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रोटी-बेटी के रिश्तों की मजबूती और वैश्य एकता की दिशा में ऐसे परिचय सम्मेलन हर दृष्टि से प्रासंगिक

म.प्र. वैश्य महासम्मेलन

वैश्य घटकों के अ.भा. परिचय सम्मेलन का शुभारंभ, अतिथि बोले – रोटी-बेटी के रिश्तों
की मजबूती और वैश्य एकता की दिशा में ऐसे परिचय सम्मेलन हर दृष्टि से प्रासंगिक
मप्र वैश्य महासम्मेलन की मेजबानी में रिंग रोड स्थित दस्तूर गार्डन पर देशभर से आए प्रत्याशियों और पालकों का जमघट शुरू

इंदौर। म.प्र. वैश्य महासम्मेलन की मेजबानी में रिंग रोड स्कीम 71 स्थित दस्तूर गार्डन पर 25 से अधिक वैश्य समाजों के विवाह योग्य प्रत्याशियों के दो दिवसीय परिचय सम्मेलन का शुभारम्भ शनिवार को राज्य के पूर्व गृहमंत्री उमाशंकर गुप्ता, संगठन के प्रदेशाध्यक्ष सुधीर अग्रवाल, पत्रकार राजेश चेलावत, समाजसेवी दिनेश मित्तल, पूर्व विधायक सुदर्शन गुप्ता, कुलभूषण मित्तल कुक्की एवं बंसत खटोड के आतिथ्य में दीप प्रज्वलन के साथ हुआ। इस अवसर पर सभी अतिथियों ने कहा कि वैश्य घटकों के बीच एकता और रोटी-बेटी के रिश्तों की मजबूती की दिशा में इस तरह के अनूठे आयोजन हर दृष्टि से प्रासंगिक हैं।
म.प्र. वैश्य महासम्मेलन के महामंत्री अरविन्द बागड़ी, समन्वयक धीरज खंडेलवाल, अशोक खंडेलवाल, निपुण गर्ग, संयोजक राजेश गर्ग एवं शिव जिंदल ने बताया कि सम्मेलन के लिए देश के लगभग सभी राज्यों से 4000 से अधिक प्रविष्ठियां प्राप्त हुई हैं। इनमें भी पहली बार 2000 से अधिक प्रविष्ठियां युवती प्रत्याशियों की आई हैं।


दस्तूर गार्डन के सुसज्जित मंच पर शनिवार को शहर के प्रमुख वैश्य घटकों की ओर से टीकमचंद गर्ग, विष्णु बिंदल, शक्तिनाथ गुप्ता, प्रकाश भटेवरा, कैलाश वेद, लखनलाल नागोरी, लक्ष्मीनारायण गुप्ता, जगदीश छिरोलिया, शैलेष नागर, हर्ष मेहता, किशोर गोयल, संजय बांकडा, राजेश बंसल, राखी विजयवर्गीय, प्रवीण नीखरा, सीए नरेन्द्र हेतावल, संजय गुप्ता, अंकुर हेतावल, राजकुमार बंसल आदि ने अतिथियों का स्वागत किया। संचालन अरविन्द बागड़ी ने किया। सभी अतिथियों ने सम्मेलन की व्यवस्थाओं की खुलेमन से सराहना की। सम्मेलन के अध्यक्ष दिनेश मित्तल एवं संगठन के अध्यक्ष अशोक खंडेलवाल ने स्वागत उद्बोधन दिया। श्राद्ध पक्ष के चलते अनेक रिश्तों पर चर्चाओं का दौर तो चला लेकिन उनकी घोषणा नहीं की गई।

दोपहर बाद परिचय सम्मेलन का सिलसिला शुरू हुआ जिसमें देर शाम तक 350 से अधिक प्रत्याशियों ने मंच पर पहुंचकर बेबाकी से अपने परिचय दिए। अनेक प्रत्याशियों ने दूसरे वैश्य घटकों में विवाह करने और बिना दहेज के विवाह करने की घोषणा भी मंच से की वहीं कुछ प्रत्याशियों ने अपने समान जॉब वाले प्रत्याशी को प्राथमिकता देने की बात कही। खुद के कारोबार में स्थापित प्रत्याशियों ने भी शिक्षित और अपने उद्योग में हाथ बटाने वाले जीवनसाथी को प्राथमिकता देने की बात कही। संध्या को एक सत्र का संचालन पूरी तरह महिलाओं के हाथों में रहा जिसमें युवती प्रत्याशियों ने भी खुलकर अपनी पसंद बताई। इस सत्र का संचालन राखी विजयवर्गीय, निधि नीखरा एवं अन्य बहनों ने किया। अधिक से अधिक रिश्ते तय कराने के लिए सभी समाजों के वरिष्ठजनों की सम्पर्क समितियां भी पूरे समय सक्रिय रहीं। अधिक उम्र के प्रत्याशियों के लिए सबसे पहले परिचय का दौर चला।
आज समापन – दो दिवसीय इस परिचय सम्मेलन का समापन रविवार 27 सितम्बर को मप्र वैश्य कल्याण ट्रस्ट के अध्यक्ष गिरीश अग्रवाल, समाजसेवी प्रेमचंद गोयल, रमेश मित्तल मेडीकैप्स, टीकमचंद गर्ग, विष्णु बिंदल, निर्मल रामरतन अग्रवाल, अविनाश ओएस्टर एवं मनीष शाहरा के आतिथ्य में परिचय सत्र के पश्चात होगा। इस अवसर पर सभी वैश्य घटकों के राष्ट्रीय एवं प्रांतीय स्तर के पदाधिकारी भी आमंत्रित किए गए हैं जिनका सम्मान भी किया जाएगा।

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