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ऊंची दुकान फंगस वाले पकवान: पराग स्वीट्स की फैक्ट्री में मिली फंगस लगी गुजिया, मचा हड़कंप। त्योहारों के बीच खुली नींद।

निरीक्षण में सामने आई लापरवाही, अधिकारियों ने मौके पर ही कराया खराब मिठाई का विनिष्टीकरण

ऊंची दुकान फंगस वाले पकवान:
पराग स्वीट्स की फैक्ट्री में मिली फंगस लगी गुजिया, मचा हड़कंप। त्योहारों के बीच खुली नींद।

निरीक्षण में सामने आई लापरवाही, अधिकारियों ने मौके पर ही कराया खराब मिठाई का विनिष्टीकरण

आशीष यादव धार। 

शहर की पराग स्वीट्स मिठाई फैक्ट्री में गुरुवार को प्रशासनिक अधिकारियों के संयुक्त निरीक्षण में खाद्य सुरक्षा से जुड़ी गंभीर लापरवाही सामने आई। फैक्ट्री में संग्रहित गुजिया में फंगस पाया गया। जांच के दौरान यह खाद्य सामग्री मानव उपभोग के लिए अनुपयुक्त और स्वास्थ्य के लिए हानिकारक पाई गई। मामले की गंभीरता को देखते हुए अधिकारियों ने मौके पर ही फंगस लगी गुजिया का विनिष्टीकरण कराया।निरीक्षण के दौरान खाद्य पदार्थों के सुरक्षित भंडारण और स्वच्छता व्यवस्था को लेकर भी प्रतिष्ठान संचालक को आवश्यक निर्देश दिए गए। अधिकारियों ने खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम, 2006 के प्रावधानों के तहत आवश्यक कार्रवाई की। संचालक को खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता, स्वच्छता, भंडारण और खाद्य सुरक्षा मानकों का कड़ाई से पालन करने के निर्देश दिए गए।

मिठाई की गुणवत्ता पर उठे सवाल:फैक्ट्री में तैयार एवं संग्रहित खाद्य सामग्री में फंगस मिलना महज एक खाद्य पदार्थ खराब होने का मामला नहीं, बल्कि सीधे तौर पर उपभोक्ताओं के स्वास्थ्य से जुड़ा गंभीर विषय है। त्योहारों के बीच जब बाजारों में मिठाइयों की मांग बढ़ जाती है और बड़ी मात्रा में मिठाइयों का निर्माण व भंडारण किया जाता है, ऐसे समय में गुणवत्ता और स्वच्छता को लेकर अतिरिक्त सतर्कता की जरूरत होती है। लेकिन निर्माण इकाई में फंगस लगी गुजिया मिलना मिठाई तैयार करने से लेकर उसके भंडारण तक की पूरी व्यवस्था पर सवाल खड़े करता है। सबसे बड़ा सवाल यह है कि यदि निरीक्षण के दौरान यह सामग्री सामने नहीं आती तो क्या खराब मिठाई बाजार तक पहुंच सकती थी? इससे यह भी स्पष्ट होता है कि खाद्य सामग्री के निर्माण, रखरखाव और भंडारण की नियमित निगरानी कितनी जरूरी है। विशेषकर त्योहारों के दौरान खाद्य पदार्थों की बढ़ती खपत को देखते हुए विभाग को केवल शिकायत मिलने के बाद कार्रवाई करने के बजाय लगातार और व्यापक स्तर पर जांच अभियान चलाने की आवश्यकता है।

त्योहारों से पहले बढ़ेगी खाद्य प्रतिष्ठानों की जांच:त्योहारी सीजन में मिठाई और अन्य खाद्य पदार्थों की मांग बढ़ने के बीच प्रशासन ने खाद्य प्रतिष्ठानों की जांच जारी रखने की बात कही है। आमजन से भी मिठाई खरीदते समय उसकी गुणवत्ता, स्वच्छता, पैकेजिंग और समाप्ति तिथि की जांच करने की अपील की गई है। त्योहार खुशियों के लिए हैं, सेहत से समझौते के लिए नहीं। खाद्य सुरक्षा विभाग की सक्रियता ही तय करेगी कि त्योहारों की मिठास लोगों की सेहत पर भारी न पड़े। फंगस लगी खाद्य सामग्री का सेवन स्वास्थ्य के लिए नुकसानदायक हो सकता है। ऐसे में प्रशासन और खाद्य सुरक्षा विभाग की जिम्मेदारी और बढ़ जाती है कि मिठाई निर्माण इकाइयों में साफ-सफाई, कच्चे माल की गुणवत्ता, तैयार उत्पाद के रखरखाव और भंडारण की स्थिति की बारीकी से जांच की जाए। साथ ही नियमों का उल्लंघन मिलने पर प्रभावी कार्रवाई भी सुनिश्चित हो।

त्योहारों की रौनक के बीच खुली नींद:त्योहारों के सीजन में जहां बाजार मिठाइयों की खुशबू और रौनक से गुलजार हैं, वहीं खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता को लेकर सामने आया मामला जिम्मेदार विभागों की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े करता है। मिठाई निर्माण इकाई में निरीक्षण के दौरान फंगस लगी गुजिया मिलना बताता है कि त्योहारों से पहले खाद्य सुरक्षा को लेकर निगरानी कितनी गंभीरता से की जा रही है। सवाल यह है कि यदि समय रहते जांच नहीं होती तो क्या यह खराब मिठाई ग्राहकों तक पहुंच जाती? त्योहारों के दौरान मिठाइयों की मांग कई गुना बढ़ जाती है। कार्रवाई के बाद खराब मिठाई का विनिष्टीकरण तो कर दिया गया, लेकिन जरूरत इस बात की है कि सिर्फ एक-दो जगह कार्रवाई तक अभियान सीमित न रहे, बल्कि पूरे जिले में लगातार जांच हो।

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