वनरक्षक भर्ती की हलचल तेज: 196 अभ्यर्थियों की किस्मत का होगा फैसला शुक्रवा
24 अक्टूबर को 25 किलोमीटर की पैदल चाल से तय होगी दक्षता धार वन मंडल में सात पदों के लिए मैदान में उतरेंगे युवा,

आशीष यादव धार।
वन विभाग में भर्ती को लेकर अभ्यर्थियों की हलचल तेज हो गई है। धार वन मंडल में भर्ती प्रक्रिया के तहत 196 अभ्यर्थी भाग लेंगे। धार जिले के लिए सात में पद खाली है। इन अभ्यर्थियों के लिए आगामी तीन दिन महत्वपूर्ण रहने वाले हैं। शारीरिक दक्षता, दस्तावेजों के परीक्षण और निर्धारित पैदल चाल की प्रक्रिया से गुजरने के बाद अभ्यर्थियों के चयन की दिशा तय होगी। भर्ती प्रक्रिया को लेकर अभ्यर्थियों में उत्साह के साथ ही चयन की चुनौती भी बनी हुई है। निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार, 23 अक्टूबर को अभ्यर्थियों का फिजिकल परीक्षण और दस्तावेजों की जांच की जाएगी। इस दौरान अभ्यर्थियों की शारीरिक पात्रता के साथ प्रस्तुत किए जाने वाले आवश्यक दस्तावेजों का सत्यापन किया जाएगा। भर्ती प्रक्रिया में शामिल होने वाले अभ्यर्थियों के लिए यह चरण बेहद महत्वपूर्ण रहेगा, क्योंकि इसमें निर्धारित मापदंडों और पात्रता संबंधी शर्तों को पूरा करना आवश्यक होगा।

24 अक्टूबर को होगी 25 किलोमीटर की पैदल चाल:
भर्ती प्रक्रिया का अगला और महत्वपूर्ण चरण 24 अक्टूबर को आयोजित होगा। इस दिन अभ्यर्थियों को 25 किलोमीटर की पैदल चाल पूरी करनी होगी। जो धार वन मंडल से शुरू होते हुए सलकनपुर तक निर्धारित दूरी तय करना हैे।अभ्यर्थियों की शारीरिक क्षमता, सहनशक्ति और कठिन परिस्थितियों में प्रदर्शन की परीक्षा होगी। लंबी दूरी की पैदल चाल के लिए अभ्यर्थियों को शारीरिक रूप से सक्षम होना जरूरी रहेगा। 25 किलोमीटर की पैदल चाल भर्ती प्रक्रिया की प्रमुख चुनौती मानी जा रही है। इसमें अभ्यर्थियों को निर्धारित नियमों और समय-सीमा के अनुसार अपनी क्षमता साबित करनी होगी। शारीरिक परीक्षण से लेकर पैदल चाल तक प्रत्येक चरण में अभ्यर्थियों का प्रदर्शन महत्वपूर्ण रहेगा।
नई प्रक्रिया अभ्यर्थियों के बायोमेट्रिक सत्यापन होगा:
वनरक्षक भर्ती परीक्षा के दूसरे चरण को पारदर्शी और व्यवस्थित तरीके से संपन्न कराने के लिए वन विभाग ने अभ्यर्थियों के बायोमेट्रिक सत्यापन की प्रक्रिया को लेकर तैयारी तेज कर दी है। लिखित परीक्षा में सफल होकर दूसरे चरण में शामिल होने वाले अभ्यर्थियों की पहचान सुनिश्चित करने के लिए मध्यप्रदेश कर्मचारी चयन मंडल (ईएसबी), भोपाल की लाइसेंस-की और टोकन का उपयोग किया जाएगा। इस संबंध में ईएसबी की ओर से विभाग को आवश्यक प्रक्रिया की जानकारी देते हुए स्पष्ट किया गया है कि प्रथम चरण की लिखित परीक्षा में अभ्यर्थियों का आधार सत्यापन ईएसबी के सब-एयूए लाइसेंस-की के माध्यम से किया गया था। अब भर्ती के दूसरे चरण का आयोजन वन विभाग द्वारा कराया जा रहा है, ऐसे में इस चरण में शामिल होने वाले अभ्यर्थियों का भी आधार सत्यापन सुनिश्चित करना जरूरी है। इसके लिए ईएसबी द्वारा संधारित टोकन और सब-एयूए लाइसेंस-की का उपयोग कर सत्यापन करने की व्यवस्था अपनाई जा सकती है। विभागीय स्तर पर इस तकनीकी प्रक्रिया के उपयोग से अभ्यर्थियों की पहचान का मिलान करने और भर्ती के अगले चरण में सत्यापन संबंधी औपचारिकताओं को पूरा करने में मदद मिलेगी। भर्ती प्रक्रिया में बड़ी संख्या में अभ्यर्थियों की भागीदारी को देखते हुए बायोमेट्रिक सत्यापन की व्यवस्था महत्वपूर्ण मानी जा रही है, ताकि निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार प्रत्येक अभ्यर्थी का सत्यापन किया जा सके और चयन प्रक्रिया को आगे बढ़ाया जा सके।
दो दिनों की प्रक्रिया पर टिकी अभ्यर्थियों की उम्मीदें:
धार वन मंडल में भर्ती के लिए शामिल हो रहे 196 अभ्यर्थियों के लिए 23 और 24 अक्टूबर की तारीखें निर्णायक साबित हो सकती हैं। पहले दिन शारीरिक परीक्षण और दस्तावेजों की जांच होगी, जबकि दूसरे दिन 25 किलोमीटर की पैदल चाल के माध्यम से शारीरिक दक्षता की परीक्षा होगी। इन चरणों के पूरा होने के बाद निर्धारित भर्ती नियमों के अनुसार चयन की प्रक्रिया आगे बढ़ेगी भर्ती में शामिल होने वाले अभ्यर्थियों के लिए जरूरी होगा कि वे अपने सभी आवश्यक दस्तावेज तैयार रखें और निर्धारित शारीरिक मापदंडों का पालन करें। अब सभी की नजरें परीक्षण प्रक्रिया और पैदल चाल के परिणामों पर टिकी हैं। कड़ी मेहनत, शारीरिक क्षमता और निर्धारित मानकों पर खरा उतरने वाले अभ्यर्थियों के लिए चयन का रास्ता आगे बढ़ेगा। 196 अभ्यर्थियों के बीच होने वाली इस भर्ती प्रक्रिया में अब असली परीक्षा मैदान में होगी, जहां शारीरिक दक्षता और निर्धारित मापदंडों पर प्रदर्शन उनकी आगे की राह तय करेगा।
शुरू हुआ उम्मीदवारों का मूवमेंट, दिलों में उत्साह और धड़कनें तेज:
भर्ती परीक्षा के इस पड़ाव को पार करने के लिए चयनित उम्मीदवार आज से ही अपने-अपने क्षेत्रों से धार मुख्यालय के लिए रवाना होने लगे हैं। दूर-दराज के ग्रामीण इलाकों और अन्य जिलों से आने वाले अभ्यर्थियों के पहुंचने का सिलसिला शुरू हो चुका है। वन विभाग की इस नौकरी को पाने के लिए युवाओं में भारी उत्साह देखा जा रहा है, वहीं परीक्षा को लेकर उनके दिलों की धड़कनें भी तेज हैं। उम्मीदवारों का राकेश कहना है कि में एक दिन पहले धार गया हैु
है कि उन्होंने फिजिकल टेस्ट के लिए महीनों कड़ी मेहनत की है और वे इस मौके को हाथ से नहीं जाने देना चाहते।
टीम बनाई करेगी जांच:
वन विभाग में वनरक्षक भर्ती प्रक्रिया को निष्पक्ष, पारदर्शी और व्यवस्थित तरीके से संपन्न कराना विभाग के लिए बड़ी चुनौती होगी। भर्ती में शामिल होने वाले अभ्यर्थियों के शारीरिक परीक्षण से लेकर दस्तावेजों की जांच और अंतिम चयन तक प्रत्येक चरण पर विशेष निगरानी रखी जाएगी। इसके लिए वन विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों की एक विशेष कमेटी गठित की गई है, डॉक्टर से लगाकर पुलिस विभाग के साथ प्रशासन के आला अधिकारी मौजूद रहेंगे। जो पूरी प्रक्रिया पर नजर रखेगी। कमेटी का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि भर्ती निर्धारित नियमों और मापदंडों के अनुसार संपन्न हो तथा किसी भी स्तर पर गड़बड़ी, पक्षपात या अनियमितता की संभावना न रहे। विभाग की इस व्यवस्था के बीच अभ्यर्थियों को अपनी शारीरिक क्षमता और निर्धारित मापदंडों के आधार पर चयनित होने का अवसर मिलेगा। भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता बनाए रखने के लिए निगरानी कमेटी की भूमिका अहम रहेगी।
23 अक्टूबर को कड़ी निगरानी में होगी जांच प्रक्रिया:
दस्तावेज परीक्षण : अभ्यर्थियों के सभी शैक्षणिक प्रमाण पत्र, जाति प्रमाण पत्र, निवास प्रमाण पत्र और रोजगार पंजीयन जैसे महत्वपूर्ण दस्तावेजों की गहनता से जांच की जाएगी। किसी भी विसंगति पर उम्मीदवार की पात्रता निरस्त की जा सकती है।
शारीरिक दक्षता परीक्षा: वनरक्षक पद के लिए तय शारीरिक मापदंड जैसे,ऊंचाई, सीने का नाप और पैदल चाल का आयोजन किया जाएगा। पुरुष और महिला अभ्यर्थियों के लिए विभाग के नियमानुसार अलग-अलग मापदंड निर्धारित हैं।



