भोजशाला विवाद पर धार बंद, बाजारों में थमी रफ्तार भोजशाला विवाद को लेकर बाजार बंद, सड़कों पर कम हुई आवाजाह।
सुरक्षा व्यवस्था को लेकर प्रशासन अलर्ट जुमे की नमाज की व्यवस्था के विरोध में शहर बंद, बाजारों में पसरा सन्नाटा।

बंद से…थम गया धार शाहर……
भोजशाला विवाद पर धार बंद, बाजारों में थमी रफ्तार
भोजशाला विवाद को लेकर बाजार बंद, सड़कों पर कम हुई आवाजाह
सुरक्षा व्यवस्था को लेकर प्रशासन अलर्ट जुमे की नमाज की व्यवस्था के विरोध में शहर बंद, बाजारों में पसरा सन्नाटा
आशीष यादव धार।
भोजशाला विवाद को लेकर हिंदू समाज के आह्वान पर मंगलवार को धार में आधे दिन का बंद रखा गया। सुबह से ही शहर के प्रमुख बाजारों और व्यापारिक क्षेत्रों में अधिकांश प्रतिष्ठान बंद नजर आए। बाजारों में सामान्य दिनों की अपेक्षा चहल-पहल कम रही और कई प्रमुख मार्गों पर आवाजाही भी प्रभावित हुई। बंद के चलते शहर के व्यापारिक इलाकों में सन्नाटे जैसा माहौल नजर आया। वहीं, किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए पुलिस और प्रशासन ने संवेदनशील क्षेत्रों में अतिरिक्त सुरक्षा व्यवस्था की। भोजशाला मामले में शुक्रवार को होने वाली जुमे की नमाज की व्यवस्था को लेकर हिंदू संगठनों की ओर से लगातार आपत्ति जताई जा रही है। इसी मुद्दे को लेकर हिंदू समाज ने मंगलवार को आधे दिन के धार बंद का आह्वान किया था। संगठनों ने व्यापारियों और आम नागरिकों से बंद को समर्थन देने की अपील की थी।
सुबह से बाजारों में पहुंचने लगे संगठन के कार्यकर्ता:
बंद के दौरान हिंदू संगठनों से जुड़े कार्यकर्ता और पदाधिकारी शहर के विभिन्न बाजारों में पहुंचे। उन्होंने व्यापारियों से अपने प्रतिष्ठान बंद रखने की अपील की। जिन स्थानों पर दुकानें खुली मिलीं, वहां भी संगठन के लोगों ने व्यापारियों से बातचीत कर बंद में सहयोग करने का अनुरोध किया। बंद के आह्वान का असर शहर के प्रमुख व्यापारिक क्षेत्रों में दिखाई दिया। कई बाजारों में दुकानें पूरी तरह बंद रहीं, जबकि कुछ स्थानों पर इक्का-दुक्का प्रतिष्ठान खुले नजर आए। बंद के कारण सुबह से ही बाजारों में ग्राहकों की संख्या भी सामान्य दिनों की तुलना में कम रही।
व्यापारियों से सहयोग की अपील:
हिंदू संगठनों ने बंद को किसी व्यक्ति या व्यापारी के विरोध के बजाय भोजशाला से जुड़े मुद्दे पर अपना विरोध दर्ज कराने का माध्यम बताया। संगठन के कार्यकर्ताओं ने व्यापारियों से शांतिपूर्ण तरीके से बंद में सहयोग करने की अपील की। संगठनों का कहना है कि भोजशाला मामले में न्यायालय के आदेशों के पालन और शुक्रवार को होने वाली नमाज की व्यवस्था को लेकर हिंदू समाज की भावनाएं जुड़ी हुई हैं। इसी को लेकर समाज ने सामूहिक रूप से बंद का निर्णय लिया है।
आवश्यक सेवाओं को रखा गया अलग:
बंद के दौरान आवश्यक सेवाओं को इससे अलग रखा गया। मेडिकल स्टोर, पेट्रोल पंप सहित जरूरी सेवाओं से जुड़े प्रतिष्ठानों को खोलने की छूट रही, ताकि आम लोगों को दैनिक आवश्यकताओं के लिए परेशानी का सामना न करना पड़े। स्कूल-कॉलेज और अन्य आवश्यक गतिविधियां भी अपने निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार संचालित हुईं। हालांकि व्यापारिक प्रतिष्ठानों के बंद रहने से बाजारों में सामान्य दिनों की तुलना में आर्थिक गतिविधियां प्रभावित रहीं। सुबह के समय खरीदारी के लिए आने वाले लोगों की संख्या भी कम दिखाई दी।
संवेदनशील इलाकों में पुलिस की तैनाती:
बंद को देखते हुए पुलिस प्रशासन ने शहर के प्रमुख चौराहों, बाजारों और संवेदनशील क्षेत्रों में सुरक्षा व्यवस्था बढ़ाई। पुलिस बल को अलग-अलग स्थानों पर तैनात किया गया। अधिकारियों द्वारा लगातार स्थिति पर नजर रखी गई और पुलिसकर्मियों ने बाजारों में गश्त भी की। प्रशासन का फोकस बंद को शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न कराने पर रहा। पुलिस की ओर से लोगों से शांति और कानून-व्यवस्था बनाए रखने की अपील की गई।

जुमे की नमाज की व्यवस्था पर मुख्य आपत्ति:
भोजशाला विवाद में हिंदू संगठनों की मुख्य आपत्ति शुक्रवार को होने वाली जुमे की नमाज की व्यवस्था को लेकर है। हिंदू समाज की ओर से भोजशाला के आसपास नमाज की व्यवस्था समाप्त करने की मांग की जा रही है। संगठनों का कहना है कि इसी मुद्दे को लेकर लंबे समय से विरोध जताया जा रहा है और मंगलवार का बंद भी उसी विरोध की कड़ी है।
खसरा नंबर 612 की जमीन पर नमाज की व्यवस्था:
मामले में न्यायालय के अंतरिम आदेश के तहत प्रशासन द्वारा भोजशाला के पीछे स्थित खसरा नंबर 612 की जमीन पर शुक्रवार को मुस्लिम समाज के लोगों के लिए नमाज की व्यवस्था किए जाने की बात सामने आई है। इसी व्यवस्था को लेकर हिंदू संगठनों की ओर से आपत्ति दर्ज कराई जा रही है। हिंदू संगठनों का कहना है कि भोजशाला से जुड़े मामले में न्यायालय के आदेशों और हिंदू समाज की भावनाओं को ध्यान में रखते हुए प्रशासन को व्यवस्था पर पुनर्विचार करना चाहिए। इसी मांग को लेकर बंद के माध्यम से विरोध दर्ज कराया गया।
शहर में पुलिस की निगरानी, शांतिपूर्ण माहौल बनाए रखने पर जोर:
बंद के दौरान प्रशासन ने स्थिति पर लगातार नजर बनाए रखी। पुलिस अधिकारियों ने संवेदनशील क्षेत्रों में तैनात बल को सतर्क रहने के निर्देश दिए। बाजारों में संगठन के कार्यकर्ताओं की गतिविधियों और व्यापारियों की स्थिति पर भी नजर रखी गई।
फिलहाल बंद के चलते शहर के व्यापारिक क्षेत्रों में असर साफ दिखाई दिया। अधिकांश प्रमुख बाजारों में प्रतिष्ठान बंद रहने से धार की सामान्य कारोबारी रफ्तार थमी रही। प्रशासन और पुलिस की निगरानी के बीच बंद को शांतिपूर्ण बनाए रखने के प्रयास जारी रहे।



