वराह मार्च पर प्रशासन की रोक, संगठन बोला- नहीं रुकेगा मार्च शहर में लगाए पोस्टर-बैनर और वराह के कट आउट हटाए से नाराज।
अनुमति नहीं मिलने के बाद भी 15 सितंबर को दोपहर 2 बजे पीजी कॉलेज से विजय मंदिर तक मार्च निकालने का ऐलान,

वराह मार्च पर प्रशासन की रोक, संगठन बोला- नहीं रुकेगा मार्च शहर में लगाए पोस्टर-बैनर और वराह के कट आउट हटाए से नाराज।
अनुमति नहीं मिलने के बाद भी 15 सितंबर को दोपहर 2 बजे पीजी कॉलेज से विजय मंदिर तक मार्च निकालने का ऐलान,
आशीष यादव धार।
15 सितंबर को प्रस्तावित वराह मार्च को लेकर धार में प्रशासन और सनातन प्रहरी दल आमने-सामने आ गए हैं। प्रशासन ने मार्च की अनुमति देने से इनकार कर दिया है। इसके बाद शहर में लगाए गए वराह मार्च के पोस्टर-बैनर और भगवान वराह के कटआउट हटाने की कार्रवाई की गई। प्रशासन की ओर से लोगों से अपील की गई है कि प्रस्तावित मार्च को लेकर किसी तरह की गलतफहमी में न रहें और इसमें शामिल न हों।
प्रशासन की रोक के बाद भी सनातन प्रहरी दल ने मार्च निकालने का ऐलान कर दिया है। संगठन की ओर से प्रेस वार्ता कर कहा गया कि 15 सितंबर को दोपहर 2 बजे पीजी कॉलेज से विजय मंदिर तक वराह मार्च निकाला जाएगा। संगठन के प्रतिनिधि अंशुल शर्मा ने कहा कि प्रशासन की अनुमति नहीं मिलने के बावजूद संगठन अपने निर्णय पर कायम है।
पोस्टर-बैनर हटाने पर भी जताया विरोध
प्रशासन की कार्रवाई के बाद शहर के विभिन्न चौराहों और प्रमुख स्थानों पर लगाए गए भगवान वराह के कटआउट, पोस्टर और बैनर हटाए जाने को लेकर भी संगठन ने विरोध जताया। सनातन प्रहरी दल का कहना है कि वराह मार्च का उद्देश्य किसी प्रकार का विवाद खड़ा करना नहीं, बल्कि शहर की जनता को भगवान वराह के दर्शन कराना है।
संगठन ने कहा कि मार्च को लेकर पहले से तैयारियां की जा रही थीं और शहर में प्रचार-प्रसार के लिए पोस्टर-बैनर लगाए गए थे। इन्हें हटाए जाने की कार्रवाई को लेकर संगठन ने आपत्ति जताई है।
प्रशासन ने लोगों से की शामिल नहीं होने की अपील
दूसरी ओर प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि मार्च को अनुमति नहीं दी गई है। ऐसे में लोगों से अपील की गई है कि वे प्रस्तावित आयोजन को लेकर किसी भी प्रकार की अफवाह या भ्रम में न आएं और इसमें शामिल न हों। प्रशासन की ओर से कानून-व्यवस्था बनाए रखने को प्राथमिकता दी जा रही है।
15 सितंबर को रहेगी नजर
अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि अनुमति नहीं मिलने के बावजूद यदि संगठन अपने ऐलान के मुताबिक मार्च निकालता है तो प्रशासन की ओर से क्या कदम उठाया जाएगा। पीजी कॉलेज से विजय मंदिर तक प्रस्तावित मार्ग और शहर के प्रमुख चौराहों पर प्रशासन की
सुरक्षा व्यवस्था पर नजर रहेगी।
वराह मार्च को लेकर दोनों पक्षों के अलग-अलग रुख के चलते 15 सितंबर का दिन प्रशासन के लिए चुनौतीपूर्ण माना जा रहा है। एक ओर संगठन मार्च निकालने की बात पर कायम है, वहीं दूसरी ओर प्रशासन ने अनुमति नहीं होने का हवाला देते हुए लोगों से इसमें शामिल नहीं होने की अपील की है। ऐसे में अब प्रशासनिक कार्रवाई और संगठन के अगले कदम पर सभी की निगाहें टिकी हैं।



