हंसदास मठ पर निशुल्क तर्पण अनुष्ठान में 500 से अधिक साधकों ने किया तर्पण-3 अक्टू से पितृ मोक्षदायी भागवत
पूर्वजों के प्रति जाने-अनजाने में हुई त्रुटियों और कर्मों के प्रायश्चित से पाप मुक्त होने का प्रावधान केवल भारत में

पूर्वजों के प्रति जाने-अनजाने में हुई त्रुटियों और कर्मों के प्रायश्चित से पाप मुक्त होने का प्रावधान केवल भारत में
हंसदास मठ पर निशुल्क तर्पण अनुष्ठान में 500 से अधिक साधकों ने किया तर्पण-3 अक्टू से पितृ मोक्षदायी भागवत
इंदौर। कोई भी पूर्वज अपने वंशजों और संतान का बुरा नहीं चाहते लेकिन उनकी आत्मा की शांति एवं उनके मोक्ष के लिए हम यदि तर्पण और श्राद्ध के माध्यम से जाने-अनजाने में हुई त्रुटियों और अपने कर्मों का प्रायश्चित कर सकें तो इससे श्रेष्ठ कोई काम नहीं हो सकता। भारतीय संस्कृति में ही ऐसे प्रावधान हैं कि हम अपने बुरे कर्मों या अनुचित आचरण का प्रायश्चित कर उस दोष से मुक्त हो सकते हैं। मनुष्य को गलतियों का पुतला कहा गया है। इस स्थिति में कई बार अनजाने में भी हमसे अपने पूर्वजों के प्रति कुछ अनादर अथवा अन्य तरह की त्रुटियाँ हो जाती हैं। श्राद्ध पक्ष ऐसे कर्मों को सुधारने का स्वर्णिम अवसर है।
ये प्रेरक विचार हैं भागवताचार्य पं. पुष्पानंदन पवन तिवारी के, जो उन्होंने एयरपोर्ट रोड, पीलियाखाल स्थित हंसदास मठ पर हंसपीठाधीश्वर श्रीमहंत रामचरणदास महाराज एवं महामंडलेश्वर महंत पवनदास महाराज के सानिध्य में श्रद्धा सुमन सेवा समिति द्वारा आयोजित निःशुल्क तर्पण अनुष्ठान में आए साधकों को संबोधित करते हुए व्यक्त किए। संतों की मौजूदगी में भगवान हरि विष्णु के पूजन के साथ तर्पण का शुभारंभ हुआ। प्रारंभ में संस्था की ओर से हरि अग्रवाल, राजेन्द्र सोनी, राजेन्द्र गर्ग, महेंद्र विजयवर्गीय, अजय शंकर-रश्मि उकास, डॉ. चेतन सेठिया, जगमोहन वर्मा, मुरलीधर धामानी, सूरजसिंह राठौड़, दिलीप साहू आदि ने वैदिक मंगलाचरण के बीच अतिथियों का स्वागत किया। अनुष्ठान में आज चतुर्थी-पंचमी संयुक्त तिथि पर 500 से अधिक साधकों ने विधि-विधानपूर्वक अपने-अपने पितरों के प्रति तर्पण क्रिया संपन्न की। पूर्वजों के निमित्त सूर्य को अर्ध्य भी दिया गया। मातृशक्ति की ओर से सुश्री किरण ओझा, सीमा सेन, साक्षी सेन, पुष्पा यादव, छाया वर्मा, चंदा तिवारी एवं राजकुमारी मिश्रा ने आरती में भाग लिया।
3 अक्टूबर से पितृ मोक्षदायी भागवत – समिति के हरि अग्रवाल एवं राजेंद्र सोनी ने बताया कि हंसदास मठ पर श्राद्ध पक्ष में रविवार से 10 अक्टूबर तक प्रतिदिन सुबह 8 से 10 बजे तक तर्पण अनुष्ठान होगा। आम श्रद्धालु यहां आकर निःशुल्क तर्पण कर सकेंगे। तर्पण मे प्रयुक्त सभी सामग्री की व्यवस्था समिति द्वारा की जा रही है। इस दौरान 3 से 9 अक्टूबर तक पितृ मोक्षदायी भागवत कथा भी आचार्य पं. पं. पुष्पानंदन पवन तिवारी के श्रीमुख से प्रतिदिन दोपहर 2 से 5 बजे तक होगी। कथा में कालूराम–श्यामा पटेल दम्पत्ति मुख्य यजमान मनोनीत किए गए हैं जो स्व. छोगालाल पटेल, मातुश्री स्व. संपत बाई पटेल एवं शुभम पटेल की पावन स्मृति में यह आयोजन करेंगे। जिन परिजनों को अपने पितरों के निधन की तिथि ज्ञात है, वे उस तिथि के दिन हंसदास मठ पहुंच जाएं। जिन्हें अपने पितरों की मृत्यु की तिथि ज्ञात नहीं है, वे सर्वपितृ अमावस्या पर 10 अक्टूबर को शामिल हो सकते हैं।




