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गांव पहुंचा वन विभाग का जनविश्वास अभियान: ग्रामीणों को योजनाओं की जानकारी, जंगल बचाने की दिलाई शपथ

तेंदूपत्ता संग्राहकों के बच्चों की शिक्षा से लेकर बोनस और कृषि वानिकी के फायदे बताए

गांव पहुंचा वन विभाग का जनविश्वास अभियान: ग्रामीणों को योजनाओं की जानकारी, जंगल बचाने की दिलाई शप

तेंदूपत्ता संग्राहकों के बच्चों की शिक्षा से लेकर बोनस और कृषि वानिकी के फायदे बता

आशीष यादव धार।

मुख्यमंत्री जनविश्वास अभियान के तहत वन विभाग द्वारा ग्रामीण क्षेत्रों में पहुंचकर शासन की योजनाओं की जानकारी देने के साथ ही वन संरक्षण को लेकर जनजागरूकता बढ़ाई जा रही है। इसी क्रम में 7 अगस्त को ग्राम सूलीबर्डी में वन विभाग की ओर से जनजागरूकता बैठक आयोजित की गई। बैठक में बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने सहभागिता की। अधिकारियों ने ग्रामीणों को वन विभाग से जुड़ी विभिन्न योजनाओं, हितग्राहीमूलक गतिविधियों और वन संरक्षण के महत्व की जानकारी दी। बैठक में वन परिक्षेत्र अधिकारी धार सहित वन विभाग का पूरा अमला मौजूद रहा। अधिकारियों ने ग्रामीणों को वन संरक्षण, योजनाओं और पर्यावरण के प्रति जिम्मेदारी निभाने के लिए प्रेरित किया।

बैठक में वन मंडल अधिकारी विजयानंथम टी.आर. ने ग्रामीणों से सीधे संवाद करते हुए शासन की लोककल्याणकारी योजनाओं के बारे में विस्तार से बताया। उन्होंने कहा कि सरकारी योजनाओं का वास्तविक लाभ पात्र हितग्राहियों तक पहुंचाना जनविश्वास अभियान का प्रमुख उद्देश्य है। इसके लिए ग्रामीणों को योजनाओं की जानकारी होना जरूरी है, ताकि वे पात्रता के अनुसार उनका लाभ उठा सकें।
तेंदूपत्ता संग्राहकों के बच्चों की शिक्षा पर जोर
वन विभाग द्वारा तेंदूपत्ता संग्राहकों के हितों से जुड़ी योजनाओं की जानकारी भी ग्रामीणों को दी गई। अधिकारियों ने बताया कि तेंदूपत्ता संग्रहण से जुड़े परिवारों के बच्चों की शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए शासन की ओर से विभिन्न सहायता योजनाएं संचालित की जा रही हैं।

बैठक में एकलव्य शिक्षण योजना के तहत तेंदूपत्ता संग्राहकों के बच्चों को मिलने वाली सहायता राशि और शिक्षा से संबंधित प्रावधानों की जानकारी दी गई। ग्रामीणों से कहा गया कि वे अपने बच्चों की पढ़ाई को बीच में न रोकें और पात्रता होने पर योजनाओं का लाभ लेने के लिए संबंधित विभाग से संपर्क करें।
बोनस वितरण की प्रक्रिया की भी दी जानकारी
तेंदूपत्ता संग्रहण से जुड़े ग्रामीणों को बोनस वितरण के संबंध में भी जानकारी दी गई। अधिकारियों ने बताया कि वन उपज से जुड़े संग्राहकों को शासन की योजनाओं के माध्यम से आर्थिक लाभ उपलब्ध कराने का प्रयास किया जा रहा है। ग्रामीणों को बोनस सहित अन्य सुविधाओं की जानकारी देकर उन्हें योजनाओं से जोड़ने पर जोर दिया गया।

कृषि वानिकी से बढ़ सकती है ग्रामीणों की आय
बैठक में कृषि वानिकी को लेकर भी ग्रामीणों को जागरूक किया गया। अधिकारियों ने बताया कि खेतों में उपयोगी प्रजातियों के पौधों का रोपण कर किसान पर्यावरण संरक्षण के साथ भविष्य में अतिरिक्त आय का स्रोत तैयार कर सकते हैं। कृषि वानिकी से भूमि की उपयोगिता बढ़ने के साथ ही हरियाली, मृदा संरक्षण और पर्यावरण संतुलन में भी मदद मिलती है।
वन विभाग ने ग्रामीणों से अधिक से अधिक पौधे लगाने और उनकी नियमित देखभाल करने की अपील की। अधिकारियों ने कहा कि केवल पौधारोपण करना ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि लगाए गए पौधों को सुरक्षित रखना और उन्हें पेड़ बनने तक देखभाल करना भी उतना ही जरूरी है।

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