
सत्याग्रह लाइव। आगरा के सिकंदरा क्षेत्र में पत्नी द्वारा पति की हत्या कर शव को घर के बाथरूम में दफनाने का सनसनीखेज मामला सामने आया है। डेढ़ माह तक गुमशुदगी का नाटक चलता रहा, लेकिन पुलिस सत्यापन के दौरान खुलासे के बाद बाथरूम से कंकाल बरामद हुआ। आरोपी रूबी गिरफ्तार है और मामले की गहन जांच जारी है।
उत्तर प्रदेश के आगरा जिले के सिकंदरा स्थित दहतोरा की रेणुका धाम कॉलोनी में महिला रूबी ने पति सुरेंद्र (44) की हत्या कर शव को घर के बाथरूम में दफना दिया। पुलिस के अनुसार, 18 मई को रूबी ने खीर में 20 से अधिक नींद की गोलियां मिलाकर सुरेंद्र को खिलाईं, जिससे उसकी मौत हो गई। इसके बाद शव को बाथरूम में दफनाकर ऊपर मिट्टी डाल दी गई और मिस्त्री बुलाकर फर्श पक्का करा दिया गया। हत्या का खुलासा करीब डेढ़ माह बाद तब हुआ, जब वर्ष 2017 में दर्ज ट्रक चोरी के पुराने मामले में पुलिस सत्यापन के लिए सुरेंद्र के घर पहुंची। सुरेंद्र के बारे में पूछताछ के दौरान रूबी घबरा गई और बाद में अपने जेठ अनिल को बुलाकर पूरी घटना बता दी। सूचना मिलने पर पुलिस ने फर्श खुदवाकर कंकाल बरामद किया, पोस्टमार्टम के लिए भेजा और रूबी को गिरफ्तार कर हत्या का प्रकरण दर्ज किया।
गुमशुदगी का नाटक, बयान बदलती रही आरोपी
अनिल ने पुलिस को बताया कि सुरेंद्र कोई काम नहीं करता था और शराब पीकर आए दिन पत्नी से विवाद करता था। 18 मई को रूबी ने फोन कर पुलिस दबिश का हवाला देते हुए मां कमला और दोनों बेटियों प्राची (15) तथा सिद्धि (9) को अपने साथ ले जाने के लिए कहा। अगले दिन रूबी ने बताया कि सुरेंद्र तीन हजार रुपये लेकर कहीं चले गए हैं और मोबाइल भी घर पर छोड़ गए हैं। 26 मई को रूबी ने अनिल के साथ प्राची टावर चौकी पहुंचकर पति की गुमशुदगी दर्ज कराई। पुलिस ने रेणुका धाम कॉलोनी में तलाश और सीसीटीवी फुटेज भी खंगाले। पूछताछ के दौरान रूबी पहले नींद की गोलियां देने की बात कहती रही, फिर दावा किया कि सुरेंद्र ने फंदा लगाकर आत्महत्या की थी और घबराकर उसने शव दफना दिया। पुलिस को संदेह है कि घटना में किसी अन्य व्यक्ति की भी भूमिका हो सकती है।
पेंशन, शक और खुलासे तक की पूरी कहानी
पुलिस के अनुसार, मूल रूप से भरतपुर के रंजीत नगर निवासी राधेश्याम शर्मा सेवानिवृत्त प्रवक्ता थे, जो 24 वर्ष पहले आगरा आकर बस गए थे। उनके छोटे बेटे सुरेंद्र की शादी 16 वर्ष पहले रूबी से हुई थी। परिवार में मां कमला और दो बेटियां भी रहती थीं। पुलिस जांच में सामने आया कि कमला की 32 हजार रुपये मासिक पेंशन का डेबिट कार्ड और पासबुक रूबी के पास रहते थे। जून माह में पेंशन की राशि अनिल को नहीं देने पर शक गहराया। भरतपुर में बैंक से स्टेटमेंट निकलवाने पर पता चला कि राशि खाते से निकाली जा चुकी है। अनिल ने जब रूबी से पूछताछ की तो वह चुप रही। शुक्रवार सुबह उसने अनिल को फोन कर घर बुलाया और कहा कि सुरेंद्र बाथरूम में हैं। वहां पहुंचने पर उसने बताया कि शव दो फीट नीचे दफन है। इसके बाद पुलिस को सूचना दी गई।
कंकाल की शिनाख्त, पड़ोसियों की हैरानी और पुलिस की जांच
पुलिस ने बाथरूम का फर्श खोदकर कंकाल बरामद किया। हाथ में पहने कड़े और गले में रुद्राक्ष की माला से परिजनों ने सुरेंद्र की पहचान की। जांच में यह भी सामने आया कि हत्या के बाद रूबी रोज उसी बाथरूम का उपयोग करती रही और पड़ोसियों के पूछने पर परेशान होने का नाटक करती थी। पड़ोसियों ने बताया कि शराब की वजह से पति-पत्नी में अक्सर विवाद होता था। रूबी कपड़े सिलकर घर चलाती थी, जबकि सुरेंद्र कई बार नौकरी छोड़ चुका था। डीसीपी सिटी सय्यद अली अब्बास ने बताया कि आरोपी रूबी को गिरफ्तार कर पूछताछ की जा रही है। उसने शराब पीकर होने वाले रोजाना के विवाद से तंग आकर हत्या करने की बात कही है। साथ ही यह भी जांच की जा रही है कि वारदात में कोई अन्य व्यक्ति शामिल था या नहीं। मामले के प्रत्येक पहलू की गहनता से जांच जारी है।



