
जनोदय पंच। सेंधवा-खेतिया 57.25 किमी मार्ग सहित कुल 58.69 किमी सड़क की मरम्मत के लिए 2 करोड़ 61 लाख 50 हजार रुपये स्वीकृत हुए थे। कार्यादेश के बावजूद सड़क के कई हिस्से क्षतिग्रस्त हैं और मरम्मत कार्य नहीं होने से मार्ग की बदहाली बनी हुई है।
शहर के सामाजिक कार्यकर्ता एवं अधिवक्ता बी.एल.जैन ने मामले को लेकर प्रधानमंत्री कार्यालय, मुख्यमंत्री, लोकनिर्माण मंत्री और विभाग के उच्च अधिकारियों को पत्र प्रेषित किया। उन्होंने बताया कि सेंधवा-खेतिया के 57.25 किमी एवं अंजड-ठीकरी खंड के 1.44 किमी, कुल 58.69 किमी मार्ग की मरम्मत के लिए 2,61,50,336 रुपये का कार्यादेश 16 सितम्बर 2025 को जारी किया गया था, जिसकी अवधि 15 सितम्बर 2026 को समाप्त हो चुकी है।
कार्यपालन यंत्री लो.नि.वि.रा.रा. एवं संबंधित एजेन्सी के मध्य हुए अनुबंध में पूरे वर्ष, बारिश के सीजन सहित, सड़क का रखरखाव संबंधित एजेन्सी द्वारा किए जाने का उल्लेख है।
चार स्थानों पर बायपास मार्ग की स्वीकृति
श्री जैन ने पत्र में लिखा है कि केन्द्र शासन द्वारा इस मार्ग को टू-लेन सड़क एवं चार स्थानों से बायपास मार्ग के पुनर्निर्माण की स्वीकृति दिसम्बर 2024 में 615.61 करोड़ की प्रदान की गई है। स्वीकृति के अनुसार सेंधवा-निवाली-पानसेमल-खेतिया बायपास मार्ग स्वीकृत किए गए हैं।
लेकिन अभी तक औपचारिकताएं पूरी नहीं होने के कारण इस मार्ग के रखरखाव की जवाबदारी कार्यपालन यंत्री लो.नि.वि.रा.रा. इंदौर के पास है।
पांच बार शिकायत, फिर फरवरी में हुई मरम्मत
श्री जैन ने पत्र में लिखा है कि उनके द्वारा मार्ग की बदहाली को लेकर सी.एम. हेल्पलाइन एवं विभागीय अधिकारियों को पांच बार शिकायतें प्रेषित की गईं, लेकिन विभागीय अधिकारी इस मामले में बेपरवाह बने हुए हैं।
उन्होंने बताया कि उक्त कार्य का कार्यादेश कार्यपालन यंत्री द्वारा 16 सितम्बर 2025 को दिया गया और 10 दिसम्बर 2025 को कार्यपालन यंत्री द्वारा 86 लाख रुपये का बिल बनाकर रीजनल ऑफिस भोपाल को स्वीकृति के लिए भेजा गया। उस समय सेंधवा से खेतिया के 10 किमी हिस्से की हालत अत्यधिक खराब थी। इसके बावजूद बिल स्वीकृति के लिए उच्च कार्यालय को भेज दिया गया।
इसके बाद 22 जनवरी 2026 को बदहाल सड़क के फोटो सहित प्रमाणिक शिकायत शासन को भेजी गई। इसके बाद फरवरी 2026 में उक्त हिस्से का मरम्मत कार्य किया गया। लेकिन फरवरी 2026 के बाद अब तक सात माह के दौरान मरम्मत कार्य नहीं किया गया।
मरम्मत के दावों पर उठाए सवाल
इस संबंध में समाचार पत्रों में सड़क की बदहाली को लेकर खबरें भी प्रकाशित होती रही हैं। वहीं विभाग के एक जिम्मेदार अधिकारी यह बयान देते रहे कि आवश्यकता के अनुसार सड़क के खराब हिस्सों की मरम्मत कराई जा रही है। जबकि श्री जैन के अनुसार वास्तविक स्थिति यह है कि मरम्मत कार्य का ठेका समाप्त होने की दिनांक तक मरम्मत कार्य प्रारम्भ ही नहीं किया गया।
श्री जैन ने आरोप लगाया है कि इस मामले में गंभीर किस्म की अनियमितताएं बरती गई हैं। उन्होंने मामले की उच्च स्तरीय निष्पक्ष जांच की मांग करते हुए बदहाल सड़क का मरम्मत कार्य तत्काल प्रारम्भ करवाने की मांग की है।




