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सिक्किम के नामची में निर्माणाधीन सुरंग पर भूस्खलन, आठ मजदूरों की मौत, राहत अभियान जारी

मीथेन गैस और मलबे के बीच एनडीआरएफ समेत कई एजेंसियां फंसे मजदूरों तक पहुंचने में जुटीं

सिक्किम के नामची जिले में निर्माणाधीन सुरंग पर हुए भूस्खलन के बाद राहत एवं बचाव अभियान लगातार जारी है। जिला प्रशासन ने आठ मजदूरों की मौत की पुष्टि की है। सुरंग में मीथेन गैस और मलबा बचाव कार्य में बड़ी चुनौती बना हुआ है, जबकि फंसे मजदूरों की संख्या की पुष्टि अभी जारी है।

भूस्खलन से बंद हुआ सुरंग का प्रवेश मार्ग

सिक्किम के नामची जिले के समरदुंग (झोलुंगे) स्थित एनएचपीसी की तीस्ता स्टेज-6 जलविद्युत परियोजना की निर्माणाधीन सुरंग में सोमवार को भूस्खलन हो गया। हादसे के बाद सुरंग का प्रवेश मार्ग मलबे से बंद हो गया और भीतर कार्य कर रहे मजदूर फंस गए। जिला प्रशासन के अनुसार अब तक आठ मजदूरों की मौत की पुष्टि हुई है। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार 27 मजदूरों के अंदर फंसे होने की आशंका जताई गई थी, हालांकि प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि वास्तविक संख्या इससे कम या अधिक भी हो सकती है।

मीथेन गैस से प्रभावित हुआ राहत अभियान

जिला कलेक्टर अनुपा तामलिंग ने बताया कि सुरंग के भीतर मीथेन गैस की अधिक मात्रा होने के कारण राहत एवं बचाव कार्य अत्यंत चुनौतीपूर्ण हो गया है। गैस का स्तर अधिक होने से बचाव दल अभी तक उस स्थान तक नहीं पहुंच सका है, जहां मजदूरों के फंसे होने की आशंका है। कई बचावकर्मियों को सुरंग के भीतर जाते समय चक्कर आए और कुछ की तबीयत बिगड़ने पर उन्हें बाहर निकालना पड़ा। प्रारंभिक चरण में सुरंग में गए तीन लोगों में से एक की हालत खराब होने पर उन्हें रंगपो सीएचसी में भर्ती कराया गया।

एनडीआरएफ और विशेषज्ञ दल मौके पर तैनात

जिला कलेक्टर अनुपा तामलिंग ने बताया कि सुरंग के भीतर वेंटिलेशन बेहतर बनाने और सुरक्षित तरीके से फंसे लोगों तक पहुंचने के प्रयास जारी हैं। पश्चिम बंगाल से विशेष गैस-प्रोटेक्टिव उपकरणों से लैस विशेषज्ञ बचाव दल को भी अभियान में शामिल किया गया है। एनडीआरएफ की पहली टीम ने घटना के बाद अंदर गए अग्निशमन कर्मियों को सुरक्षित बाहर निकाला, जिसके बाद दूसरी एनडीआरएफ टीम ने अभियान आगे बढ़ाया। मौके पर एसडीआरएफ, जिला पुलिस, फायर एंड इमरजेंसी सर्विस, एंबुलेंस और चिकित्सा दल भी तैनात हैं।

विस्फोट जैसी स्थिति के बाद हुआ भूस्खलन

प्रारंभिक जानकारी के अनुसार सुरंग के प्रवेश द्वार से लगभग 1.5 किलोमीटर भीतर मीथेन गैस जमा हो गई थी। गैस निकालने के प्रयास के दौरान विस्फोट जैसी स्थिति बनने के बाद सुरंग के भीतर भूस्खलन हुआ, जिससे बाहर निकलने का मार्ग बंद हो गया। कुछ मजदूर समय रहते बाहर निकल आए, जबकि अन्य भीतर फंस गए। आकाशवाणी की रिपोर्ट के अनुसार नामची जिले के एसएसपी ने बताया कि बचाव दल अब तक आठ शव बरामद कर चुका है। प्रशासन ने कहा है कि फंसे लोगों तक सुरक्षित पहुंचने के प्रयास लगातार जारी हैं।

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