मेरे लिए जीवन का एक ही ध्येय था, देश के लिए निस्वार्थ कर्म – प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी
मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने कार्यकर्ताओं को दिलाया विकसित भारत बनाने का संकल्प

यशस्वी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के सार्वजनिक जीवन के 25 वर्ष पूर्ण
मेरे लिए जीवन का एक ही ध्येय था, देश के लिए निस्वार्थ कर्म – प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी
ये समय आराम का नहीं है. ये समय सोच के साथ आगे बढ़ने का है। देश के लिए खुद को खपा दें – प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी
प्रधानमंत्री मोदी का आभार व्यक्त करते हुए भाजपा ने निकाली सेवा ज्योति संकल्प यात्रा
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कार्यकर्ताओं को वर्चुअली संबोधित किया
मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने कार्यकर्ताओं को दिलाया विकसित भारत बनाने का संकल्प
इंदौर। देश के यशस्वी प्रधानमंत्री और दुनिया के सबसे लोकप्रिय नेता नरेंद्र मोदी जी के सार्वजनिक जीवन के 25 वर्ष पूर्ण होने पर आज भाजपा द्वारा विजय नगर स्थित आईडीए ग्राउंड पर आयोजित सेवा ज्योति संकल्प यात्रा को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी ने वर्चुअल रूप से संबोधित किया। इस अवसर पर मप्र के केबिनेट मंत्री कैलाश विजयवर्गीय, तुलसीराम सिलावट, भाजपा प्रदेश उपाध्यक्ष व संभाग प्रभारी रणवीर सिंह रावत, नगर अध्यक्ष सुमित मिश्रा, नगर प्रभारी राजेश सोलंकी, सांसद शंकर लालवानी, महापौर पुष्यमित्र भार्गव, जिला अध्यक्ष श्रवण सिंह चावड़ा, विधायक रमेश मेंदोला, गोलू शुक्ला, मालिनी गौड, महेंद्र हार्डिया, मधु वर्मा, उषा ठाकुर, वरिष्ठ नेता कृष्णमुरारी मोघे, पूर्व विधायक सुदर्शन गुप्ता, आकाश विजयवर्गीय की उपस्थिति में सेवा ज्योति संकल्प यात्रा निकाली गयी। मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने कार्यकर्ताओं को विकसित भारत का संकल्प दिलाया।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने विकसित भारत संकल्प सभा को वर्चुअल संबोधित करते हुए कहा कि ने कहा कि 07 अक्टूबर 2001 को जब मैंने गुजरात के सीएम के रूप में शपथ ली थी तब सोचा नहीं था कि कभी ये पड़ाव भी आएगा। आज मुझे हेड ऑफ गवर्नमेंट के तौर पर निरन्तर सेवा करते हुए 25 वर्ष हो गए हैं। ये जनता जनार्दन के निरंतर आशीर्वाद का परिणाम है। मैं देश की जनता के चरण में शीश झुका कर नमन करता हूं। उन्होंने भाजपा, समाजवादी और लोकतंत्र के प्रति श्रद्धा रखने वाले सभी राजनैतिक मित्रों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि मैं ईश्वर से प्रार्थना करता हूं कि ईश्वर मुझे इतनी शक्ति दे कि मैं अपने देश को और अधिक ऊर्जा के साथ काम कर सकूं। देशवासियों और सभी लोगों की दिन-रात सेवाएँ। आज मैं जो कुछ भी हूं, उसमें सबसे बड़ा योगदान जनता जनार्दन का है। मेरे लिए जनता जनार्दन भी ईश्वर का ही स्वरूप है। करोड़ों करोड़ों लोगों का विश्वास ही मेरी शक्ति है। देश ने मुझे बहुत कुछ दिया है। इसलिए देश के लिए भी मेरा दायित्व सबसे अधिक है, इसलिए मैं मानता हूँ कि देशवासियों का मुझ पर सबसे बड़ा हक है।
प्रधानमंत्री जी ने कहा कि 25 साल का जनविश्वास और 25 वर्ष का अनुभव बहुत बड़ी पूंजी है, ये पूंजी मोदी की नहीं है बल्कि ये देश की है। माँ भारती के हर सन्तान इस पूंजी की अधिकारी हैं। छात्रः जीवन से ही सीखना मेरे जीवन का हिस्सा बन गया और मैं आज भी स्वयं को एक शिष्य के रूप में मानता हूँ। हर दिन कुछ नया सीखने का प्रयास
करता हूं। उन्होंने कहा कि मैं महत्वाकांक्षा नहीं, मिशन के लिए जीने वाला इंसान हूं। जिंदगी में क्या बनूंगा, कभी सोचा ही नहीं। मैंने ईश्वर से माँगा कि सीखना कभी कम न हो। मैं जितना सीखूंगा देश के लिए कुछ करने का सामर्थ्य उतना ही बढ़ेगा। आज पीछे मुड़कर देखने पर, केवल कृतज्ञता का भाव ही दिखाई देता है। हर घटना ने मुझे कुछ न कुछ सिखाया है।
● जिसने मुझे जिताया, उसने मुझे विनम्र होना सिखाया।
● जिसने मुझे गिराया, उसने मुझे मुझे फिर से खड़ा होना सिखाया।
● जिसने मेरा साथ दिया, उसने मुझे विश्वास की शक्ति दिखाई
● जिसने मेरा विरोध किया, उसने मुझे लोकतंत्र की शक्ति समझाई।
● हर संकट मेरे धैर्य की परीक्षा रहा।
● हर सफ़लता ने मेरे दायित्व बोध को विस्तार दिया।
● हर सिद्धि ने बड़े लक्ष्य की ओर बढ़ने का ज़ज्बा दिया।
● चंद्रायन ने मुझे असफलता से उठना सिखाया।
● कोरोना महामारी ने मुझे राष्ट्र की सामुहिक चेतना का महत्व समझाया।
● हर गांव, हर गरीब ने मुझे सिखाया कि साधन-संसाधन भले ही ही सीमित हो, लेकिन सपने बड़े होने चाहिए।
मोदी ने कहा कि मैं अपनी यात्रा के दौरान प्रत्येक स्वयंसेवक, हर कार्यकर्ता का भरपूर साथ मिला है, मैं प्रत्येक स्वयंसेवक और कार्यकर्ताओं को आदरपूर्वक नमन करता हूं। आज का ये दिन यादों के लिए नहीं है, ये अपने संकल्पों को नई ऊर्जा से भरने का दिन है। आज का दिन उस वादे को दोहराने का दिन है, उस इरादे को व्यक्त करने का दिन है कि हम करके रहेंगे। वी विल डू इट। वी विल डू इट। लालकिले से मैंने सबका प्रयास की बात की थी। भारत को नई बुलंदियों पर पहुंचाने के लिए जो जोश और जज़्बा चाहिए, वो एक ही संदेश देता है कि हम करके रहेंगे। वी विल डू इट।
● 2047 तक विकसित भारत, वी विल डू इट।
● तीसरी सबसे बड़ी इकोनोमी- वी विल डू इट।
● आत्मनिर्भर भारत- हम यह करेंगे।
● ओलंपिक्स का आयोजन- वी विल डू इट।
● अंतरिक्ष में कदम- वी विल डू इट।
● ग्लोबल मैन्युफैक्चरिंग हब – वी विल डू इट।
प्रधानमंत्री श्री मोदी ने कहा कि ये ऊर्जा, ये आत्मविश्वास अद्भुत हैं। जहां ऐसा आत्मविश्वास लहू बनकर दौड़ता है, उसे कोई रोक नहीं लगा सकता। मैं एमबिशन के लिए नहींमिशनकेलिएजीताहूं। मेरे लिए जीवन का एक ही ध्येय था, देश के लिए निस्वार्थ कर्म। मेरे लिए कर्म ही आखिरी है। कर्म ही मेरा धर्म है। गीता ने हमें सिखाया है कर्मण्ये वाधिकारस्ते…, मैं कर्म को अपना धर्म मानता हूं। हर कर्म पूरी क्षमता से करता हूँ। सबका साथ, सबका विकास… यही मेरे लिए सुशासन का आधार है। देश ने अवसर
प्रधानमंत्री श्री मोदी ने कहा कि हमने इस अनादि राष्ट्र में जन्म लिया है, ये एहसास ही अमृत है। इसके सामने सत्ता सुख कुछ नहीं है। पद-प्रतिष्ठा अधिकार तो कहीं भी मिल सकते है, लेकिन भारत जैसी पुण्यभूमि कहीं नहीं मिलेगी। वो भारत, जिसने अंधकार के युग में भी मनुष्यों को ज्ञान दिया, उस राष्ट्र की सेवा का अवसर मिलना ही अमूल्य है। उन्होंने कहा गुजरात में था तो एक ही मंत्र के साथ जीता था गुजरात के विकास से देश का विकास, वो दौर चुनौतियाँ से भरा था क्योंकि मेरे पास सरकार चलाने का अनुभव नहीं था, न ही प्रशासनिक व्यवस्था का ज्ञान था, तब केवल जनशक्ति का ही विश्वास था। इसी विश्वास को मैंने अपना सामर्थ्य बनाया। मैंने जनता के साथ मिलकर निर्णय लिया, नीति बनाई तो जनता के साथ और लागू किया तो जनता को साथ लेकर और वही मंत्र वी विल डू ईट और जब जनता आपके साथ होती हो तो परिणाम भी आते हैं। गुजरात में करके दिखाया । यही मंत्र – वी विल डू इट…मेरे साथ था। जब प्रधान सेवक के रूप में दिल्ली आया तो देश के सामने चुनौतियां ही चुनौतियां थी, समस्याएं ही समस्याएं नजर आती थी, देश की अर्थव्यवस्था को लेकर दुनिया कहने लगी थी – ईटस अ गॉन केस,,,ईटस अ गॉन केस,,, । तब कोई ज्योति नहीं दिखती थी। देश घोर निराशा में डूबा था, एक विश्वास की जरूरत थी, तब मैंने वही काम किया, जो हमेशा किया। मैंने लोगों के साथ मिलकर काम किया और उनके साथ मिलकर फिर से वही दोहराया – वी विल डू इट। अब तस्वीर बदल गई है। आज मेड इन इंडिया फोन का जलवा है। कभी भारत में ब्लैक आउट हेडलाइन हुआ करती थी, आज सौर ऊर्जा के चर्च होते हैं। आज़ादी के बाद खेती बढ़ने की दर किसी दशक में रही तो 2015-25 दशक में सबसे ज़्यादा रही।
प्रधानमंत्री ने कहा कि हमारे दिल की हर दृष्टि में एक ही संकल्प नहीं है कि हमें प्राचीन भारत के गौरव को पुनर्जीवित करना है। कभी भारत विश्व की अर्थव्यवस्था का नेतृत्व करता था। समय का चक्र बदल गया, गुलामी का कालखंड आ गया, भारत को लूटकर मंदी कर दी गई। जो भारत विश्व को निर्देशित करता था, उस देश में छोटे-छोटे संकट विकराल होने लगे। अधर्म, अनेक विभीषिकाएँ, लेकिन तब भी माँ भारती की संतानों का साहस नहीं डिगा। आज हर चीज़ में भारत शामिल है। प्रौद्योगिकी, खेल, उद्योग में भारत का सितारा लहरा रहा है। आज पूरी दुनिया में भारत के पायलट की चर्चा है। एक दिन वो भी आएगा, जब मेड इन इंडिया प्लेन की चर्चा होगी। ये लक्ष्य पूरा होगा, अब ये समय आराम का नहीं है। ये समय सोच के साथ आगे बढ़ने का है। देश के लिए खुद को खपा दें। आज भारत में युवा हैं, वो इतिहास से मिला बहुत बड़ा मौका है, जिसे हमें गंवाना नहीं है। हम सब मिलकर 2047 तक विकसित भारत के संकल्प को पूरा करें ।

भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कार्यकाल में गरीबों, युवाओं, किसानों और नारी शक्ति के लिए योजनाओं के माध्यम से परिवर्तनकारी बदलाव लाए गए, जबकि कोविड संकट के दौरान टीकाकरण और खाद्य सुरक्षा सुनिश्चित की गई। श्री नितिन नबीन ने कहा कि माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के नेतृत्व में विकास, विरासत, सुरक्षा और भारत की वैश्विक प्रतिष्ठा को एक नई दिशा मिली है, जिससे विकसित भारत के संकल्प की पूर्ति का मार्ग प्रशस्त हुआ है।
मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने उपस्थितजनों को विकसित भारत का संकल्प दिलाया। उसके पश्चात सभी नेताओं ने मंच पर सेवा ज्योति मशाल प्रज्वलित कर विजय नगर चौराहे स्थित डॉ श्यामा प्रसाद मुखर्जी की प्रतिमा पर प्रधानमंत्री मोदी जी के 25 वर्ष जनसेवा पर आधारित स्थायी विशाल सेवा ज्योति मशाल को प्रज्वलित किया। भाजपा नगर अध्यक्ष सुमित मिश्रा और महापौर पुष्यमित्र भार्गव ने डॉ श्यामा प्रसाद मुखर्जी की प्रतिमा पर माल्यार्पण किया। इसके पश्चात सेवा ज्योति संकल्प के रथों को विधानसभा क्षेत्रों के लिए रवाना किया गया। 25 वर्ष की जनसेवा, सुशासन के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के प्रति आभार व्यक्त करते हुए सेवा ज्योति संकल्प यात्रा सभी विधानसभा क्षेत्रों में कार्यकर्ताओं द्वारा निकाली गई।
इस अवसर पर प्रताप करोसिया, अजा मोर्चा प्रदेश अध्यक्ष भगवान परमार, सूरज केरो, रीना सतीश मालवीय, सेम पावरी, महेश ढालिया, कंचनसिंह चौहान, महेश पालीवाल, मानसिंह यादव, दिव्या गुप्ता, राकेश सिंह यादव, सचिन बघेल, सुधीर कोल्हे, महेश कुकरेजा, कैलाश पिपले, रामस्वरूप गहलोत, अंतर दयाल, पूंजालाल निनामा सहित हजारों कार्यकर्ता उपस्थित थे।




