भोपाल में रेलवे के नए सख्त नियम लागू, धूम्रपान से बिना टिकट यात्रा तक बढ़े जुर्माने, लापरवाही पर जेल का भी प्रावधान
पश्चिम मध्य रेलवे के भोपाल मंडल ने 20 जून 2026 से संशोधित नियम लागू किए, कई उल्लंघनों पर जुर्माना और दंड राशि में भारी बढ़ोतरी।

सत्याग्रह लाइव। भारतीय रेल ने यात्रियों की सुरक्षा, स्वच्छता और अनुशासन को मजबूत करने के लिए रेलवे अधिनियम 1989 की विभिन्न धाराओं में संशोधन लागू कर दिए हैं। भोपाल मंडल में 20 जून 2026 से नए नियम प्रभावी हो गए हैं। धूम्रपान, बिना टिकट यात्रा, महिला कोच में प्रवेश, गंदगी फैलाने और खतरनाक वस्तुएं लाने जैसे मामलों में जुर्माना कई गुना बढ़ा दिया गया है।
भारतीय रेल ने जन विश्वास (संशोधन उपबंध) अधिनियम 2026 के अंतर्गत रेलवे अधिनियम 1989 की विभिन्न धाराओं में संशोधन किए हैं। पश्चिम मध्य रेलवे के भोपाल मंडल द्वारा जारी निर्देशों के अनुसार यह बदलाव 20 जून 2026 से तत्काल प्रभाव से लागू हो गए हैं। इन संशोधनों का उद्देश्य यात्रियों को सुरक्षित, स्वच्छ और सुव्यवस्थित वातावरण उपलब्ध कराना तथा रेलवे परिसरों में अनुशासन सुनिश्चित करना है।
धूम्रपान, बिना टिकट यात्रा और दूसरे के टिकट पर सफर पर सख्ती
ट्रेनों या रेलवे परिसर में धूम्रपान करने पर अब 2,000 रुपये का दंड लगाया जाएगा। दंड का भुगतान नहीं करने पर मामला बढ़ने की स्थिति में 5,000 रुपये तक का जुर्माना लगाया जा सकता है। धारा 137 और 138 के तहत बिना टिकट यात्रा, उसका प्रयास और अनियमित यात्रा के मामलों में न्यूनतम अतिरिक्त प्रभार 250 रुपये से बढ़ाकर 500 रुपये कर दिया गया है। भुगतान नहीं करने पर सीधे न्यायालयीन कार्रवाई होगी। धारा 142 के तहत दूसरे यात्री के नाम पर जारी टिकट पर यात्रा करते पाए जाने पर टिकट जब्त कर लिया जाएगा और टिकट किराये के बराबर अतिरिक्त शुल्क या न्यूनतम 500 रुपये का दंड देना होगा।
महिला कोच, उपद्रव और गंदगी फैलाने पर बढ़ा दंड
धारा 162 के तहत महिलाओं के लिए आरक्षित डिब्बे, बर्थ या प्रतीक्षालय में किसी पुरुष यात्री के अनधिकृत प्रवेश पर 2,500 रुपये का दंड लगाया जाएगा। भुगतान नहीं करने पर न्यायालय 5,000 रुपये तक का जुर्माना लगा सकता है। धारा 145 के तहत नशे की हालत में यात्रियों को परेशान करने या अश्लील भाषा का प्रयोग करने पर 1,000 रुपये तक का जुर्माना लगेगा। बार-बार ऐसा करने पर 5,000 रुपये का जुर्माना या छह माह की जेल हो सकती है। धारा 155 के तहत रेलवे संपत्ति को नुकसान पहुंचाने या गंदगी फैलाने पर 1,000 से 2,000 रुपये तक का जुर्माना लगाया जाएगा। भुगतान नहीं करने पर न्यायालय 3,000 रुपये तक का जुर्माना लगा सकता है।
अनधिकृत प्रवेश, गलत पार्किंग और स्टाफ से उलझने पर कार्रवाई
यात्री क्षेत्र में बिना अनुमति प्रवेश करने और बाहर जाने से इंकार करने पर 500 रुपये का दंड लगेगा। आदेश नहीं मानने पर 5,000 रुपये तक का जुर्माना या तीन महीने की कैद हो सकती है। ट्रेन में बिना अनुमति सामान बेचने, फेरी लगाने या भीख मांगने पर 2,000 रुपये का दंड तय किया गया है, जिसे न्यायालय 5,000 रुपये तक बढ़ा सकता है या कारावास दे सकता है। रेलवे कर्मचारी के काम में बाधा डालने पर 2,500 रुपये तक का जुर्माना या तीन माह तक की जेल का प्रावधान है। रेलवे परिसर में गलत पार्किंग, वन-वे नियम तोड़ने या स्टाफ के निर्देशों की अवहेलना करने पर 500 रुपये का दंड लगेगा।
खतरनाक वस्तुओं पर सबसे बड़ा जुर्माना, यात्रियों से नियम पालन की अपील
ट्रेन या स्टेशन पर आपत्तिजनक अथवा खतरनाक वस्तुएं लाने पर न्यूनतम 10,000 रुपये का जुर्माना लगाया जाएगा और नुकसान की भरपाई भी करनी होगी। रेलवे की सूचनाओं या बोर्ड को नुकसान पहुंचाने पर पहली बार 2,000 रुपये और दोबारा ऐसा करने पर 5,000 रुपये तक का जुर्माना या कारावास का प्रावधान है। वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक सौरभ कटारिया ने बताया, “लंबे समय से अपरिवर्तित दंड राशियों को वर्तमान परिस्थितियों के अनुरूप संशोधित किया गया है। इसका मुख्य उद्देश्य यात्रियों में नियमों के प्रति जागरूकता बढ़ाना और व्यवस्था को सुदृढ़ करना है।” भोपाल मंडल ने सभी यात्रियों से सुरक्षित, स्वच्छ और अनुशासित यात्रा के लिए नियमों का पालन करने का अनुरोध किया है।



