121 युगलों ने किया गणपति-महालक्ष्मी सहस्त्रार्चन
श्री गणेश-महालक्ष्मी सहस्त्रार्चन समिति

श्री गणेश-महालक्ष्मी सहस्त्रार्चन समिति
दीपोत्सव की पूर्व बेला में खजराना गणेश मन्दिर स्थित छाबछरिया प्रवचन हॉल में 121 युगलों ने किया गणपति-महालक्ष्मी सहस्त्रार्चन
इंदौर, उज्जैन, ओंकारेश्वर के 11 विद्वान आचार्यों ने शास्त्रोक्त विधि से कराया पूजन- भेंट किए अभिमंत्रित श्रीयंत्र
इंदौर। दीपावली की पूर्व बेला में खजराना गणेश मंदिर परिसर स्थित दौलतराम छाबछरिया प्रवचन हॉल में पहली बार 121 यजमान दम्पत्तियों ने श्री गणपति एवं माँ महालक्ष्मी सहस्त्रार्चन का दिव्य अनुष्ठान मप्र ज्योतिष एवं विद्वत परिषद के अध्यक्ष आचार्य पं. रामचंद्र शर्मा वैदिक के आचार्यत्व में सम्पन्न किया। इन सभी युगलों को पूजन सामग्री भी निशुल्क उपलब्ध कराई गई और समापन अवसर पर अभिमंत्रित श्रीयंत्र भी भेंट किए गए।
आयोजन समिति के अध्यक्ष एवं एवं विश्व ब्राह्मण समाज संघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष पं. योगेन्द्र महंत, प्रमुख संयोजक राजेश बंसल एवं संदीप गोयल ऑटो ने बताया कि शंख ध्वनि के बीच प्रारम्भ हुए इस अनुष्ठान में इंदौर, उज्जैन ओंकारेश्वर सहित आसपास के प्रमुख धर्म स्थलों से आए 11 विद्वान ब्राह्मणों ने शास्त्रोत्क विधि से अनुष्ठान सम्पन्न कराया। मुख्य यजमान समाजसेवी बालकिशन छाबछरिया (बल्लू अग्रवाल) थे। विधायक गोलू शुक्ला, भाजपा नेता अक्षय बम, पूर्व विधायक संजय शुक्ला, समाजसेवी विष्णु बिंदल, राजेश गर्ग केटी, जगदीश बाबाश्री, राहुल गोयल बंटी, वर्षा बंसल, एसएन गोयल समाधान सहित अनेक विशिष्ट अतिथि भी मौजूद रहे। शहर के धर्माचार्यों में सदगुरु अण्णा महाराज, बच्चा महाराज, खजराना गणेश मंदिर के प्रमुख पुजारी पं. अशोक भट्ट, रणजीत हनुमान मंदिर के पुजारी पं. दीपेश व्यास, विद्याधाम के आचार्य पं. राजेश शर्मा, पं. राजाराम पाठक, पं. विनीत भट्ट सहित अनेक संत महात्मा भी भागीदार बने। वरिष्ठ पत्रकार मेहन्द्र सिंह सोनगिरा, शिव जिंदल, रितु-संदीप गोयल, रिंकू बंसल, शीतल-संजय तोडीवाला, मनोज अगरबत्ती, सुरेश-गोयल एवं पं. अनंत महंत सहित अनेक गणमान्य बंधु भी इस उत्सव के साक्षी बने। करीब 3 घंटे चले इस अनुष्ठान का समापन 108 दीपों से महाआरती के साथ हुआ। आचार्य पं. वैदिक ने सभी यजमानों को अभिमंत्रित श्रीयंत्र भेंट कर उन्हें सुख, शांति एवं समृद्धि के शुभाशीर्वाद प्रदान किए।
यजमान युगलों ने दीपावली महापर्व की पूर्व बेला में शास्त्रोक्त विधि से हुए इस अनुष्ठान की मुक्त कंठ प्रशंसा की। कई युगलों ने तो स्वीकार किया कि उन्होंने पहली बार इतना व्यवस्थित और सामूहिक पूजन देखा। अनुष्ठान में 111 यजमानों का पंजीयन पहले ही हो चुका था लेकिन 10 अन्य युगल भी कार्यक्रम स्थल पर श्रद्धा और उत्साह के साथ शामिल हो गए। इस तरह 121 युगलों ने टेबल और कुर्सी पर बैठकर इस विधान को सम्पादित किया। सभी अतिथियों और यजमानों ने भी पहली बार हुए इस आयोजन की खुलेमन से सराहना करते हुए कहा कि सनातनी पूजन और वैदिक परम्परा से जोड़ने के उद्देश्य से किए गए इस आनंदोत्सव की अनुभूति को शब्दों में व्यक्त करना असम्भव लगता है।




