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खरगोन पॉक्सो कोर्ट का सख्त फैसला, वायरल गर्ल से शादी के आरोपी फरमान अली की अग्रिम जमानत खारिज

विशेष पॉक्सो न्यायालय ने आरोपों की गंभीरता और जांच की स्थिति का हवाला देते हुए अग्रिम जमानत याचिका निरस्त की।

मध्य प्रदेश के खरगोन जिले की विशेष पॉक्सो अदालत ने वायरल गर्ल से जुड़े मामले में आरोपी मोहम्मद फरमान अली की अग्रिम जमानत याचिका खारिज कर दी। अदालत ने आरोपों की गंभीरता और जांच की वर्तमान स्थिति को देखते हुए राहत देने से इनकार किया। मामले में अपहरण, बाल विवाह और एससी-एसटी एक्ट सहित विभिन्न धाराओं में प्रकरण दर्ज है।


विशेष पॉक्सो अदालत ने अग्रिम जमानत याचिका की खारिज

खरगोन। मध्य प्रदेश के खरगोन जिले की मंडलेश्वर स्थित विशेष पॉक्सो अदालत ने वायरल गर्ल को फिल्मों में काम दिलाने का झांसा देकर कथित रूप से अपहरण कर उससे विवाह करने के आरोपी उत्तर प्रदेश निवासी 25 वर्षीय मोहम्मद फरमान अली की अग्रिम जमानत याचिका बुधवार शाम खारिज कर दी। विशेष पॉक्सो न्यायालय के न्यायाधीश रवि जरोला ने बागपत (उत्तर प्रदेश) निवासी तथा वर्तमान में कोच्चि (केरल) में रह रहे मोहम्मद फरमान अली की पहली अग्रिम जमानत याचिका निरस्त करते हुए कहा कि आरोपों की गंभीरता और जांच की वर्तमान स्थिति को देखते हुए आरोपी को अग्रिम जमानत देने का कोई आधार नहीं बनता।

इन धाराओं में दर्ज है प्रकरण

अभियोजन के अनुसार आरोपी के विरुद्ध महेश्वर थाने में भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 137(2), 81, 83 एवं 87, बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम तथा अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम की धारा 3(2)(v) एवं 3(2)(va) के तहत मामला दर्ज किया गया है। पीड़िता के पिता का आरोप है कि मोहम्मद फरमान अली ने उनकी नाबालिग बेटी से मोबाइल फोन के माध्यम से संपर्क किया, उसे फिल्मों में काम दिलाने का झांसा दिया, हवाई जहाज से केरल ले गया और वहां उससे विवाह कर लिया।

जांच में सहयोग नहीं करने का भी आरोप

अभियोजन ने अदालत को बताया कि आरोपी युवती को केरल में अपने पास रखे रहा और उसे परिजनों से मिलने नहीं दिया। बाद में जब माता-पिता बेटी को अपने साथ ले जाना चाहते थे, तब भी आरोपी ने मना कर दिया। अभियोजन ने यह भी कहा कि आरोपी जांच में सहयोग नहीं कर रहा है और फरार है। ऐसे में अग्रिम जमानत मिलने पर उसके द्वारा साक्ष्यों से छेड़छाड़ करने अथवा गवाहों को प्रभावित करने की आशंका बनी हुई है।

डायरेक्टर सनोज मिश्रा सहित अन्य पर भी दर्ज है मामला

इस मामले से जुड़े घटनाक्रम में वायरल गर्ल ने 29 अप्रैल 2026 को डायरेक्टर सनोज मिश्रा और तीन अन्य के खिलाफ पॉक्सो एक्ट के तहत एफआईआर दर्ज कराई थी। एफआईआर के बाद केरल की एर्नाकुलम सेंट्रल पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की। पीड़िता ने आरोप लगाया कि नाबालिग रहने के दौरान फिल्म ‘द डायरी ऑफ मणिपुर’ की शूटिंग के समय डायरेक्टर सनोज मिश्रा ने अभिनय का अवसर दिलाने का झांसा देकर उसके साथ दुर्व्यवहार किया। मामले में केरल के विहिप नेता और वकील अनिल विलायल का नाम भी शामिल है। पीड़िता ने उन पर सोशल मीडिया के माध्यम से बदनामी करने का आरोप लगाया है। अन्य दो आरोपियों के नामों का फिलहाल खुलासा नहीं किया गया है।

 

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