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जाति प्रमाण पत्र विवाद गहराया, मंत्री प्रतिमा बागरी को 6 जुलाई को हाईकोर्ट प्रकरण में पेशी का नोटिस

उच्च स्तरीय छानबीन समिति ने व्यक्तिगत उपस्थिति, मूल दस्तावेज और शिकायतकर्ता की मौजूदगी के साथ निष्पक्ष जांच की प्रक्रिया तेज की।

सत्याग्रह लाइव। मध्य प्रदेश सरकार की राज्य मंत्री और रैगांव विधायक प्रतिमा बागरी के जाति प्रमाण पत्र विवाद में जांच तेज हो गई है। उच्च स्तरीय छानबीन समिति ने 6 जुलाई को व्यक्तिगत पेशी का नोटिस जारी किया है। शिकायतकर्ता प्रदीप अहिरवार को भी उपस्थित रहने के निर्देश दिए गए हैं, जबकि सतना में ढोंडी पिटवाकर नोटिस तामील कराने की प्रक्रिया भी शुरू की गई है।


जाति प्रमाण पत्र विवाद में जांच तेज, 6 जुलाई को पेशी के निर्देश

भोपाल। मध्य प्रदेश की मोहन यादव सरकार में राज्य मंत्री और सतना जिले की रैगांव विधानसभा सीट से भाजपा विधायक प्रतिमा बागरी की जाति प्रमाण पत्र से जुड़ी जांच ने नया मोड़ ले लिया है। अनुसूचित जाति प्रमाण पत्र विवाद में उच्च स्तरीय छानबीन समिति ने प्रतिमा बागरी को 6 जुलाई को व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होकर अपना पक्ष रखने का नोटिस जारी किया है। समिति ने उन्हें जाति संबंधी दावों के समर्थन में सभी मूल दस्तावेज प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं। साथ ही शिकायतकर्ता और कांग्रेस नेता प्रदीप अहिरवार को भी सुनवाई के दौरान उपस्थित रहने के लिए कहा गया है, ताकि दोनों पक्षों की मौजूदगी में मामले की जांच की जा सके।

प्रदीप अहिरवार की शिकायत के बाद बढ़ी कानूनी कार्रवाई

इस विवाद की शुरुआत नर्मदापुरम जिले की इटारसी तहसील निवासी तथा भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के अनुसूचित जाति विभाग के प्रदेश अध्यक्ष प्रदीप अहिरवार की शिकायत से हुई थी। शिकायत में दावा किया गया कि प्रतिमा बागरी ने चुनाव लड़ने के दौरान जो अनुसूचित जाति प्रमाण पत्र प्रस्तुत किया, वह नियमानुसार वैध नहीं है। प्रदीप अहिरवार का कहना है कि सतना क्षेत्र की अनुसूचित जातियों की आधिकारिक सूची में बागरी समुदाय का नाम शामिल नहीं है, जिससे प्रमाण पत्र की वैधता पर प्रश्न उठते हैं।

हाईकोर्ट के निर्देश के बाद समिति सक्रिय

अप्रैल 2025 में शिकायत दर्ज होने के बाद लंबे समय तक कार्रवाई नहीं होने पर प्रदीप अहिरवार ने हाईकोर्ट में जनहित याचिका दायर की। याचिका में दावा किया गया कि प्रतिमा बागरी राजपूत अथवा ठाकुर समुदाय से संबंध रखती हैं और सामान्य वर्ग से होने के बावजूद आरक्षित सीट से चुनाव लड़ना नियमों के विरुद्ध है। इसके बाद हाईकोर्ट ने संबंधित प्राधिकरण को मामले का शीघ्र निराकरण करने के निर्देश दिए, जिसके बाद उच्च स्तरीय छानबीन समिति ने जांच प्रक्रिया तेज कर दी।

ढोंडी पिटवाकर तामील होगा नोटिस, मांगे गए मूल साक्ष्य

छानबीन समिति ने सतना कलेक्टर को निर्देश दिए हैं कि प्रतिमा बागरी के गांव और मोहल्ले में ढोंडी पिटवाकर नोटिस तामील कराया जाए, ताकि स्थानीय स्तर पर भी आवश्यक साक्ष्य सामने आ सकें। समिति ने प्रतिमा बागरी से वर्ष 1950 की स्थिति के अनुसार सतना का निवासी होने तथा बागरी अनुसूचित जाति से संबंधित मूल दस्तावेज और अन्य आवश्यक साक्ष्य प्रस्तुत करने के लिए कहा है। शिकायतकर्ता प्रदीप अहिरवार ने समिति की कार्रवाई पर संतोष व्यक्त करते हुए निष्पक्ष जांच की उम्मीद जताई है। अब 6 जुलाई को होने वाली सुनवाई पर पूरे मामले की निगाहें टिकी हुई हैं।

 

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