राजा भोज की नगरी में कल निकलेगी धारनाथ की सवारी, शाही पालकी में देंगे भक्तों को आशीष, साथ निकलेगा भव्य झांकियों का कारवां।
आस्था का सैलाब… शाही पालकी में नगर भ्रमण करेंगे बाबा धारनाथ राजा भोज ने की थी धारनाथ की स्थापना,

राजा भोज की नगरी में कल निकलेगी धारनाथ की सवारी, शाही पालकी में देंगे भक्तों को आशीष, साथ निकलेगा भव्य झांकियों का कारवां।
आस्था का सैलाब… शाही पालकी में नगर भ्रमण करेंगे बाबा धारनाथ राजा भोज ने की थी धारनाथ की स्थापना,
आशीष यादव, धार
धार की ऐतिहासिक और धार्मिक परंपराओं में भगवान धारनाथ की शाही सवारी का विशेष स्थान है। करीब 500 वर्षों से चली आ रही यह परंपरा आज भी उसी श्रद्धा और भव्यता के साथ निभाई जा रही है। स्टेटकाल से निकलने वाला धारनाथ का छबिना न केवल आस्था का प्रतीक है, बल्कि धार की ऐतिहासिक पहचान और सांस्कृतिक विरासत को भी जीवंत करता है। मान्यता है कि बाबा धारनाथ नगर भ्रमण के दौरान श्रद्धालुओं को आशीर्वाद देते हुए उनके हाल-चाल जानने निकलते हैं। प्रदेश में उज्जैन की सवारी के बाद धार के धारनाथ की सवारी की अपनी अलग पहचान है। भगवान धारनाथ का शाही छबीना कल शाही तरीके से निकाला जाएगा। ऐसी मान्यता है कि भगवान धारनाथ साल में एक बार अपनी प्रजा का हाल जानने के लिए नगर भ्रमण पर निकलते हैं। इस आयोजन को लेकर तैयारियां पूर्ण हो चुकी हैं। गार्ड ऑफ ऑनर पेश करने के साथ भगवान धारनाथ का छबीने का चल समारोह सोमवार दोपहर 4 बजे शुरू होगा। इसमें हजारों की संख्या में लोग शामिल होंगे। इसके अलावा इसमें कई झांकियां, अखाड़े और शिवडोले शामिल होंगे। शहर में बड़े आयोजन के मद्देनजर सुचारू यातायात व्यवस्था की गई है। गौरतलब है कि भगवान धारनाथ राजाधिराज कहलाते हैं। राजा भोज के समय में स्थापित भगवान धारनाथ की शिवलिंग की स्थापना की गई थी। जब मुगलों ने मंदिर पर आक्रमण किया तो धारेश्वर महादेव मंदिर में भी तोडफोड़ कर शिवलिंग को नुकसान पहुंचाने का प्रयास किया गया, लेकिन भगवान धारनाथ के चमत्कार देखकर मुगल आक्रांता उल्टे पैर भाग खड़े हुए और मंदिर आज भी यथावत है। वही राजवंश की परंपरा अनुसार भगवान धारनाथ सावन सोमवार की समाप्ति के बाद दूसरे सोमवार को नगर भ्रमण पर निकलते हैं। इसी के तहत पूर्णिमा समाप्ति के बाद अब दूसरे सोमवार यानी 5 सितंबर को भगवान धारनाथ शाही अंदाज में एक बार फिर अपनी पालकी में विराजित होंगे और नगर भ्रमण पर निकलेंगे।

पहले बाबा के दरबार में फिर शुरू होता काम:
मान्यता है कि धार में जब भी कोई कलेक्टर-एसपी तबादला होकर आते हैं, वे प्रभार संभालने के पहले भगवान धारनाथ की आज्ञा लेने पहुंचते हैं। प्राचीन धारेश्वर महादेव मंदिर में पूजन-अर्चन के बाद ही अधिकारी अपना कामकाज संभालते हैं। ऐसा सदियों से चला आ रहा है। अधिकारियों की भी धारेश्वर महादेव में अपनी आस्था है। एक बार दर्शन-पूजन के बाद जब भी ट्रांसफर के वक्त और बाद तक भी अधिकारियों का जुड़ाव धारेश्वर महादेव मंदिर से रहता है। इसका प्रत्यक्ष उदाहरण इंदौर कमिश्नर दीपक सिंह जब धार कलेक्टर थे, तब भी उनका जुड़ाव धारेश्वर मंदिर से रहा। इंदौर कमिश्नर के तौर पर कार्यभार संभालने के बाद जब वे पहली बार धार आए तो सबसे पहले उन्होंने भगवान धारनाथ का पूजन किया था। इंदौर कमिश्नर रह चुके संजय दुबे की भी धारनाथ के प्रति आस्था रही है। धार कलेक्टर रह चुके दुबे के कार्यकाल में ही धारेश्वर महादेव मंदिर का जीर्णोद्वार हुआ था।

पहले होगा पूजन, फिर दी जाएगी सलामी:
छबिने को लेकर तैयारी पुरी कर ली है। वहीं समिति के सचिव अजय ठाकुर व महामंत्री नवनीत जैन ने बताया कि धारेश्वर मंदिर प्रांगण में सबसे पहले भगवान धारनाथ के पवित्र धातु के मुघौटे का पूजन किया जाएगा। उसके बाद महाआरती होगी और परंपरा अनुसार सशस्त्र पुलिस बल के जवान यहां पर भगवान धारनाथ को सलामी देंगे। धर्म स्थान मंडल द्वारा इसका आयोजन बरसों से किया जा रहा है। वही मांझी समाज के गणेश खेर ने बताया की माझी समाज के युवक कंधे पर भगवान धारनाथ की पालकी को उठाएंगे और वे नगर भ्रमण करवाएंगे। ये परंपराएं लंबे समय से बनी हुई हैं। इसका सभी लोग निर्वाह करते आ रहे हैं। आरती मंडल द्वारा भी विशेष तैयारी की गई है। प्रसाद वितरण करने से लेकर हर कार्य अनुशासन से होता है वही रात 12 बजे के पहले पालकी मंदिर पहुँचानी होती है।

झांकियां के साथ अखाड़े के पहलवान दिखागे कला:
भगवान धारनाथ की शाही के साथ झांकियां भी शामिल होगी। झांकियों के कारवां में एक से एक बढ़कर झांकियां शामिल होगी। मोहन टॉकीज के पिपलेश्वर महादेव , एक्वा फेडस क्लब, आदेश आरती मंडल के साथ अलग अलग क्षेत्रो की झांकी रहेगी। झांकी के आयोजक अभिनव बिंजवा ने बताया बाबा धारनाथ की शाही सवारी के साथ-साथ झांकियों का कारवां भी शामिल होगा। चेतन खेर ने बताया कि मोहन टॉकीज पिपलेश्वर महादेव इस बार डमरू झांज व ढोल के अलग आनंद देगे जो पालकी के आगे रहेंगे। अखाड़े से लेकर झांकियां भी चल समारोह का हिस्सा बनेंगी। धारेश्वर मंदिर से इसकी शुरुआत होगी
यातायात प्रभारी प्रेमसिंह ठाकुर बताया कि नगर भ्रमण के दौरान नगर के मुख्य क्षेत्र में आवाजाही बंद रहेगी। जिसको लेकर पुलिस ने शहर के बहार जाने वाले वाहनों के लिए चार जोन बनाए है जिसमें इंदौर नाका,श्याम ढाबा रतलाम नाका, मतलबपूरा होगा पालकी के समय सभी वहांनों का आवागमन बंद रहेगा। धारेश्वर से छत्री मार्ग तक नो विकल्प जॉन रहेगा। पार्किंग व्यवस्था किला ग्राउंड व मंडी परिसर रहेगा। वहीं टीआई ईश्वर चूौहान ने बताया कि बाबा धारनाथ के छबिने के लिए व्यवस्था पूरी कर ली गई हे। वही हुड़दंग करने वाले लोगों पर विशेष निगरानी रहेगी।
ऐसी रहेगी नपा की व्यवस्था:
वही नगर पालिका सीएमओ केवी सिंह ने बताया कि निकलने वाले सवारी को लेकर व्यवस्था पूर्ण कर ली गई सफाई व्यवस्था 200 से 250 सफाईकर्मी संभालेंगे कमान नगर पालिका की पूरी टीम सफाई व्यवस्था से लेकर अन्य व्यवस्था संभालेगी। वही सहायक यंत्री अश्वनी डावर ने बताया कि सवारी में करीब 200 से ज्यादा सफाईकर्मी शामिल होंगे। छबीने के पीछे सफाई करते हुए वाहन चलेंगे जो कचरा एकत्रित कर अन्य सामान को उठाएंगे। वहीं छबीने की सफाई के लिहाज के नगर पालिका के वाहन चलेंगे। वहीं हमें पूरे शहर का निरीक्षण किया हे वहीं लाइट की व्यवस्था के जो सड़क खराब वह सही करवाई जा रही हे साथ जो लोगों द्वारा अतिक्रमण किया हे उनपर कार्रवाई की जायेगी वहीं बाबा के छबिने वाले मार्ग पर व्यवस्था कल पूर्ण हो जायेगी।

400 से 450 जवान संभालेंगे सुरक्षा व्यवस्था:
इधर आयोजन को लेकर शहर में पुलिस और प्रशासन ने सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए है। बाबा की पालकी से लेकर झांकी रूट पर पुलिसकर्मियों की तैनाती की जाएगी। पुलिस के अनुसार पूरे आयोजन में 450 पुलिसकर्मियों की तैनाती की जा रही है। साथ ही एक दर्जन से अधिक टीआई स्तर के अधिकारियों को भी सुरक्षा में लगाया गया है। वहीं डीएसपी के साथ आधा दर्जन बाइक पार्टी व मोबाइल टीमें भी तय रूट पर रहेगी। साथ ही सुरक्षा को लेकर शहर को 5 सेक्टर में बांटा जाएगा। बैठक में झांकी आयोजकों को भी आवश्यक जानकारी दी गई। बताया कि शाही सवारी के बाद झांकियों को क्रमबद्ध तरीके से लगाया जाएगा। इसमें सभी आयोजकों को समय सीमा का ध्यान रखने के लिए कहा है। कतार का क्रम बनाए रखने के लिए हटवाड़ा और आनंद चौपाटी पर बेरिकेडिंग की जा रही है।। धार एसडीएम राजकुमार हलधर ने बताया कि सवारी को लेकर तैयारी कर ली गई हे। वही मजिस्ट्रेट और पटवारी की ड्यूटी का शेड्यूल बना दिया गया है।
रूट से निकलेगी पालकी:
बाबा धारनाथ की शाही सवारी पारंपरिक रूट से निकलेगी। जो स्टेट वक्त से भगवान धारनाथ की शाही सवारी निकालने की परंपरा है। धारेश्वर मंदिर से इसकी शुरूआत होगी,जो छत्री चौराहा, हटवाड़ा, आनंद चौपाटी, धानमंडी चौराहा, बख्तावर मार्ग, मोहन टॉकीज चौराहा, पुरानी नगर पालिका से होते हुए धानमंडी चौराहा, पट्टा चौपाटी, नालाछा दरवाजा, पी चौपाटी, राजबाड़ा, आनंद चौपाटी से शनिगली होते हुए पुनः मंदिर पहुंचेगी।
व्यवस्था पूरी कर ली है:
बाबा धारनाथ की सवारी को लेकर शहर में अलग-अलग पॉइंट बनाए गए हैं साथी 400 से अधिक पुलिस बल रहेंगे वहीं टीआई के साथ डीएसपी व्यवस्था संभालेंगे। दो कंपनियो साथ छबीने के आगे
अवश्वरोही दल भी रहेगा व शहर भर में सीसीटीवी कैमरों से नजर रखी जायेगी किसी प्रकार की असुविधा नहीं होगी।
विजय डाबर एडिशनल एसपी धार




