सरदारपुर में चलती यात्री बस बनी आग का गोला खिड़कियां तोड़कर बाहर निकले यात्री।
चालक बस रोककर मौके से भागा कई यात्रियों की जान बाल-बाल बची।

- सरदारपुर में चलती यात्री बस बनी आग का गोला
खिड़कियां तोड़कर बाहर निकले यात्री - चालक बस रोककर मौके से भागा कई यात्रियों की जान बाल-बाल बची
- आशीष यादव धार
गुजरात के सूरत से उत्तर प्रदेश के कानपुर जा रही एक यात्री बस मंगलवार रात सरदारपुर नगर की भोपावर चौकी से कुछ दूरी पर अचानक आग की चपेट में आ गई। घटना रात करीब 1:10 बजे की बताई जा रही है। बस से धुआं निकलता देख चालक ने तत्काल बस रोक दी और मौके से भाग निकला। इसके बाद बस में सवार यात्रियों में अफरा-तफरी मच गई। आग तेजी से फैलने के कारण यात्रियों को अपनी जान बचाने के लिए बस से बाहर निकलना पड़ा। कई यात्री दरवाजे से बाहर निकल गए, जबकि कुछ यात्रियों ने खिड़कियों के कांच तोड़कर बाहर निकलकर जान बचाई। हादसे में कुछ यात्रियों को हल्की चोटें आईं, जबकि कई यात्रियों का सामान बस में ही जलकर राख हो गया।
दाहोद के पास चार घंटे खड़ी रही थी बस
यात्रियों के मुताबिक बस क्रमांक यूपी 83 बीटी 3947 सूरत सहित गुजरात के विभिन्न स्थानों से यात्रियों को लेकर कानपुर जा रही थी। यात्रियों ने बताया कि दाहोद के पास एक होटल पर बस को करीब चार घंटे रोका गया था। इस दौरान बस में कुछ काम भी करवाया गया। इसके बाद बस को आगे रवाना किया गया और सरदारपुर के पास यह हादसा हो गया।

खिड़की से आठ वर्षीय बेटे को निकाला
कानपुर निवासी नीलम पाल अपने आठ वर्षीय बेटे के साथ गांव जा रही थीं। उन्होंने बताया कि अचानक बस के अंदर धुआं भरने लगा। कुछ ही देर में स्थिति इतनी बिगड़ गई कि यात्रियों में भगदड़ जैसी स्थिति बन गई। नीलम ने पहले अपने बेटे को खिड़की से बाहर निकाला और इसके बाद खुद भी किसी तरह बस से बाहर निकलकर अपनी जान बचाई। उन्होंने बताया कि बस में रखा उनका बैग आग की चपेट में आकर जल गया। बैग में रुपये, चांदी की पायजेब, कपड़े सहित अन्य सामान रखा था। अन्य यात्रियों ने भी आग के दौरान सामान जलने और जान बचाने के लिए की गई मशक्कत की जानकारी दी।
पुलिस ने बंद कराया यातायात:.
घटना की सूचना मिलते ही सरदारपुर एसडीओपी विश्वदीप सिंह परिहार और थाना प्रभारी अनिल जाधव पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। आग के कारण मार्ग के एक हिस्से का यातायात बंद करवाया गया और वाहनों को दूसरी ओर से निकाला गया। कुछ ही देर में अग्निशमन वाहन और एंबुलेंस भी मौके पर पहुंच गए। हालांकि तब तक बस काफी हद तक जल चुकी थी। अग्निशमन दल ने मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। घायलों को उपचार के लिए भेजा गया।
यात्रियों को दूसरी बसों से भेजा:
हादसे के बाद पुलिस ने इंदौर की ओर जाने वाली यात्री बसों को रुकवाकर आगजनी में फंसे यात्रियों की मदद की। यात्रियों की जरूरत और उनके गंतव्य के अनुसार उन्हें दूसरी बसों में बैठाकर आगे भेजने की व्यवस्था की जा रही है।
बड़ा हादसा टला:
चलती बस में अचानक लगी आग के बाद जिस तरह यात्रियों को खिड़कियों के कांच तोड़कर बाहर निकलना पड़ा, उससे हादसे की गंभीरता का अंदाजा लगाया जा सकता है। गनीमत रही कि समय रहते यात्रियों को बस से बाहर निकलने का मौका मिल गया, अन्यथा बड़ी जनहानि हो सकती थी। घटना के बाद बस में आग लगने के कारणों को लेकर भी सवाल खड़े हो रहे हैं। पुलिस मामले की जांच कर रही है।



