धर्म-संस्कृति

कृष्ण भक्ति में झूमा इंदौर, ‘नंद नंदन उत्सव’ में   श्रद्धालुओं ने  कीर्तन का आनंद

नंद नंदन उत्सव – सोलफुल कीर्तन बाय कृष्णसखास’

कृष्ण भक्ति में झूमा इंदौर, ‘नंद नंदन उत्सव’ में   श्रद्धालुओं ने  कीर्तन का आनंद

इंदौर। ‘नंद नंदन उत्सव – सोलफुल कीर्तन बाय कृष्णसखास’ में इंदौर कृष्ण भक्ति के रंग में रंगा नजर आया। गोपाल मंदिर, राजवाड़ा ऑडिटोरियम में आयोजित इस विशेष संध्या में 800 से अधिक श्रद्धालुओं एवं संगीतप्रेमियों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की। कीर्तन, भजन और संगीत की मधुर धुनों के बीच श्रद्धालु गाते, झूमते और नृत्य करते नजर आए। राधा नाम के संकीर्तन ने पूरे वातावरण को भक्तिमय ऊर्जा से भर दिया।

इस विशेष आयोजन को कृष्णसखास, एमआईसी ऑर्गनाइजेशन इंडिया, एवीओएम भारत, नेक्स्ट पब्लिक रिलेशंस एवं इंदौर सिटी पेज द्वारा संयुक्त रूप से आयोजित किया गया। आयोजन का उद्देश्य संगीत और कीर्तन के माध्यम से लोगों को श्रीकृष्ण की भक्ति से जोड़ना और शहरवासियों को आध्यात्मिक आनंद का अनुभव कराना रहा।

कार्यक्रम की शुरुआत से ही पूरा परिसर भक्तिमय माहौल से सराबोर रहा। सुमधुर कीर्तन के साथ श्रद्धालुओं ने तालियां बजाकर भजनों में सहभागिता की। जैसे-जैसे कीर्तन आगे बढ़ा, लोगों का उत्साह भी बढ़ता गया। बड़ी संख्या में श्रद्धालु अपनी जगह से उठकर भक्ति संगीत पर नृत्य करने लगे। कई लोग राधा नाम का संकीर्तन करते हुए भाव-विभोर दिखाई दिए। इस दौरान पूरा ऑडिटोरियम कृष्ण नाम और भक्ति संगीत से गूंजता रहा।

कार्यक्रम का खास आकर्षण राधा नाम का सामूहिक संकीर्तन रहा। राधा-कृष्ण के नाम के साथ श्रद्धालुओं ने पूरे उत्साह से कीर्तन में भाग लिया। यहां लोगों ने केवल दर्शक बनकर कार्यक्रम नहीं देखा, बल्कि स्वयं कीर्तन का हिस्सा बनकर अपनी भक्ति और भावनाओं को व्यक्त किया। युवाओं से लेकर बुजुर्गों तक, हर आयु वर्ग के लोग इस भक्तिमय वातावरण में शामिल नजर आए।

‘सोलफुल कीर्तन बाय कृष्णसखास’ ने संगीत और आध्यात्मिकता का ऐसा संगम प्रस्तुत किया, जिसमें भक्ति के साथ आनंद और सामूहिक ऊर्जा भी देखने को मिली। कार्यक्रम में किसी औपचारिकता से अधिक लोगों की सहभागिता को महत्व दिया गया, जिसके चलते माहौल सहज और जीवंत बना रहा।

आयोजकों ने बताया कि ‘नंद नंदन उत्सव’ के माध्यम से श्रीकृष्ण के प्रेम, भक्ति और आनंद को संगीत एवं कीर्तन के जरिए लोगों तक पहुंचाने का प्रयास किया गया। 800 से अधिक लोगों की उत्साहपूर्ण सहभागिता ने आयोजन को खास बना दिया।

कार्यक्रम का समापन भी भक्तिमय वातावरण में हुआ। श्रद्धालु कृष्ण नाम, कीर्तन और सकारात्मक ऊर्जा से सराबोर होकर लौटे। इस आयोजन ने इंदौर में जन्माष्टमी के उत्सव को भक्ति, संगीत और सामूहिक आनंद के एक यादगार अनुभव में बदल दिया।

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