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अनुकंपा नियुक्ति वाला क्लर्क निकला करोड़पति, EOW का छापा 2.48 करोड़ की संपत्ति का खुलासा।

क्लर्क की काली कमाई का खुलासा आय से 290% ज्यादा संपत्ति, नकदी-जेवर और तीन वाहन मिले। इंदौर वनवृत्त में भी संपत्तियों को लेकर सवाल:

अनुकंपा नियुक्ति वाला क्लर्क निकला करोड़पति, EOW का छापा 2.48 करोड़ की संपत्ति का खुलासा।
क्लर्क की काली कमाई का खुलासा आय से 290% ज्यादा संपत्ति, नकदी-जेवर और तीन वाहन मिले।
आशीष यादव मंडला/इंदौर/धार
जबलपुर EOW की टीम ने बुधवार सुबह पश्चिम सामान्य वन मंडल मंडला में पदस्थ लिपिक श्वेतांक चौरसिया के राज राजेश्वरी वार्ड स्थित घर पर छापेमार कार्रवाई की। EOW को शिकायत मिली थी कि लिपिक ने अपनी आय के ज्ञात स्रोतों से अधिक संपत्ति अर्जित की है। शिकायत के आधार पर टीम ने सुबह उनके आवास पर दबिश दी और जांच शुरू की।छापे के दौरान EOW की टीम ने घर में मौजूद दस्तावेज, संपत्ति से जुड़े कागजात, बैंक रिकॉर्ड और अन्य वित्तीय दस्तावेजों की जांच शुरू की। टीम लिपिक की घोषित आय और उनके द्वारा अर्जित संपत्तियों का मिलान कर रही है। प्रारंभिक जांच में करीब 290 प्रतिशत आय से अधिक संपत्ति पाए जाने की बात सामने आई है। हालांकि, संपत्ति और आय की वास्तविक गणना जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट होगी जबलपुर से पहुंची 14 सदस्यीय टीम की कार्रवाई से वन विभाग में हड़कंप मच गया। प्रारंभिक जांच में लिपिक की घोषित आय की तुलना में संपत्ति और खर्च काफी अधिक पाए जाने का दावा किया गया है। जांच दल के अनुसार यह अंतर करीब 290 प्रतिशत तक पहुंच सकता है।
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20 साल पहले अनुकंपा नियुक्ति, अब संपत्ति की जांच:
बताया गया कि श्वेतांक चौरसिया को करीब 20 वर्ष पहले वन विभाग में अनुकंपा नियुक्ति मिली थी। आय से अधिक संपत्ति को लेकर मिल रही शिकायतों के बाद आर्थिक अपराध जांच दल ने गोपनीय जांच की। प्रारंभिक जांच में तथ्यों की पुष्टि होने के बाद मंडला न्यायालय से तलाशी आदेश प्राप्त कर कार्रवाई की गई। कार्रवाई का नेतृत्व उप पुलिस अधीक्षक स्वर्णजीत सिंह धामी और मंजीत सिंह ने किया। टीम में निरीक्षक, प्रधान आरक्षक और अन्य पुलिसकर्मी शामिल रहे। निष्पक्षता के लिए दो राजपत्रित अधिकारियों को गवाह बनाया गया। सुरक्षा और स्वास्थ्य व्यवस्था के लिए पुलिस बल तथा चिकित्सा दल भी मौके पर मौजूद रहा।
मकान, 50 लाख की दुकान और तीन वाहन:
तलाशी के दौरान आलीशान मकान के साथ करीब 50 लाख रुपए कीमत की दुकान की जानकारी सामने आने की बात कही गई है। घर से लगभग 5 लाख रुपए नकद, 3 से 4 किलोग्राम चांदी और 150 से 200 ग्राम सोने के आभूषण मिलने की जानकारी है। इसके अलावा तीन चार पहिया वाहन, चार बैंक खातों की जानकारी, बीमा योजनाओं, बैंक लॉकर और सावधि जमा से जुड़े दस्तावेज भी जांच के घेरे में हैं।
दुकान के भुगतान की भी पड़ताल:
जांच दल के अनुसार पूरी नौकरी के दौरान लिपिक की वैध आय करीब 55 से 60 लाख रुपए आंकी गई है। हाल में खरीदी गई दुकान के भुगतान को लेकर भी जांच की जा रही है। अधिकारियों को आशंका है कि सौदे में बड़ी रकम नकद दी गई हो सकती है। संपत्ति का मूल्य कम दर्शाकर कर बचाने की संभावित गड़बड़ी की भी जांच की जा रही है।
पत्नी के व्यवसाय की जानकारी भी जुटाई:
तलाशी के दौरान लिपिक की पत्नी द्वारा सौंदर्य प्रसाधन केंद्र संचालित किए जाने की जानकारी भी सामने आई। जांच दल इस व्यवसाय से जुड़े दस्तावेज और आय के स्रोतों की भी पड़ताल कर रहा है।अधिकारियों के अनुसार बैंक खातों, लॉकर और संपत्तियों से जुड़े दस्तावेजों का मूल्यांकन पूरा होने के बाद ही वास्तविक संपत्ति और आय के अंतर का स्पष्ट आंकड़ा सामने आएगा।
जांच जारी, कार्रवाई से वन विभाग में हड़कंप:
EOW की कार्रवाई अभी जारी है। टीम द्वारा दस्तावेजों और संपत्तियों की विस्तृत जांच की जा रही है। अधिकारियों के मुताबिक जांच पूरी होने के बाद ही कथित आय से अधिक संपत्ति की वास्तविक स्थिति और कुल संपत्ति का स्पष्ट आंकड़ा सामने आएगा। इस कार्रवाई के बाद मंडला के वन विभाग के साथ प्रदेश भर के वन विभाग में हड़कंप की स्थिति बनी हुई है। EOW डीएसपी मंजीत सिंह चावला ने मौके पर चल रही कार्रवाई से जुड़ी जानकारी दी।
इंदौर वनवृत्त में भी संपत्तियों को लेकर सवाल:
मंडला में आर्थिक अपराध जांच दल की कार्रवाई के बाद इंदौर वन वृत्त में भी कुछ अधिकारियों-कर्मचारियों की कथित आय से अधिक संपत्ति को लेकर चर्चाएं तेज हैं। धार में पूर्व में लोकायुक्त की कार्रवाई हो चुकी है। सूत्रों के अनुसार इंदौर और धार के कुछ कर्मचारियों को लेकर गोपनीय शिकायतें भी की गई हैं।आरोप है कि कुछ कर्मचारी नौकरी के साथ संपत्ति संबंधी गतिविधियों में सक्रिय हैं,जबकि कुछ वनरक्षकों के पास उनकी आय की तुलना में करोड़ों रुपए मूल्य की जमीन और अन्य संपत्तियां होने की शिकायतें सामने आई हैं ऐसी चर्चा है। संबंधित संपत्तियों के दस्तावेज उपलब्ध होने का भी दावा किया जा रहा है। हालांकि,इन आरोपों की पुष्टि जांच एजेंसी की कार्रवाई और आधिकारिक जांच के बाद ही हो सकेगी।

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