धर्म-संस्कृति

बच्चों में व्याप्त गणित का बुखार उतारने के लिए वैदिक गणित सबसे सरल, सहज और प्रभावी माध्यम – रवि आसरानी

शहर के गणित विषय के 50 शिक्षकों के लिए 120 घंटे आयोजित प्रशिक्षण का समापन, वैष्णव समूह के शिक्षक हुए शामिल

बच्चों में व्याप्त गणित का बुखार उतारने के लिए वैदिक गणित सबसे सरल, सहज और प्रभावी माध्यम – रवि आसरानी

शहर के गणित विषय के 50 शिक्षकों के लिए 120 घंटे आयोजित प्रशिक्षण का समापन, वैष्णव समूह के शिक्षक हुए शामिल

इंदौर । बच्चों को सबसे ज्यादा कठिन और जटिल विषय गणित ही लगता है लेकिन यदि वैदिक गणित की मदद ली जाए तो यह विषय और अधिक सरल एवं रोचक बन सकता है। गणित का बुखार बच्चों को शायद पहले दिन से ही सताने लगता है किन्तु जो लोग जानते हैं कि गणित के सूत्र और मंत्र जितने जटिल दिखाई देते हैं उतने हैं नहीं इसलिए वैदिक गणित की मदद से हम बच्चों के मन का भ्रम और बुखार उतार सकते हैं। गणित के बारे में कह सकते हैं कि जैसे मयूर के सिर पर मुकुट नहीं हो तो उसकी शोभा नहीं रहती, उसी तरह यदि किसी व्यक्ति को सभी शास्त्रों का ज्ञान हो लेकिन गणित का ज्ञान न हो तो उसकी भी शोभा नहीं रहेगी।

गणित को लेकर ऐसी अनेक दिलचस्प बातें हुई श्री वैष्णव समूह के चार प्रतिष्ठित विद्यालयों के करीब 50 शिक्षकों के लिए आयोजित वैदिक गणित के कुल 120 घंटे के प्रशिक्षण के समापन सत्र में। ओमनी वैदिक गणित संस्थान के संस्थापक एवं निर्देशक रवि आसरानी ने मुख्य प्रशिक्षक के रूप में क्लॉथ मार्केट वैष्णव बाल मंदिर, वैष्णव कन्या विद्यालय, वैष्णव एकेडमी और वैष्णव हा.से. स्कूल के पीआरटी, टीजीटी एवं पीजीटी शिक्षकों को प्रशिक्षण के समापन सत्र में उक्त बातें कही।

प्रशिक्षण के पश्चात आयोजित समापन समारोह स्वामी परमानन्द योग विश्वविध्यालय खंडवा रोड के योगाचार्य एवं चेयरमैन डॉ. ओमानंद के मुख्य आतिथ्य एवं राज्य शासन द्वारा राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के क्रियान्वन एवं समन्वय के लिए गठित शीर्ष समिति की सदस्य शिक्षाविद डॉ. सुनीता जोशी के विशेष आतिथ्य में राजमोहल्ला स्थित क्लॉथ मार्केट वैष्णव बाल मंदिर पर रखा गया जिसमें वैष्णव बाल मंदिर के चेयरमैन विष्णु पसारी, एकेडमिक डायरेक्टर आभा जौहरी, प्राचार्य अंशु माहेश्वरी, सचिव विजय आगर की मौजूदगी में आयोजित किया गया। अतिथियों ने सरस्वती एवं गणेश वन्दना के पश्चात दीप प्रज्वलन कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। वैदिक गणित के आद्य संशोधक और प्रणेता स्वामी भारती कृष्ण तीर्थ एवं युगपुरुष स्वामी परमानंद गिरि की प्रतिमाओं पर माल्यार्पण के पश्चात अतिथियों का पुष्प गुच्छ से स्वागत किया गया।

मुख्य प्रशिक्षक रवि आसरानी का परिचय देने के बाद उन्हें वैदिक गणित और फेकल्टी डेवलपमेंट प्रोग्राम पर उद्बोधन के लिए आमंत्रित किया गया जिसमें उन्होंने कहा कि वैदिक गणित प्राचीन भारतीय वेद प्रणीत गणित है जो अत्यंत ही रुचिकर और मजेदार माना जाता है। हमारे अनेक ऋषि मुनियों ने वेदों का गहन अध्ययन किया और कुछ ऐसे सूत्र ढूंढ निकाले जिनमें पूरा गणित समाहित है। 16 सूत्रों और 13 उपसूत्रों पर आधारित इस गणितीय प्रणाली को स्वामी भारती कृष्ण तीर्थ ने वैदिक गणित नाम दिया है। इन सूत्रों की मदद से गणित के कठिनतम प्रश्नों को भी बहुत सरलता से चुटकियों में हल किया जा सकता है। 120 घंटे के वैदिक गणित प्रशिक्षण में शिक्षकों ने वैदिक अंकगणित, बीजगणित, त्रिकोणमिति, निर्देशांक ज्यामिती, क्षेत्रमिति, सांख्यिकी, सम्मिश्र संख्या, अनुक्रम, श्रेणी, सारणिक, आव्यूह और कलन आदि का ज्ञान तन्मयता से आत्मसात किया।उन्होंने कहा कि आज का यह कार्यक्रम केवल फेकल्टी डेवलपमेंट प्रोग्राम के समापन का अवसर नहीं बल्कि मेरे लिए गुरु से प्राप्त ज्ञान को अपने शिष्यों तक और शिष्यों से समाज तक पहुँचाने की एक सुंदर यात्रा का पढाव है। उन्होंने ओमनी वैदिक गणित संस्थान की प्रशासक डॉ. मोनिका जैन का भी विशेष उल्लेख किया जिन्होंने इस कार्यक्रम की रूपरेखा बनाई। प्रशिक्षण के दौरान आभा जौहरी मैडम का भी उल्लेखनीय सहयोग रहा। आसरानी ने शिक्षकों से आग्रह किया कि वे इस ज्ञान को अपने तक सीमित नहीं रखें बल्कि इसे सभी विद्यार्थियों तक भी पहुंचाएं ताकि गुरु से मिले ज्ञान को जन-जन तक पहुँचाने की परम्परा जीवित रहे।

इस अवसर पर वैष्णव समूह के मनोज मालपानी, सुषमा मित्तल, आरती देश कुलकर्णी, ज्योति कानूनगो एवं वीणा शर्मा ने सभी शिक्षकों की ओर से इस प्रशिक्षण को लेकर अपनी प्रतिक्रियाएं व्यक्त की और कहा कि यह उनके लिए एक बहुत उपयोगी आयोजन साबित हुआ जिससे उन्होंने 5 हजार से अधिक बच्चों को वैदिक गणित के प्रति उत्सुक बनाया। सभी शिक्षकों ने डॉ. आसरानी के अध्यापन, प्रशिक्षण और प्रबन्धन के प्रति आभार व्यक्त किया। समापन अवसर पर मुख्य अतिथि डॉ. ओमानंद ने ध्यान, प्राणायाम एवं हास्यासन की अनूठी क्रियाएँ भी करवाई। उन्होंने भी वैदिक गणित की महत्ता बताई और विशिष्ट अतिथि डॉ. सुनीता जोशी ने भी कहा कि मानसिक स्वास्थ्य के लिए वैदिक गणित एक अच्छे टॉनिक का काम करता है। राष्ट्रीय शिक्षा नीति में बच्चों में रटने की प्रथा को समाप्त करने की दिशा में काम किया जा रहा है जो वैदिक गणित से ही संभव है। कार्यक्रम का समापन वैदिक गणित का प्रशिक्षण लेने वाले शिक्षकों को प्रमाण पत्र वितरण के साथ हुआ। अंत में वन्दना वर्मा ने आभार माना।

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