महंगाई के दौर में सफर महेंगा: अब सफर भी हुआ महंगा, बस किराए में भारी बढ़ोतरी से यात्रियों की जेब ढीली,रोजाना सफर करने वालों पर सबसे बड़ी मार।
जेब खाली करेगी बस यात्रा, किराया बढ़ोतरी से बढ़ी चिंता आम यात्रियों की मुश्किलें बढ़ीं जनता की जेब पर एक और वार।

मध्य प्रदेश परिवहन विभाग की बस किराया बढ़ाने की घोषणा ने आम यात्रियों की मुश्किलें और बढ़ा दी हैं। पहले से महंगाई की मार झेल रहे लोगों को अब रोजमर्रा के सफर के लिए भी अधिक पैसे चुकाने पड़ेंगे। वहीं यात्रियों का कहना है कि एक दम इतना। किराया बढ़ाना जेब पर बोझ बनेगा वहीं आने वाले दिनों में त्योहारों का सीजन हैं। नई किराया दरें लागू होते ही धार सहित पूरे प्रदेश में बस यात्रा काफी महंगी हो जाएगी। सबसे बड़ा झटका धार-इंदौर मार्ग पर रोजाना आने-जाने वाले हजारों यात्रियों को लगेगा, जहां 65 किलोमीटर के सफर का किराया 80 रुपये से बढ़कर करीब 130 रुपये तक पहुंचने की संभावना है। बस किराए में की गई बढ़ोतरी का सबसे बड़ा बोझ अब आम यात्रियों की जेब पर पड़ने वाला है। लंबे समय से डीजल, स्पेयर पार्ट्स, बीमा, टैक्स और संचालन लागत बढ़ने का हवाला देकर किराया बढ़ाने की मांग कर रहे निजी बस संचालकों को राहत देते हुए परिवहन विभाग ने नई किराया दरों की अधिसूचना जारी कर दी है। नई दरें लागू होते ही धार सहित पूरे प्रदेश में बस से सफर पहले की तुलना में काफी महंगा हो जाएगा। इसका सबसे ज्यादा असर रोजाना नौकरी, पढ़ाई, व्यापार, इलाज और अन्य जरूरी कामों से यात्रा करने वाले हजारों यात्रियों पर पड़ेगा, जिन्हें अब हर यात्रा पर पहले से अधिक राशि खर्च करनी होगी।
जेब पर भारी किराया:
धार-इंदौर मार्ग पर इसका असर सबसे स्पष्ट दिखाई देगा। वर्तमान में करीब 65 किलोमीटर के इस सफर के लिए यात्रियों से 80 रुपये किराया लिया जाता है, लेकिन नई दरें लागू होने के बाद यही किराया बढ़कर करीब 130 रुपये तक पहुंचने की संभावना है। यानी एक ही बार में लगभग 50 रुपये (करीब 61.5 प्रतिशत) की बढ़ोतरी होगी। ऐसे में रोजाना अप-डाउन करने वाले यात्रियों का मासिक यात्रा खर्च भी हजारों रुपये तक बढ़ जाएगा। किराया वृद्धि से आम लोगों में नाराजगी है, जबकि बस संचालकों का कहना है कि लगातार बढ़ती परिचालन लागत के बीच यह फैसला लंबे समय से जरूरी था। अब तक आने-जाने में जहां एक यात्री का 160 रुपये खर्च होता था, वहीं नई दर लागू होने के बाद यह बढ़कर करीब 260 रुपये हो जाएगा। इस तरह नियमित यात्रा करने वाले यात्रियों को प्रतिदिन करीब 100 रुपये अतिरिक्त खर्च करने होंगे। यदि कोई व्यक्ति महीने के 30 दिन यात्रा करता है तो उस पर लगभग 3 हजार रुपये का अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ेगा।
आरटीओ से तैयार करेगा अंतिम किराया सूची:
नई अधिसूचना के बाद जिला परिवहन कार्यालय विभिन्न मार्गों की दूरी के आधार पर अंतिम किराया सूची तैयार करेगा। दूरी के अनुसार वास्तविक किराए में दो से पांच रुपये तक का मामूली अंतर संभव है, लेकिन धार-इंदौर मार्ग पर किराया लगभग 130 रुपये रहने की संभावना जताई जा रही है। वहीं किराए की मांग को लेकर कही लम्बे समय से बस मालिकों की मांग थी वहीं इसी बीच 7 अगस्त से बसो की हड़ताल थी जो स्थगित कर दी गई क्योंकि बढ़ोत्तरी की मांग मान ली गई।
रेल परियोजना से मिलेगी बड़ी राहत, बस किराए की मार के बीच सस्ती यात्रा की उम्मीद:
बस किराए में हुई भारी बढ़ोतरी के बीच इंदौर-दाहोद नई रेल परियोजना आम यात्रियों के लिए राहत की सबसे बड़ी उम्मीद बनकर सामने आई है। परियोजना पूरी होने और रेल सेवा शुरू होने के बाद धार से इंदौर तक का सफर वर्तमान बस किराए की तुलना में काफी कम खर्च में पूरा किया जा सकेगा। अनुमान है कि रेल का किराया लगभग 30 से 40 रुपये के बीच रहेगा, जबकि बस किराया बढ़कर 130 रुपये तक पहुंच गया है। ऐसे में रोजाना नौकरी, पढ़ाई, व्यापार और इलाज के लिए इंदौर आने-जाने वाले हजारों यात्रियों को सीधा आर्थिक लाभ मिलेगा। रेल सेवा शुरू होने से न केवल यात्रा सस्ती होगी, बल्कि समय की बचत, सुरक्षित सफर और बेहतर यातायात सुविधा भी मिलेगी। बस किराए में लगातार बढ़ोतरी के बाद लोगों की निगाहें अब इस बहुप्रतीक्षित रेल परियोजना पर टिक गई हैं और वे इसके जल्द पूरा होकर संचालन शुरू होने का इंतजार कर रहे हैं।
ग्रामीण यात्रियों के पास नहीं कोई विकल्प:
रेल सेवा का लाभ मुख्य रूप से धार-इंदौर मार्ग के यात्रियों को मिलेगा, लेकिन धामनोद, धरमपुरी, कुक्षी, मनावर, बदनावर, सरदारपुर, राजगढ़ सहित जिले के अधिकांश शहरों और ग्रामीण क्षेत्रों के लिए बस ही प्रमुख परिवहन साधन बनी रहेगी। ऐसे में इन क्षेत्रों के यात्रियों को बढ़ा हुआ किराया मजबूरी में चुकाना पड़ेगा। महंगाई की मार झेल रहे आम लोगों को अब बस किराए के रूप में एक और बड़ा झटका लगा है। मध्य प्रदेश परिवहन विभाग द्वारा बस किराए में की गई भारी वृद्धि से रोजाना सफर करने वाले हजारों यात्रियों की जेब पर सीधा असर पड़ेगा। धार और इंदौर के बीच हर दिन हजारों छात्र, नौकरीपेशा, मजदूर, व्यापारी और मरीज यात्रा करते हैं। ऐसे में बढ़ा हुआ किराया देना उनकी मजबूरी होगी। किराया वृद्धि का सबसे बड़ा असर उन लोगों पर पड़ेगा, जो रोजी-रोटी, शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं के लिए प्रतिदिन बसों पर निर्भर हैं।
यात्रियों को राहत देने वाले 4 नियम:
•डीलक्स, स्लीपर, एसी डीलक्स सुपर लग्जरी बसों में
अलग से नाइट चार्ज नहीं लगेगा।
•एक्सप्रेस बस का किराया सामान्य बस के बराबर रहेगा।
•बस का की श्रेणी तय करने का अधिकार आयुक्त के पास होगा।
•तय किराए से अधिक वसूली नहीं की जा सकेगी।



