धारप्रशासनरोजगारसरकारी हलचल

ऑनलाइन अटेंडेंस का बहिष्कार : ऑनलाइन हाजिरी पर वनकर्मियों का विरोध तेज: 31 अगस्त तक समाधान नहीं तो 1 सितंबर से बहिष्कार, ऐप भी करेंगे अनइंस्टॉल

24 घंटे ड्यूटी करने वाले फील्ड स्टाफ का सवाल—ऑनलाइन हाजिरी का समय कौन तय करेगा? अवकाश, अतिरिक्त वेतन, मोबाइल-डेटा और तकनीकी काम को लेकर भी उठाई आवाज

ऑनलाइन अटेंडेंस का बहिष्कार :

ऑनलाइन हाजिरी पर वनकर्मियों का विरोध तेज: 31 अगस्त तक समाधान नहीं तो 1 सितंबर से बहिष्कार, ऐप भी करेंगे अनइंस्टॉ

24 घंटे ड्यूटी करने वाले फील्ड स्टाफ का सवाल—ऑनलाइन हाजिरी का समय कौन तय करेगा? अवकाश, अतिरिक्त वेतन, मोबाइल-डेटा और तकनीकी काम को लेकर भी उठाई आवा

आशीष यादव धार।

वनमंडल धार में फील्ड स्टाफ की ऑनलाइन उपस्थिति व्यवस्था को लेकर वनकर्मियों का विरोध तेज हो गया है। मध्यप्रदेश राज्य कर्मचारी संघ, वन विभाग प्रकोष्ठ ने ऑनलाइन हाजिरी लागू करने से पहले कर्मचारियों की व्यावहारिक और तकनीकी समस्याओं का समाधान करने की मांग उठाई है। संघ ने वनमंडलाधिकारी के नाम ज्ञापन एसडीओ सुरेश बरोले को सौंपकर 31 अगस्त तक लिखित समाधान देने की मांग की है। मांगें पूरी नहीं होने पर कर्मचारियों ने 1 सितंबर से ऑनलाइन अटेंडेंस का पूर्ण बहिष्कार करने और दबाव बनाए जाने पर हड़ताल की चेतावनी दी है।

24 घंटे ड्यूटी, फिर ऑनलाइन हाजिरी का समय कैसे तय होगा?
संघ जिलाध्यक्ष विनोद राठौर के नेतृत्व में सौंपे ज्ञापन में कहा गया कि वन विभाग का फील्ड स्टाफ जंगल की सुरक्षा के लिए 24 घंटे और सालभर ड्यूटी करता है। ऐसे में कार्यालयों की तरह ऑनलाइन लॉग इन और लॉग आउट का निश्चित समय तय करना व्यावहारिक नहीं है। कर्मचारियों ने सवाल उठाया कि यदि समय निर्धारित किया जाता है तो बीट और सबरेंज में दूसरी व तीसरी पाली की जिम्मेदारी कौन संभालेगा। उन्होंने कार्यालयीन कर्मचारियों की तरह शासकीय अवकाश का लाभ देने की भी मांग की।

365 दिन ड्यूटी तो एक माह का अतिरिक्त वेतन भी मिले
वनकर्मियों का कहना है कि ऑनलाइन ड्यूटी का निर्धारित समय पूरा होने के बाद भी जंगल में अवैध गतिविधियों की सूचना मिलने पर उन्हें मौके पर जाना पड़ता है। ऐसी स्थिति में कार्रवाई या रिकवरी का खतरा कर्मचारियों पर नहीं डाला जाना चाहिए। संघ ने 365 दिन ड्यूटी करने वाले वनकर्मियों को पुलिस विभाग की तर्ज पर एक माह का अतिरिक्त वेतन देने की मांग की है। ड्यूटी समाप्त होने के बाद आपात स्थिति में बुलाए जाने पर अतिरिक्त भत्ता देने की मांग भी रखी गई है।

मोबाइल और इंटरनेट खर्च भी विभाग उठाए
ज्ञापन में फील्ड स्टाफ को शासकीय काम के लिए मोबाइल फोन और इंटरनेट डेटा उपलब्ध कराने की मांग की गई। संघ ने कहा कि वनरक्षक का पद गैर-तकनीकी श्रेणी में होने के बावजूद उनसे केएमएल फाइल तैयार करने, सीमांकन और वन सुविधा ऐप सहित कई तकनीकी कार्य कराए जा रहे हैं। कर्मचारियों ने तकनीकी कार्य सौंपने से पहले विधिवत प्रशिक्षण देने की मांग की है।

अनइंस्टॉल कर बहिष्कार करेंगे
संघ ने आरोप लगाया कि वनरक्षक ऐप शासन स्तर से स्वीकृत नहीं है, इसे धार वनमंडल में जबरन लागू किया जा रहा है। मांग पूरी न होने पर कर्मचारी इसे अनइंस्टॉल कर बहिष्कार करेंगे। कर्मचारियों का कहना है कि ऑनलाइन व्यवस्था से अवकाश के दिनों में भी उन्हें अनावश्यक रूप से परेशान किया जाएगा। संघ ने स्पष्ट किया है कि 31 अगस्त तक लिखित आश्वासन न मिलने पर 1 सितंबर से ऑनलाइन अटेंडेंस का पूर्ण बहिष्कार किया जाएगा।

एक तारीख से बहिष्कार:
संघ ने स्पष्ट किया कि 1 सितंबर से ऑनलाइन अटेंडेंस का पूर्ण बहिष्कार किया जाएगा। ज्ञापन के दौरान संभागीय अध्यक्ष राजेंद्र राठौर, जिला अध्यक्ष विनोद राठौर , राहुल सोलंकी, आकाश बडेरा, अमित मालवीय, चेतना कुशवाह ,जानू वास्केल, अनिता सिसोदिया, विजेन्द्र बामनिया, गोकुल नर्गेश, जगदीश मालवीय, कमल बघेल, अनिल कटारे, जितेन्द्र चौधरी, रितेश त्रिवेदी, प्रताप गोयल, वैभव शर्मा, सुरेंद्र सोलंकी, रमेश मेड़ा, अमन टैगोर, रमेश पटेल, लक्ष्मण भवेल,  शरद सोलंकी, मनोहर मेड़ा, धनसिंह मुवेल, गणपत मुवेल, राकेश दामके, सुशील यादव बड़ी संख्या में वन कर्मचारी मौजूद रहे।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button
error: Content is protected !!