‘हमें अब ये मैडम नहीं चाहिए’ रोते हुए कस्तूरबा हॉस्टल की बेटियां पहुंचीं थाने, की FIR की मांग
अधीक्षिका व पति पर गालीगलौज, बाथरूम के दरवाजे खटखटाने जैसे आरोप

‘हमें अब ये मैडम नहीं चाहिए’ रोते हुए कस्तूरबा हॉस्टल की बेटियां पहुंचीं थाने, की FIR की मांग
अधीक्षिका व पति पर गालीगलौज, बाथरूम के दरवाजे खटखटाने जैसे आरो
आशीष यादव धार
एक और सरकार बच्चों पर हर साल लाखों करोड़ों रुपए पानी के तहत बहाती है। वहीं हर सप्ताह धार जिले में जनजाति विभाग के कारनामे उजागर होते हुए नजर आते हैं। जिला मुख्यालय ब्लॉक स्तर पर एसी के रूम में बैठकर बस कागजों के घोड़े दौड़ा दिए जाते हैं मगर ज़ीनीस्तर पर कोई देखने वाला नहीं है। जिले के डही स्थित कस्तूरबा गांधी बालिका छात्रावास में उस समय हड़कंप मच गया, जब छात्रावास की कई बालिकाएं रोते हुए थाने पहुंचीं और अधीक्षिका के खिलाफ गंभीर शिकायतें दर्ज कराई। छात्राओं ने अधीक्षिका अनीता भिड़े पर कथित रूप से गालीगलौज करने, छोटी-छोटी बातों पर डांटने और मानसिक रूप से परेशान करने के आरोप लगाए। वहीं अधीक्षिका के पति पर भी छात्राओं ने गंभीर आरोप लगाते हुए पुलिस को आवेदन सौंपा और दोनों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने की मांग की।
छात्राओं का आरोप है कि पिछले करीब एक वर्ष से उन्हें अधीक्षिका द्वारा कथित रूप से गंदी भाषा में डांटा और अपमानित किया जा रहा है। शिकायत के अनुसार अधीक्षिका कथित तौर पर यह भी कहती थीं कि मेरा कोई कुछ नहीं बिगाड़ सकता। छात्राओं ने अधिकारियों के सामने अपनी पीड़ा रखते हुए कहा कि वे अब ऐसी स्थिति में छात्रावास में नहीं रहना चाहतीं और उन्हें तत्काल राहत चाहिए।
अधीक्षिका के पति भी कम नहीं
छात्राओं ने अधीक्षिका के पति पर आरोप लगाया कि वे छात्रावास परिसर में ही रहते हैं और कथित रूप से छात्राओं के बाथरूम के दरवाजे खटखटाते हैं। छात्राओं के अनुसार उन्हें उनके घर ले जाकर झाडू लगवाना, बर्तन धुलवाना, पोछा लगवाना, सफाई करवाना तथा बच्चों के कपड़े तक धुलवाने जैसे घरेलू काम करवाए जाते थे। ये आरोप बेहद गंभीर हैं।
छात्राओं ने एफआईआर की मांग की तो प्रशासन में मचा हड़कंप, तहसीलदार-थाना प्रभारी सहित जनप्रतिनिधि छात्रावास पहुंचे, अधीक्षिका ने आरोपों को बताया झूठा हालांकि इन आरोपों की पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी, लेकिन नाबालिग छात्राओं द्वारा इस तरह की शिकायत लेकर पुलिस तक पहुंचना छात्रावास की सुरक्षा व्यवस्था पर बड़ा सवाल खड़ा करता है।
किसी को बुलाने की मनाही
बालिकाओं ने आरोप लगाया कि राष्ट्रीय पर्व पर यदि वे किसी को निमंत्रण देने की बात करती थीं तो उन्हें कथित रूप से डांटकर कहा था कि यह नया नियम यहां नहीं चलेगा। हॉस्टल की छात्राओं के अनुसार उन्हें आगे किसी को भी बुलाने से मना किया जाता था। बीमारी के बाद छुट्टी लेकर घर से लौटने पर भी कथित रूप से गंदी भाषा में डांटने का आरोप छात्राओं ने लगाया है।
भोजन के मीनू पर भी उठे सवाल
छात्राओं ने छात्रावास में मिलने वाले भोजन और नाश्ते को लेकर भी शिकायत की। उनका आरोप है कि अधिकारियों के आने से पहले बेहतर भोजन और
नाश्ता दिया जाता है, जबकि सामान्य दिनों में निर्धारित मीनू का पालन नहीं होता। छात्राओं के अनुसार हर गुरुवार को केवल केले दिए जाते हैं। अब सवाल यह भी है कि छात्रावास के निर्धारित मीनू के अनुसार भोजन उपलब्ध कराया जा रहा है या नहीं? इसकी भी विभागीय जांच की जरूरत है।
शिकायत के बाद अधिकारी और जनप्रतिनिधि पहुंचे छात्रावास
छात्राओं द्वारा की शिकायत के बाद तहसीलदार ललिता गड़रिया, थाना प्रभारी जमराजी, प्राचार्य अरुण कुशवाह, बीआरसी दुबे, विधायक प्रतिनिधि नोरके, ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष चोंगड़ तथा नगर अध्यक्ष छत्रसिंह ठेकेदार छात्राओं के साथ छात्रावास पहुंचे।
उन्होंने बताया कि छात्राओं को थाने से छात्रावास तक पैदल छोड़ने के दौरान अधिकारी एवं जनप्रतिनिधि उनके साथ रहे। छात्रावास पहुंचने के बाद अधीक्षिका को तत्काल छात्रावास छोड़ने के लिए कहा गया।
प्राचार्य बोले- पहले ऐसी शिकायत नहीं मिली
प्राचार्य अरुण कुशवाह ने बताया कि उनके द्वारा जब भी छात्रावास का निरीक्षण किया गया, उस दौरान ऐसी शिकायत उनके सामने नहीं आई। हालांकि अधीक्षिका के पति के संबंध में शिकायत उनके पास आई थी और उन्होंने इसकी जानकारी अधीक्षिका को दी थी। प्राचार्य ने बताया कि छात्राओं द्वारा लगाए गए गंभीर आरोपों के बाद अधीक्षिका के पति सरदार भिड़े जो कातरखेड़ा स्कूल में अतिथि शिक्षक हैं, उन्हें वहां से भी हटाने की कार्रवाई की जाएगी।
अधीक्षिका ने दी सफाई, बोलीं-सभी आरोप झूठे हैं
वहीं जब अधीक्षिका अनीता भिड़े से छात्राओं द्वारा लगाए गए आरोपों के संबंध में पूछा गया तो उन्होंने इन आरोपों को गलत बताते हुए कहा कि यह सब झूठ है। अब एक ओर छात्राएं रोते हुए थाने पहुंचकर लिखित शिकायत और एफआईआर की मांग कर रही हैं, वहीं दूसरी ओर अधीक्षिका इन आरोपों को पूरी तरह खारिज कर रही हैं। ऐसे में पूरे मामले की निष्पक्ष जांच ही सच्चाई सामने ला सकती है। शाम 5.30 तक एसडीएम भी होस्टल में पूछताछ के लिए पहुंचे व निरीक्षण किया। वहीं एसडीएम ने कुछ भी कहने से मना किया।
तहसीलदार ने कहा- अधीक्षिका तत्काल प्रभाव से हटा दी गईं
तहसीलदार ललिता गड़रिया ने बताया कि छात्रावास की छात्रा की शिकायत प्राप्त हुई है। मामले में जिले से मिले मौखिक आदेश के आधार पर अधीक्षिका को तत्काल प्रभाव से हटा दिया गया है तथा छात्रावास में वैकल्पिक व्यवस्था प्राचार्य द्वारा कर दी गई है। अधीक्षिका के पति के संबंध में की गई शिकायत की जांच करवाई जाएगी।




