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शिवपुरी में 70 बोरी डीएपी जब्त, मध्य प्रदेश के कई जिलों में खाद संकट से किसानों का बढ़ा आक्रोश

खरीफ सीजन के बीच यूरिया और डीएपी की कमी, ई-टोकन व्यवस्था की परेशानी और कालाबाजारी के आरोपों के बीच प्रशासन ने शिवपुरी में बड़ी कार्रवाई की।

सत्याग्रह लाइव। मध्य प्रदेश में खरीफ सीजन के दौरान कई जिलों में खाद संकट गहराने से किसान परेशान हैं। यूरिया और डीएपी के लिए लंबा इंतजार करना पड़ रहा है। कई स्थानों पर विरोध प्रदर्शन और चक्काजाम हुए हैं। इसी बीच शिवपुरी में प्रशासन ने 70 बोरी डीएपी से भरी ट्रैक्टर-ट्रॉली जब्त कर कालाबाजारी के खिलाफ कार्रवाई की है।

मध्य प्रदेश में खरीफ सीजन की शुरुआत के साथ ही यूरिया और डीएपी की किल्लत सामने आ रही है। सीहोर, गुना, बैतूल, आगर-मालवा, टीकमगढ़, रीवा-सतना, छतरपुर, सिंगरौली, रीवा और नीमच समेत कई जिलों में किसानों को खाद के लिए घंटों से लेकर कई दिनों तक इंतजार करना पड़ रहा है। किसानों का कहना है कि पर्याप्त मात्रा में खाद उपलब्ध नहीं हो पा रही है, जिससे खेती प्रभावित हो रही है।

विरोध प्रदर्शन और ई-टोकन व्यवस्था बनी परेशानी

छतरपुर में कृषि विभाग के अनुसार मांग के मुकाबले केवल 21.66 प्रतिशत खाद की आपूर्ति होने से किसानों की परेशानी बढ़ी है। ई-टोकन और स्लॉट बुकिंग व्यवस्था तकनीकी समस्याओं के कारण बाधित हो रही है। सर्वर डाउन होने और तकनीकी जानकारी के अभाव में किसानों को 40 से 50 किलोमीटर दूर से पैदल और साइकिल से खाद केंद्रों तक पहुंचना पड़ रहा है। गुना, रीवा, सिंगरौली और नीमच में किसानों ने विरोध प्रदर्शन किया, जबकि कुछ स्थानों पर हाईटेंशन टॉवर पर चढ़कर भी नाराजगी जताई।

कालाबाजारी के आरोप और सरकार का दावा

किसानों का आरोप है कि सरकारी केंद्रों पर खाद नहीं मिलने से उन्हें निजी दुकानों से अधिक कीमत पर खाद खरीदने या महंगे उत्पाद लेने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है। दूसरी ओर, सरकार और कृषि विभाग का दावा है कि राज्य में पर्याप्त खाद उपलब्ध है और वितरण क्षमता बढ़ाई जा रही है। राज्य सरकार ने गैर-सब्सिडी वाले उर्वरकों पर प्रतिबंध लगाने के साथ सस्ते खाद के साथ महंगा खाद थोपने वालों पर कार्रवाई की बात कही है।

शिवपुरी में 70 बोरी डीएपी जब्त, आरोपी फरार

शिवपुरी के तेंदुआ थाना क्षेत्र के ग्राम लेवा में प्रशासन, पुलिस और कृषि विभाग की संयुक्त टीम ने 70 बोरी डीएपी उर्वरक से भरी एक ट्रैक्टर-ट्रॉली जब्त की। कार्रवाई के दौरान ट्रैक्टर चालक रिंकू धाकड़ और उसका एक अज्ञात साथी अंधेरे का फायदा उठाकर मौके से फरार हो गए। 23 जून की रात करीब एक बजे जांच के दौरान परिवहन, खरीद या बिक्री से संबंधित कोई वैध बिल, चालान या दस्तावेज नहीं मिले। कृषि विभाग ने उर्वरक के सैंपल लेकर प्रयोगशाला भेज दिए हैं।

पुलिस ने दर्ज किया मामला, जांच जारी

तेंदुआ थाना प्रभारी नीतू सिंह धाकड़ ने बताया कि वरिष्ठ कृषि विकास अधिकारी एवं उर्वरक निरीक्षक कल्लू कोली की शिकायत पर रिंकू धाकड़ और एक अज्ञात आरोपी के खिलाफ अवैध परिवहन, कालाबाजारी और धोखाधड़ी की आशंका के तहत मामला दर्ज किया गया है। पुलिस फरार आरोपियों की तलाश कर रही है और खाद की वैधता की अंतिम पुष्टि लैब रिपोर्ट आने के बाद होगी।

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