तर्पण और पितृ मोक्षदायी भागवत हमारे पूर्वजों एवं पितरों के प्रति सम्मान और श्रद्धा के लिए प्रेरित करने का अनुष्ठान-पं. तिवारी
साधकों ने ली सायबर अपराध से सजग रहने की शपथ

तर्पण और पितृ मोक्षदायी भागवत हमारे पूर्वजों एवं पितरों के प्रति सम्मान और श्रद्धा के लिए प्रेरित करने का अनुष्ठान-पं. तिवारी
हंसदास मठ पर संतों के सानिध्य में पितृमोक्ष मागवत एवं तर्पण अनुष्ठान जारी, साधकों ने ली सायबर अपराध से सजग रहने की शपथ
इंदौर। संसार में बड़ा वही बन सकता है जो समय आने पर छोटा बनने में संकोच न करे। माता-पिता द्वारा छोड़ी गई सम्पदा का भोग करने में हमें कोई संकोच नहीं होता, लेकिन उनके मोक्ष की कामना के लिए तर्पण या और कोई अनुष्ठान करने के लिए हमारे पास समय नहीं है। तर्पण के पश्चात भागवत का श्रवण करना शास्त्रोक्त दृष्टि से भी महत्वपूर्ण है, क्योंकि यह भागवत हमारे पितरों के निमित्त की जा रही है। भगवान राम ने भी अपने अयोध्या नरेश पिता का तर्पण किया था। यह एक ऐसा अनुष्ठान है, जो हमारे पूर्वजों, मौजूदा परिजनों और आने वाली पीढियों को भी पितरों के प्रति सम्मान और श्रद्धा के लिए प्रेरित करता है।
ये दिव्य विचार हैं प्रख्यात भागवताचार्य पं. पुष्पानंदन पवन तिवारी के, जो उन्होंने सोमवार को एयरपोर्ट रोड, पीलियाखाल स्थित हंसदास मठ पर श्रद्धा सुमन सेवा समिति की मेजबानी में आयोजित पितृ मोक्षदायी भागवत ज्ञान यज्ञ एवं तर्पण अनुष्ठान में महामंडलेश्वर महंत पवनदास महाराज के सानिध्य एवं पुलिस की अपराध शाखा के अतिरिक्त आयुक्त विजय तिवारी के आतिथ्य में व्यक्त किए। तिवारी ने इस अवसर पर सभी साधकों को सायबर अपराधों से सजग रहने तथा अपने आसपास की अपराधिक और संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखकर पुलिस को सूचना एवं सहयोग देने की शपथ दिलाई। संचालन हरि अग्रवाल ने किया।
सुबह तर्पण अनुष्ठान का शुभारंभ भगवान हरि विष्णु के पूजन के साथ हुआ। अतिथियों का स्वागत कथा के मुख्य यजमान कालूराम–श्यामा पटेल दम्पत्ति, समिति के हरि अग्रवाल, राजेन्द्र सोनी, राजेन्द्र गर्ग, शंकरलाल वर्मा, राजेंद्र असावा, महेंद्र विजयवर्गीय, श्रीधर खंडेलवाल, विनय जैन, उमेश गहलोत, आशीष जैन आदि ने किया। मातृशक्ति कीओर से सुश्री किरण ओझा, राजकुमारी मिश्रा, सीमा सेन, गीता शर्मा, मंजू सोनी ने आरती में भाग लिया। इसके पूर्व सुबह के सत्र में 800 से अधिक साधकों ने अपने पितरों की पुण्य स्मृति में विधि विधानपूर्वक तर्पण किया। तर्पण के बाद निर्धनों, पशु-पक्षियों के लिए खीर प्रसाद, गौ सेवा, ब्राह्मण सेवा, देव दर्शन का भी साधकों ने पुण्य लाभ उठाया। आम श्रद्धालु यहां सुबह आकर निःशुल्क तर्पण कर सकेंगे। तर्पण में प्रयुक्त सभी सामग्री की व्यवस्था समिति द्वारा की जा रही है। जिन परिजनों को अपने पितरों के निधन की तिथि ज्ञात है, वे उस तिथि के दिन हंसदास मठ पहुंच जाएं। जिन्हें अपने पितरों की मृत्यु की तिथि ज्ञात नहीं है, वे सर्वपितृ अमावस्या पर 10 अक्टूबर को शामिल हो सकते हैं।
आज कृष्ण जन्मोत्सव – समिति के हरि अग्रवाल एवं राजेंद्र सोनी ने बताया कि मंगलवार को सुबह 8 से 10 बजे तक नियमित तर्पण अनुष्ठान के दौरान सांसद शंकर लालवानी के आतिथ्य में सेवाभावी बंधुओं एवं विद्वान संतों को मोहनलाल सोनी अलंकरण से सम्मानित किया जाएगा। दोपहर में दोपहर 3 से शाम 6 बजे तक पितृ मोक्ष भागवत में कृष्ण जन्म का भव्य उत्सव भी धूमधाम से मनाया जाएगा। यह कथा स्व. छोगालाल पटेल, मातुश्री स्व. संपत बाई पटेल एवं शुभम पटेल की पावन स्मृति में हो रही है।




