धारमध्यप्रदेशसरकारी हलचल
हादसों वाले पॉइंट पर पहुंची सड़क सुरक्षा टीम, अब ब्लैक स्पॉट सुधारने की कवायद NH-47 पर हादसों के ब्लैक स्पॉट का निरीक्षण, सुरक्षा खामियां दूर करने के निर्देश।
धुलेट फाटा से बोधवाड़ा तक अधिकारियों ने लिया जायजा, साइनेज, रोड मार्किंग, लाइटिंग, डिवाइडर और कट की स्थिति जांची।

हादसों वाले पॉइंट पर पहुंची सड़क सुरक्षा टीम, अब ब्लैक स्पॉट सुधारने की कवायद NH-47 पर हादसों के ब्लैक स्पॉट का निरीक्षण, सुरक्षा खामियां दूर करने के निर्देश
धुलेट फाटा से बोधवाड़ा तक अधिकारियों ने लिया जायजा, साइनेज, रोड मार्किंग, लाइटिंग, डिवाइडर और कट की स्थिति जांची।
आशीष यादव धार।
इंदौर-अहमदाबाद राष्ट्रीय राजमार्ग NH-47 पर लगातार दुर्घटनाओं की आशंका वाले ब्लैक स्पॉट और दुर्घटना संभावित क्षेत्रों में अब सड़क सुरक्षा के इंतजामों की जमीनी पड़ताल की जा रही है। सड़क दुर्घटनाओं पर अंकुश लगाने और वाहन चालकों व यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के उद्देश्य से सड़क सुरक्षा उपसमिति ने गुरुवार को राजमार्ग के विभिन्न चिन्हित स्थानों का संयुक्त निरीक्षण किया।निरीक्षण के दौरान जिला परिवहन विभाग, पुलिस, लोक निर्माण विभाग तथा भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) के अधिकारी-कर्मचारी मौके पर पहुंचे। टीम ने धुलेट फाटा, चौधरी ढाबा, फूलगांवड़ी फाटा, भेरू चौकी, मांगोद फाटा और बोधवाड़ा सहित अन्य दुर्घटना संभावित स्थानों का बारीकी से जायजा लिया। अधिकारियों ने मौके पर सड़क की स्थिति, वाहनों की आवाजाही, कट, डिवाइडर और यातायात व्यवस्था का निरीक्षण कर दुर्घटनाओं के संभावित कारणों को समझने का प्रयास किया।

सड़क इंजीनियरिंग से लेकर साइनेज तक की जांच:
उपसमिति ने निरीक्षण के दौरान केवल सड़क की स्थिति ही नहीं, बल्कि दुर्घटनाओं को रोकने के लिए जरूरी तमाम सुरक्षा इंतजामों की उपलब्धता और स्थिति का परीक्षण किया। टीम ने रोड इंजीनियरिंग, साइनेज बोर्ड, रिफ्लेक्टर, गति सीमा संकेतक, स्ट्रीट लाइट एवं प्रकाश व्यवस्था, रोड मार्किंग, कैट्स आई, डिवाइडर और सड़क कट सहित अन्य सुरक्षा सुविधाओं को देखा। कई स्थानों पर यह भी देखा गया कि वाहन चालकों को आगे आने वाले कट, मोड़, दुर्घटना संभावित क्षेत्र अथवा गति सीमा की पर्याप्त जानकारी समय रहते मिल रही है या नहीं। सड़क सुरक्षा की दृष्टि से जरूरी संकेतकों और अन्य सुविधाओं की स्थिति का मौके पर परीक्षण कर आवश्यक सुधारों को चिन्हित किया गया।
ब्लैक स्पॉट पर सुधारात्मक कदम उठाने के निर्देश:
निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने दुर्घटना संभावित क्षेत्रों में मौजूद सड़क सुरक्षा संबंधी कमियों को चिन्हित किया। उपसमिति ने संबंधित विभागों को आपसी समन्वय के साथ आवश्यक सुधारात्मक एवं सुरक्षात्मक कार्यवाही करने के निर्देश दिए। विशेष रूप से जहां सड़क इंजीनियरिंग, प्रकाश व्यवस्था, रोड मार्किंग, रिफ्लेक्टर अथवा संकेतक संबंधी कमियां हैं, वहां उन्हें दूर करने पर जोर दिया गया। अधिकारियों का कहना है कि ब्लैक स्पॉट पर केवल दुर्घटना होने के बाद कार्रवाई करने के बजाय पहले से मौजूद जोखिमों को चिन्हित कर उन्हें दूर करना जरूरी है। इसी उद्देश्य से मौके पर स्थिति का आकलन कर संबंधित विभागों को आवश्यक कार्रवाई के लिए निर्देशित किया गया।
सड़क सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने पर जोर:
NH-47 इंदौर-अहमदाबाद मार्ग जिले के प्रमुख व्यस्त मार्गों में शामिल है। इस मार्ग पर बड़ी संख्या में छोटे-बड़े वाहन गुजरते हैं। ऐसे में ब्लैक स्पॉट पर सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करना दुर्घटनाओं को रोकने के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है। उपसमिति द्वारा किए गए निरीक्षण के बाद संबंधित विभागों के बीच समन्वय से सुधारात्मक कार्यवाही किए जाने की उम्मीद है।
सड़क सुरक्षा उपसमिति का उद्देश्य चिन्हित ब्लैक स्पॉट और दुर्घटना संभावित क्षेत्रों में मौजूद खामियों को दूर कर सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाना तथा वाहन चालकों और आमजन की यात्रा को अधिक सुरक्षित बनाना है। निरीक्षण के दौरान चिन्हित बिंदुओं पर आगामी कार्रवाई को लेकर संबंधित विभागों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।




