपलब्ध संसाधनों का प्रभावी उपयोग कर विद्यार्थियों में सीखने की रुचि, तार्किक क्षमता, समस्या समाधान कौशल एवं रचनात्मक सोच विकसित की जा सकती है।

कार्यशाला में विशेष रूप से इस बात पर जोर दिया गया कि कक्षा-कक्ष में कठिन विषयों को सरल एवं रोचक बनाने के लिए गतिविधि आधारित शिक्षण को अपनाया जाए तथा विद्यार्थियों को भविष्य में आने वाली विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए आवश्यक कौशलों से अभी से तैयार किया जाए।

पूरे प्रशिक्षण कार्यक्रम में निर्मल विद्यापीठ के शिक्षक-शिक्षिकाओं ने अत्यंत उत्साह एवं सक्रियता के साथ सहभागिता की। विभिन्न समूह गतिविधियों एवं प्रतियोगिताओं ने प्रशिक्षण को ज्ञानवर्धक होने के साथ-साथ रोचक और अनुभवात्मक भी बनाया।

कार्यक्रम के समापन अवसर पर वैशाली माले ने सभी अतिथियों एवं प्रतिभागियों के प्रति आभार व्यक्त किया।

विद्यालय के प्राचार्य आशीष झा ने अपने संबोधन में कहा कि प्रशिक्षण का वास्तविक उद्देश्य तभी सफल होगा, जब इसमें सीखे गए नवाचारों एवं शिक्षण तकनीकों को विद्यालय की नियमित शैक्षणिक प्रक्रिया में प्रभावी रूप से लागू किया जाए। उन्होंने सभी शिक्षक साथियों का आह्वान किया कि प्रशिक्षण के दौरान प्राप्त ज्ञान एवं नवाचारों को कक्षा-कक्ष तक पहुँचाकर विद्यार्थियों के उज्ज्वल भविष्य, बेहतर सीखने एवं सर्वांगीण विकास में अपना योगदान दें।

उन्होंने कहा कि “एक शिक्षक का नवाचार ही विद्यार्थी के भविष्य की नई दिशा बन सकता है।” निर्मल विद्यापीठ विद्यार्थियों को केवल पाठ्यक्रम तक सीमित शिक्षा न देकर उन्हें बदलती प्रतिस्पर्धी दुनिया के लिए सक्षम, आत्मविश्वासी एवं कुशल बनाने के लिए निरंतर प्रयासरत है।

 

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