
महाकाल दर्शन से घर लौट रहे थे घर श्रद्धालु, रास्ते में मौत ने रोका सफर 6 की जान गई ट्रॉले की रफ्तार ने बुझाए 6 घरों के चिराग, वैन में फंसे शव ग्राइंडर से निकाले।
एक झटके में पिचक गई वैन, अंदर फंसी 6 जिंदगियां खत्म रॉन्ग साइड से आए ट्रॉले ने वैन को मारी भीषण टक्कर,
आशीष यादव, धार। बदनावर क्षेत्र में रविवार दोपहर उज्जैन फोरलेन पर हुए भीषण सड़क हादसे में छह श्रद्धालुओं की दर्दनाक मौत हो गई। पंचकवास गांव के पास रॉन्ग साइड से आ रहे लोहे के सामान से भरे ट्रॉले ने सामने से आ रही मारुति ईको वैन को जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी भीषण थी कि वैन पूरी तरह पिचक गई और उसमें सवार सभी छह लोग बुरी तरह फंस गए। हादसे के बाद मौके पर चीख-पुकार मच गई। मृतक गुजरात के वड़ोदरा के रहने वाले बताए गए हैं और उज्जैन में महाकाल के दर्शन करने के बाद वापस गुजरात लौट रहे थे।
दोपहर करीब एक बजे हुआ हादसा, सड़क पर मची अफरा-तफरी
हादसा रविवार दोपहर करीब 1 बजे पंचकवास गांव के पास उज्जैन फोरलेन पर हुआ। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, ट्रॉला रॉन्ग साइड से आ रहा था और सामने से गुजरात की ओर जा रही ईको वैन से उसकी सीधी भिड़ंत हो गई। टक्कर के बाद वैन का अगला हिस्सा बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया। हादसे की सूचना मिलते ही आसपास के ग्रामीण मौके पर पहुंचे और पुलिस को जानकारी दी।

ट्रॉले में भरा था लोहे का सामान
पुलिस के अनुसार हादसे में शामिल ट्रॉला क्रमांक GJ39 DB 9248 उज्जैन की ओर जा रहा था। ट्रॉले में लोहे का सामान भरा हुआ था। वहीं मारुति ईको वैन क्रमांक GJ17 CK 6134 उज्जैन से गुजरात की ओर जा रही थी। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार ट्रॉला रॉन्ग साइड में होने के कारण दोनों वाहनों की आमने-सामने टक्कर हुई।
टक्कर के बाद वैन में फंस गए श्रद्धालु
हादसे की गंभीरता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि वैन का पूरा अगला हिस्सा क्षतिग्रस्त होने के बाद उसमें सवार लोग अंदर ही फंस गए। मौके पर मौजूद ग्रामीणों और पुलिसकर्मियों ने राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया। वैन के दरवाजे सामान्य तरीके से नहीं खुल सके, जिसके बाद ग्राइंडर की मदद से गाड़ी की बॉडी काटकर अंदर फंसे शवों को बाहर निकाला गया।
प्रत्यक्षदर्शी बोले- तेज आवाज सुनकर घर से बाहर निकले
स्थानीय निवासी महिपाल सिंह ने बताया कि उनका मकान सड़क किनारे ही है। दोपहर में वे घर पर बैठे थे, तभी अचानक तेज आवाज सुनाई दी। बाहर निकलकर देखा तो सड़क पर भीषण दुर्घटना हो चुकी थी। ईको वैन बुरी तरह क्षतिग्रस्त थी और उसमें लोग फंसे हुए थे। उन्होंने पुलिस को सूचना दी। इसके बाद पुलिस और ग्रामीणों की मदद से गाड़ी के गेट को ग्राइंडर से काटकर शवों को बाहर निकाला गया।
पुलिस-प्रशासन के अधिकारी मौके पर पहुंचे
हादसे की सूचना मिलते ही बदनावर टीआई अमित सिंह कुशवाह और तहसीलदार सुरेश नागर मौके पर पहुंचे। पुलिस और प्रशासन की टीम ने घटनास्थल का जायजा लेकर राहत एवं बचाव कार्य कराया। हादसे की सूचना मिलने के बाद कलेक्टर राजीव रंजन मीणा, एसपी सचिन शर्मा और एडिशनल एसपी पारुल बेलापुरकर भी घटनास्थल पर पहुंचे और स्थिति की जानकारी ली।
हादसे के बाद ट्रॉला चालक मौके से फरार
कलेक्टर राजीव रंजन मीणा के अनुसार हादसे के बाद ट्रॉले का चालक मौके से फरार हो गया। पुलिस ने ट्रॉले को कब्जे में लेकर चालक की तलाश शुरू कर दी है। हादसे के कारणों की जांच की जा रही है। पुलिस यह भी पता लगा रही है कि ट्रॉला किस तरह रॉन्ग साइड में पहुंचा और हादसे के समय उसकी गति कितनी थी।
परिजनों को दी गई सूचना, मॉर्चुरी में रखे शव
पुलिस ने मृतकों की पहचान की प्रक्रिया शुरू करते हुए उनके परिजनों को हादसे की सूचना दे दी है। शवों का पंचनामा तैयार कर उन्हें बदनावर सिविल अस्पताल की मॉर्चुरी में रखवाया गया है। पोस्टमार्टम की प्रक्रिया के बाद शव परिजनों को सौंपे जाएंगे।
महाकाल दर्शन के बाद लौट रहे थे गुजरात
हादसे में जान गंवाने वाले सभी छह श्रद्धालु गुजरात के वड़ोदरा के रहने वाले बताए गए हैं। वे उज्जैन स्थित महाकाल मंदिर में दर्शन करने गए थे। दर्शन के बाद सभी वैन से गुजरात लौट रहे थे, लेकिन बदनावर के पंचकवास गांव के पास हुए इस भीषण हादसे ने छह परिवारों की खुशियां मातम में बदल दीं।
पुलिस मामले की जांच में जुटी है और फरार ट्रॉला चालक की तलाश की जा रही है।



