भोपाल में कांग्रेस की अंदरूनी कलह गहराई, जीतू पटवारी और हरीश चौधरी पर राकेश सिंह यादव के गंभीर आरोप
बयानबाजी के बीच कांग्रेस ने राकेश सिंह यादव को पार्टी से निष्कासित किया, दो महिला नेताओं को भी कारण बताओ नोटिस जारी।

सत्याग्रह लाइव। मध्यप्रदेश कांग्रेस में अंदरूनी कलह और गुटबाजी के बीच नया विवाद सामने आया है। वरिष्ठ नेता राकेश सिंह यादव ने प्रदेश नेतृत्व पर गंभीर आरोप लगाए हैं। वहीं कांग्रेस ने अनुशासनहीनता का हवाला देते हुए उन्हें प्राथमिक सदस्यता से निष्कासित कर दिया है। दो महिला नेताओं को भी कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है।
मध्यप्रदेश कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व प्रदेश महासचिव राकेश सिंह यादव ने प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी और संगठन प्रभारी हरीश चौधरी पर गंभीर आरोप लगाए हैं। राकेश सिंह यादव ने कहा कि जीतू पटवारी प्रदेश अध्यक्ष पद के योग्य नहीं हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदेश नेतृत्व संगठन को कमजोर कर रहा है, मनमाने फैसले लिए जा रहे हैं और असहमति की आवाज को दबाया जा रहा है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि हरीश चौधरी ने पंजाब में टिकट बेचे और जीतू पटवारी ने उनका बचाव किया।
कांग्रेस ने किया निष्कासन, नोटिस भी जारी
कांग्रेस संगठन ने स्पष्ट किया कि इंदौर के कांग्रेस नेता राकेश यादव को प्राथमिक सदस्यता से निष्कासित कर दिया गया है। पार्टी के अनुसार, राकेश यादव लंबे समय से सोशल मीडिया और समाचार पत्रों में कांग्रेस के राष्ट्रीय और प्रदेश नेतृत्व के खिलाफ बयानबाजी कर रहे थे। कई बार समझाइश और चेतावनी दिए जाने के बावजूद उनके व्यवहार में सुधार नहीं आया, जिसके बाद अनुशासनहीनता के आधार पर यह कार्रवाई की गई। इसके साथ ही कांग्रेस ने अनुशासनहीनता के मामले में दो महिला नेताओं को भी कारण बताओ नोटिस जारी किया है।
वीर भारत न्यास भूमि विवाद से बढ़ा विवाद
पूरे घटनाक्रम की पृष्ठभूमि उज्जैन के वीर भारत न्यास की जमीन से जुड़े विवाद को माना जा रहा है। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने राज्य सरकार पर 500 करोड़ रुपये के भूमि घोटाले का आरोप लगाया था। इसके बाद दिग्विजय सिंह ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि यह सरकारी न्यास है, इसलिए इसमें किसी प्रकार का घोटाला नहीं हुआ। इस सार्वजनिक मतभेद के बाद पार्टी के भीतर बयानबाजी तेज हो गई और विवाद लगातार बढ़ता गया।



