25 किमी की पैदल चाल ने परखी युवाओं की शारीरिक क्षमता, 166 अभ्यर्थियों ने हासिल की सफलता भोपाल से मेरिट के आधार पर होंगे नाम तय।
धार वन मंडल में वनरक्षक भर्ती की शारीरिक दक्षता परीक्षा संपन्न, 196 अभ्यर्थियों में से 24 रहे अनुपस्थित, 6 अभ्यर्थी नहीं कर सके निर्धारित मापदंड पूरे।

25 किमी की पैदल चाल ने परखी युवाओं की शारीरिक क्षमता, 166 अभ्यर्थियों ने हासिल की सफलता भोपाल से मेरिट के आधार पर होंगे नाम तय
धार वन मंडल में वनरक्षक भर्ती की शारीरिक दक्षता परीक्षा संपन्न, 196 अभ्यर्थियों में से 24 रहे अनुपस्थित, 6 अभ्यर्थी नहीं कर सके निर्धारित मापदंड पूरे।
धार।
वनरक्षक बनने का सपना लेकर मैदान में उतरे युवाओं की शारीरिक क्षमता, सहनशक्ति और मेहनत की परीक्षा शनिवार को धार वन मंडल में हुई। भर्ती प्रक्रिया के तहत आयोजित शारीरिक दक्षता परीक्षण में अभ्यर्थियों को 25 किलोमीटर की पैदल चाल पूरी करनी थी। इस चुनौतीपूर्ण प्रक्रिया के बाद 166 अभ्यर्थियों ने सफलता हासिल की, जबकि 6 अभ्यर्थी निर्धारित मापदंडों पर खरे नहीं उतर सके। वहीं, 196 अभ्यर्थियों में से 24 अभ्यर्थी परीक्षा में शामिल ही नहीं हुए। इस तरह वनरक्षक भर्ती के दूसरे चरण में युवाओं को अपनी शारीरिक क्षमता साबित करने के लिए कठिन परीक्षा से गुजरना पड़ा। वन विभाग के लिए ऐसे कर्मचारियों का चयन महत्वपूर्ण है, जिन्हें वन क्षेत्रों में जिम्मेदारी के साथ काम करना होता है।

पारदर्शिता के साथ प्रक्रिया पूरी कराने पर जोर विशेष कमेटी तैनातवनरक्षक भर्ती में पात्र अभ्यर्थियों की जांच से लेकर शारीरिक दक्षता परीक्षण तक प्रत्येक चरण महत्वपूर्ण रहा। भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता बनाए रखने और निर्धारित मापदंडों के अनुरूप परीक्षण कराने पर जोर दिया गया। भर्ती प्रक्रिया को व्यवस्थित और निष्पक्ष तरीके से संपन्न कराने के लिए वरिष्ठ अधिकारियों की विशेष कमेटी निगरानी कर रही है। डिप्टी कलेक्टर आशा परमार, डीएफओ पंकज चौधरी, एसडीओसुरेश बारोले, सरिता ठाकुर, रेंजर प्रभुराम मुछाला, शैलेंद्र सोलंकी, होशियार सिंह कन्नौज, गौरव त्रिवेदी , गजानन बिरला,उर्मिला वसुनिया, बबीता बघेल, चेतना कुशवाह, ललिता भारती, सुशील यादव, राजेश बघेल , आशा आर्य, अनिता सिसोदिया, अशोक मेहता, नितिन पवार, सोनाली चौहान वन विभाग के अधिकारियों के साथ प्रशासन, पुलिस और चिकित्सा विभाग से जुड़े अधिकारियों की मौजूद रहे।

दस्तावेजों से लेकर पैदल चाल तक, हर चरण में परखी गई योग्यता:
वनरक्षक भर्ती की प्रक्रिया को निर्धारित नियमों के अनुसार पूरा कराने के लिए अभ्यर्थियों का पहले दस्तावेज सत्यापन और बायोमेट्रिक परीक्षण किया गया था। इसके बाद शारीरिक मापदंडों के तहत ऊंचाई और सीने की चौड़ाई की जांच की गई। प्रारंभिक प्रक्रिया पूरी करने वाले अभ्यर्थियों के सामने सबसे बड़ी चुनौती 25 किलोमीटर की पैदल चाल पूरी करने की थी। इस चरण में अभ्यर्थियों की शारीरिक क्षमता, लगातार चलने की सहनशक्ति और निर्धारित मापदंडों के अनुरूप प्रदर्शन को परखा गया।

वनरक्षक का पद केवल परीक्षा पास करने तक सीमित नहीं है, बल्कि इसमें जंगलों की निगरानी, वन क्षेत्रों में गश्त, वन्यजीवों की सुरक्षा और दुर्गम इलाकों में काम करने जैसी जिम्मेदारियां भी शामिल होती हैं। ऐसे में भर्ती प्रक्रिया में शारीरिक दक्षता का चरण महत्वपूर्ण माना जाता है। इसी को ध्यान में रखते हुए अभ्यर्थियों को पैदल चाल की कठिन कसौटी से गुजरना पड़ा।
25 किलोमीटर की पैदल चाल पूरी करने के बाद सफल अभ्यर्थियों के चेहरों पर राहत और खुशी नजर आई। अब अभ्यर्थियों की नजर भर्ती के अगले चरण और अंतिम चयन सूची पर रहेगी।

196 अभ्यर्थियों में से 24 नहीं पहुंचे
भर्ती प्रक्रिया में कुल 196 अभ्यर्थियों को शामिल होना था, लेकिन इनमें से 24 अभ्यर्थी अनुपस्थित रहे। परीक्षा में उपस्थित अभ्यर्थियों ने शारीरिक दक्षता की चुनौती का सामना किया। उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार, 166 अभ्यर्थियों ने सफलता प्राप्त की, जबकि 6 अभ्यर्थी निर्धारित मापदंड पूरे नहीं कर सके। इस तरह पैदल चाल के बाद सफल और असफल अभ्यर्थियों की स्थिति स्पष्ट हुई।

सात पदों के लिए चयन प्रक्रिया पर नजर:
धार वन मंडल में वनरक्षक भर्ती के तहत सात पदों के लिए अभ्यर्थियों की प्रक्रिया आयोजित की गई। सीमित पदों के मुकाबले अभ्यर्थियों की संख्या अधिक होने से भर्ती प्रक्रिया को लेकर युवाओं में उत्सुकता बनी हुई थी। दस्तावेज सत्यापन, बायोमेट्रिक जांच, शारीरिक माप और पैदल चाल जैसे चरणों के माध्यम से पात्रता एवं दक्षता का परीक्षण किया गया। भर्ती में सफलता हासिल करने वाले अभ्यर्थियों के लिए यह महत्वपूर्ण पड़ाव है। हालांकि, अंतिम चयन से संबंधित स्थिति आधिकारिक परिणाम और विभागीय प्रक्रिया के अनुसार ही स्पष्ट होगी। अभ्यर्थियों को आगे की चयन प्रक्रिया तथा विभाग की ओर से जारी निर्देशों पर नजर रखनी होगी।




