धर्म-संस्कृति

अ.भा. वैश्य परिचय सम्मेलन के चार सत्रों में से एक सत्र की कमानसंभालेंगी मातृशक्ति – 111 महिलाओं को सौंपी जाएंगी जिम्मेदारियां

मप्र वैश्य महासम्मेलन

अ.भा. वैश्य परिचय सम्मेलन के चार सत्रों में से एक सत्र की कमानसंभालेंगी मातृशक्ति – 111 महिलाओं को सौंपी जाएंगी जिम्मेदारियां

शहर में 26-27 सितम्बर को होने वाले परिचय सम्मेलन की तैयारियों पर 25 से अधिक समाजों की महिलाओं ने किया विचार मंथन

इंदौर। मप्र वैश्य महासम्मेलन द्वारा विवाह योग्य युवक-युवतियों के लिए 26-27 सितंबर को रिंग रोड स्थित दस्तूर गार्डन पर आयोजित किए जा रहे अ.भा. वैश्य परिचय सम्मेलन के चार सत्रों में से एक सत्र का संचालन पूरी तरह मातृशक्ति के हाथों में रहेगा, वहीं सम्मेलन की विभिन्न व्यवस्थाओं को सँभालने के लिए भी महिलाओं की 5 समितियां गठित की जाएंगी। मंच से प्रत्याशी परिचय सम्मेलन की पूरी जिम्मेदारी महिलाएं संभालेंगी। नवीन पंजीयन, परिचय पुस्तिका वितरण एवं स्टाल्स की व्यवस्थाएं भी महिलाओं के पास रहेगी। मंच पर पहुंचकर परिचय देने में संकोच करने वाले प्रत्याशियों के लिए बनाए जा रहे स्टूडियो की कमान भी महिलाओं के पास रहेगी।

 

मप्र वैश्य महासम्मेलन की महिला इकाई की आवश्यक बैठक बुधवार को टैगोर मार्ग स्थित होटल अप्सरा पर सम्पन्न हुई जिसमें शहर के 25 से अधिक वैश्य समाजों की महिलाओं ने शामिल होकर सम्मेलन की तैयारियों पर विचार मंथन किया। अध्यक्ष राखी विजयवर्गीय ने बताया कि वैश्य घटकों में इस परिचय सम्मेलन को लेकर जबरदस्त उत्साह देखने को मिल रहा है।

 

111 महिलाएं संभालेंगी जिम्मेदारियां – बैठक में श्रीमती आभा विजयवर्गीय, सरिता काला, संजना गुप्ता, संगीता ताम्बी, दिव्या विजयवर्गीय, आशा गुप्ता, नुपूर खंडेलवाल, शिखा गुप्ता, रजनी खंडेलवाल, सविता माहेश्वरी, रजनी गुप्ता, सुषमा माहेश्वरी, राधिका गट्टानी, सुनीता मेढ़तवाल, ममता राजोरिया सहित विभिन्न वैश्य समाजों की महिलाओं ने अपने महत्वपूर्ण सुझाव दिए। यह निर्णय भी लिया गया कि सम्मेलन में दोनों दिन महिलाओं के लिए एक ड्रेस कोड रहेगा और सभी व्यवस्थाएं 111 महिलाएं संभालेंगी जिन्हें अलग-अलग समितियों के माध्यम से जिम्मेदारियां सौंपी जाएंगी।

 

टूटते रिश्तों पर होगा मंथन – सम्मेलन में देशभर में वैश्य समाज में टूटते रिश्तों और बढ़ते तलाक प्रकरणों पर भी चर्चा होगी ताकि वैश्य समाज इस अप्रिय स्थिति से बचने के लिए कोई भी वैवाहिक रिश्ता जल्दबाजी में तय नहीं करे और संबंध तय करने के पूर्व दोनों पक्ष सभी आवश्यक जानकारियां प्राप्त कर लें। इसके लिए विभिन्न समाजों के विशेषज्ञ वक्ता और समाजों के पदाधिकारी अपने विचार रखेंगे। सम्मेलन में दहेज़ एवं वैभव प्रदर्शन की होड़ जैसी प्रवृत्तियों के साथ ही प्री वेडिंग शूट के नाम पर चल रही प्रवृत्ति के प्रति विरोध भी किया जाएगा और मुख्य रूप से “दुल्हन ही दहेज़ है, समय पर करें अपने बच्चों की शादी “ जैसे आदर्श वाक्यों को भी प्रचारित करने का निर्णय लिया गया।

 

अब तक 1800 प्रविष्ठियां – बैठक में सम्मेलन के महामंत्री अरविन्द बागड़ी ने बताया कि मातृशक्ति के उत्साह को देखते हुए सम्मेलन के 4 सत्रों में से एक सत्र की पूरी कमान महिलाओं को सौंपने का निर्णय लिया गया है। श्रेष्ठ महिला कार्यकर्ताओं का सम्मेलन के समापन समारोह में सम्मान भी किया जाएगा। अब तक सम्मेलन के लिए 1800 से अधिक प्रविष्ठियां प्राप्त हो चुकी हैं। परिचय पुस्तिका में प्रकाशन के दौरान प्रूफ रीडिंग एवं अन्य सहयोग के लिए भी श्रीमती राखी विजयवर्गीय के नेतृत्व में महिलाओं की टीम काम करेगी। बैठक में ज्यादा से ज्यादा प्रविष्ठियां प्रत्येक समाज से प्राप्त करने के लिए जिला स्तर पर टीम का गठन भी किया गया।

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