अब गांवों की जमीन का मिलेगा पक्का मालिकाना हक, 17 सितंबर से शुरू होगा नि:शुल्क पंजीयन।
उटावद में स्वामित्व योजना का प्री-कैंप, कलेक्टर ने तैयारियों का लिया जायजा ड्रोन सर्वे से तैयार अभिलेख होंगे कानूनी रूप से मजबूत।

अब गांवों की जमीन का मिलेगा पक्का मालिकाना हक, 17 सितंबर से शुरू होगा नि:शुल्क पंजीयन। कलेक्टर ने देखी जमीनीस्तर की व्यवस्था।
उटावद में स्वामित्व योजना का प्री-कैंप, कलेक्टर ने तैयारियों का लिया जायजा ड्रोन सर्वे से तैयार अभिलेख होंगे कानूनी रूप से मजबूत
आशीष यादव धार।
ग्रामीण आबादी क्षेत्रों में भू-खण्डों पर मालिकाना हक को सुरक्षित और मजबूत बनाने के लिए प्रदेश में ‘स्वामित्व अधिकार अभिलेख निष्पादन एवं पंजीयन योजना-2026’ लागू होने जा रही है। योजना के तहत ग्रामीण नागरिकों के स्वामित्व अधिकार अभिलेखों से संबंधित हस्तांतरण विलेख का निष्पादन एवं पंजीयन नि:शुल्क किया जाएगा। योजना की प्रक्रिया 17 सितंबर 2026 से शुरू होगी। इससे ग्रामीण क्षेत्रों में वर्षों से चली आ रही संपत्ति संबंधी अनिश्चितता और विवादों को कम करने के साथ भू-खण्डधारियों को अपनी संपत्ति का पंजीकृत दस्तावेज उपलब्ध कराने की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है।

तकनीकी दिक्कतों का तत्काल करें निराकरण
कलेक्टर ने अधिकारियों से पंजीयन प्रक्रिया की जानकारी लेते हुए मैदानी स्तर पर आने वाली तकनीकी और व्यावहारिक परेशानियों को समझा। उन्होंने निर्देश दिए कि योजना शुरू होने से पहले सभी जरूरी तैयारियां पूरी कर ली जाएं। पंजीयन में आने वाली तकनीकी बाधाओं का तत्काल निराकरण किया जाए, ताकि पात्र भू-खण्डधारियों को योजना का लाभ लेने में परेशानी न हो। उन्होंने ग्रामीणों को योजना की पूरी प्रक्रिया की जानकारी देने और गांव-गांव में व्यापक प्रचार-प्रसार करने के निर्देश भी दिए, ताकि पात्र हितग्राही समय पर आवेदन कर सकें।
ड्रोन सर्वे से तैयार अभिलेखों को मिलेगा कानूनी आधार
स्वामित्व योजना के तहत ग्रामीण आबादी क्षेत्रों में ड्रोन तकनीक से सर्वेक्षण एवं डिजिटल मानचित्रण कर भू-खण्डों के अधिकार अभिलेख तैयार किए गए हैं। इन अभिलेखों के आधार पर हस्तांतरण विलेख का निष्पादन और पंजीयन होने के बाद नागरिकों को संपत्ति का कानूनी एवं पंजीकृत मालिकाना हक प्राप्त होगा। डिजिटल और स्पष्ट अभिलेख उपलब्ध होने से जमीन एवं संपत्ति से जुड़े विवादों में कमी आने तथा भू-खण्डधारियों के अधिकारों को अधिक सुरक्षित बनाने में मदद मिलेगी।
MPeSEVA से घर बैठे आवेदन की सुविधा
योजना के तहत आवेदन प्रक्रिया को भी नागरिक सुविधा के अनुरूप रखा गया है। भूस्वामी MPeSEVA एप के माध्यम से घर बैठे स्वामित्व दस्तावेज के लिए आवेदन कर सकेंगे। आवेदन का सत्यापन पटवारी द्वारा SAARA एप के माध्यम से किया जाएगा। सत्यापन के बाद दस्तावेज पंजीयन के लिए तहसीलदार को भेजे जाएंगे और तहसीलदार द्वारा SAMPADA एप के माध्यम से स्वामित्व दस्तावेज का पंजीयन किया जाएगा। जो भूस्वामी स्वयं ऑनलाइन आवेदन नहीं कर सकते, वे पटवारी के समक्ष उपस्थित होकर आवेदन प्रक्रिया पूरी करा सकेंगे
नि:शुल्क पंजीयन, संपत्ति बनेगी वित्तीय परिसंपत्ति
योजना के तहत स्टाम्प शुल्क, पंचायत उपकर और अन्य पंजीयन शुल्क से संबंधित खर्च शासन द्वारा वहन किया जाएगा। इससे ग्रामीणों को बिना अतिरिक्त आर्थिक भार के अपनी संपत्ति का पंजीकृत दस्तावेज मिल सकेगा। पंजीकृत अधिकार अभिलेख मिलने के बाद भू-खण्डधारी अपनी संपत्ति के आधार पर बैंक ऋण लेने में भी सुविधा प्राप्त कर सकेंगे। गृह निर्माण, व्यवसाय शुरू करने और अन्य आर्थिक जरूरतों के लिए संपत्ति को वित्तीय परिसंपत्ति के रूप में उपयोग किया जा सकेगा।
जिलेभर में चलेगा विशेष अभियान
योजना के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए जिले में विशेष अभियान चलाया जाएगा। संबंधित अधिकारियों को पात्र भू-खण्डधारियों के दस्तावेजों के निष्पादन और पंजीयन की कार्रवाई निर्धारित समय-सीमा में पूरी करने के निर्देश दिए जाएंगे। अभियान के दौरान ग्रामीणों को आवेदन से लेकर सत्यापन और पंजीयन तक की पूरी प्रक्रिया की जानकारी भी उपलब्ध कराई जाएगी।



