इंदौर में जन विश्वास अभियान की अनदेखी पर इंजीनियर सस्पेंड, दूसरे की बर्खास्तगी से निगम में कार्रवाई तेज
शिकायत पर मौका निरीक्षण नहीं करने पर शिवराज यादव के खिलाफ विभागीय जांच शुरू, लालराम मेहरा को भी सेवा से हटाया

इंदौर में मुख्यमंत्री जन विश्वास अभियान के तहत शिकायतों के त्वरित निराकरण में लापरवाही पर नगर निगम ने कार्रवाई की है। एक इंजीनियर को निलंबित और दूसरे को बर्खास्त किया गया। पेयजल शिकायत पर मौका निरीक्षण और समय पर निराकरण नहीं करने को गंभीर लापरवाही माना गया।
बंबई की चाल में स्वच्छ पानी की शिकायत
निगम कमिश्नर क्षितिज सिंघल ने जोन-9 में पदस्थ सब इंजीनियर व प्रभारी सहायक इंजीनियर (जलप्रदाय) शिवराज यादव को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया। शुक्रवार को जारी आदेश के अनुसार, 21 अगस्त को जोन-9 के निरीक्षण के दौरान बंबई की चाल, न्यू देवास रोड के रहवासियों ने घरेलू पेयजल कनेक्शन के जरिए स्वच्छ पानी उपलब्ध कराने की शिकायत की थी।
निरीक्षण के दौरान सामने आया कि शिकायत पर न तो मौका निरीक्षण किया गया और न ही उसका निराकरण कराया गया। निगम कमिश्नर ने इसे मुख्यमंत्री जन विश्वास अभियान के तहत वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा दिए गए निर्देशों की अवहेलना माना।
शिवराज यादव पर लापरवाही और अनुशासनहीनता के आरोप
शिवराज यादव जोन-9 में जलप्रदाय व्यवस्था के प्रभारी थे। उन पर रहवासियों की पेयजल संबंधी शिकायत का समय पर निराकरण नहीं कराने, शिकायत की जांच के लिए मौका निरीक्षण नहीं करने और वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देशों के बावजूद शिकायतों के त्वरित निराकरण में रुचि नहीं लेने के आरोप हैं। इसे पदीय दायित्व के प्रति लापरवाही और अनुशासनहीनता माना गया।
आदेश में बताया गया है कि शिवराज यादव ने अपने पदीय दायित्व का समुचित तरीके से निर्वहन नहीं किया। उनके खिलाफ मध्यप्रदेश सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियम, 1966 के नियम-9 के तहत निलंबन की कार्रवाई की गई है। उनके खिलाफ विभागीय जांच भी शुरू की गई है।
निलंबन अवधि में ट्रेचिंग ग्राउंड रहेगा मुख्यालय
निलंबन अवधि में शिवराज यादव का मुख्यालय ट्रेचिंग ग्राउंड रहेगा और उन्हें नियमानुसार निलंबन भत्ता मिलेगा। ट्रेचिंग ग्राउंड के प्रभारी अधिकारी को उनकी उपस्थिति की नियमित निगरानी और नियंत्रण के निर्देश दिए गए हैं।
लालराम मेहरा भी बर्खास्त
निगम कमिश्नर क्षितिज सिंघल ने इंजीनियर लालराम मेहरा को भी बर्खास्त कर दिया है। निगम की ओर से उनके खिलाफ की गई कार्रवाई के पीछे विभागीय स्तर पर सामने आई लापरवाही को आधार बनाया गया है।
शिकायतों के त्वरित निराकरण पर अभियान का जोर
राज्य शासन ने 7 अगस्त 2026 से मुख्यमंत्री जन विश्वास अभियान-2026 शुरू किया है। इसके तहत अधिकारियों को क्षेत्र का भ्रमण करने, निरीक्षण करने और लोगों से सीधे संवाद कर उनकी शिकायतों का त्वरित निराकरण कराने के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही शासकीय योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन की मॉनिटरिंग और लोक सेवाओं को निर्धारित समय-सीमा में उपलब्ध कराने पर जोर दिया गया है।




