सहकारी समिति प्रबंधक के ठिकानों पर लोकायुक्त का छापा, 2.41 करोड़ की अनुपातहीन संपत्ति उजाग
सहकारी समिति प्रबंधक के ठिकानों पर लोकायुक्त का छापा, 2.41 करोड़ की अनुपातहीन संपत्ति उजाग65 लाख रुपए की वेतन आय के मुकाबले 271 प्रतिशत अधिक संपत्ति का हिसाब मिला,

आशीष यादव धार
आदिम जाति सेवा सहकारी समिति नालछा के प्रबंधक शेरसिंह ठाकुर के खिलाफ बुधवार को लोकायुक्त इंदौर ने आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने के मामले में बड़ी कार्रवाई की। लोकायुक्त की तीन अलग-अलग टीमों ने एक साथ सोड़पुर, नालछा और मांडव स्थित उनके ठिकानों पर सर्च अभियान चलाया। शुरुआती जांच में प्रबंधक के पास करीब 2 करोड़ 41 लाख 45 हजार रुपए की अनुपातहीन संपत्ति होने का खुलासा हुआ है। खास बात यह है कि करीब 20 साल के सेवाकाल में उनकी अनुमानित वैध वेतन आय 65 लाख रुपए आंकी गई है, जबकि इसके मुकाबले संपत्ति और अन्य मदों में 271.46 प्रतिशत अधिक राशि खर्च होना सामने आया है।

लोकायुक्त को सूत्रों से सूचना मिली थी कि सहकारी समिति प्रबंधक शेरसिंह ठाकुर ने अपने सेवाकाल के दौरान आय के ज्ञात स्रोतों से अधिक संपत्ति अर्जित की है। सूचना के सत्यापन के बाद लोकायुक्त संगठन ने बुधवार को एक साथ तीन स्थानों पर छापेमार कार्रवाई शुरू की। कार्रवाई के दौरान कई अचल संपत्तियों, वाहनों और कृषि उपकरणों की जानकारी सामने आई है। कुछ संपत्तियों को बेनामी होने की आशंका के आधार पर भी जांच के दायरे में लिया गया है।
सोड़पुर में 97 लाख का दो मंजिला भवन
प्रारंभिक जांच में ग्राम सोड़पुर, नालछा में 0.1520 हेक्टेयर भूखंड पर करीब 2400 वर्गफीट में निर्मित दो मंजिला भवन सामने आया है। भूखंड की खरीद और भवन निर्माण पर करीब 97 लाख रुपए खर्च होने का अनुमान लगाया गया है। इसके अलावा नालछा में मांडव रोड स्थित सोड़पुर तिराहे पर करीब 1350 वर्गफीट का व्यावसायिक भवन भी मिला है, जिसकी अनुमानित कीमत 20 लाख रुपए बताई गई है।

पत्नी के नाम पर भी कृषि भूमि
जांच में प्रबंधक की पत्नी कविता ठाकुर के नाम पर ग्राम सोड़पुर, तहसील पीथमपुर में 0.645 हेक्टेयर कृषि भूमि सामने आई है। इस पर करीब 8 लाख रुपए खर्च होना बताया गया है। वहीं ग्राम मांडव, तहसील पीथमपुर में पत्नी के नाम पर 2.526 हेक्टेयर कृषि भूमि खरीदे जाने की जानकारी मिली है, जिसकी अनुमानित कीमत 42 लाख रुपए आंकी गई है।
जेसीबी, ट्रैक्टर से लेकर कार और बुलेट तक
लोकायुक्त की प्रारंभिक जांच में जेसीबी, महिंद्रा ट्रैक्टर, महिंद्रा टीयूवी, ऑल्टो कार, बुलेट मोटरसाइकिल सहित कृषि यंत्र और संयंत्र भी सामने आए हैं। इनकी अनुमानित कीमत करीब 53 लाख रुपए बताई गई है। इसके अलावा आरोपी से संबंधित संपत्तियों पर अन्य कृषि उपकरण, ट्रैक्टर और ट्रॉलियां भी मिली हैं। इनके वास्तविक स्वामित्व और कीमत का आकलन किया जा रहा है। एक अन्य भवन की जानकारी भी मिली है, जिसका सत्यापन किया जा रहा है।
तीन टीमों ने एक साथ संभाला मोर्चा
लोकायुक्त महानिदेशक योगेश देशमुख के निर्देश पर डीआईजी मनोज सिंह के मार्गदर्शन और पुलिस अधीक्षक राजेश सहाय के नेतृत्व में यह कार्रवाई की गई। डीएसपी आनंद चौहान, निरीक्षक आशुतोष मिठास, प्रतिभा तोमर और सचिन पटेरिया के नेतृत्व में अलग-अलग टीमें सर्च कार्रवाई में जुटी हैं। लोकायुक्त का दल दस्तावेजों, संपत्तियों और अन्य निवेश से जुड़े रिकॉर्ड की जांच कर रहा है।
भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम में मामला दर्ज
लोकायुक्त ने शेरसिंह ठाकुर के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण संशोधन अधिनियम 2018 की धारा 13(1)(बी) एवं 13(2) के तहत अपराध पंजीबद्ध किया है। फिलहाल कार्रवाई जारी है। सर्च पूरी होने और दस्तावेजों के परीक्षण के बाद संपत्तियों के वास्तविक मूल्य तथा आय के स्रोतों को लेकर स्थिति और स्पष्ट होगी।




