बड़वाह। बड़वाह के जयंती माता मंदिर में नवरात्रि की सप्तमी पर मां कालरात्रि स्वरूप की हुई मंगला आरती…. श्रद्धालुओं ने किए मां कालरात्रि के दर्शन….

कपिल वर्मा बड़वाह। महाशक्ति माता के चल रहे शारदीय नवरात्रि महापर्व की सप्तमी तिथि पर शनिवार को बड़वाह के जयंती माता मंदिर मे मां नवदुर्गा के सातवें मॉ कालरात्रि स्वरूप की पूजा आराधना कर मंदिर के पुजारी पंडित रामस्वरूप शर्मा ने सुबह मंगला आरती की।
इस दौरान गर्भगृह मे उपस्थित भक्तों ने मां कालरात्रि स्वरूप के दर्शन किए। मंदिर के पुजारी पंडित रामस्वरूप शर्मा ने बताया कि आज माता के सातवें स्वरूप मां कालरात्रि की पूजा आराधना व दर्शन करने का विशेष महत्व है। रात तीन बजे से माता का विशेष पूजन कर चोला शृंगार किया गया। व सुबह 6 बजे माता की मंगला आरती की गई। जिसमें सैकड़ों श्रद्धालु कतारबद्ध होकर मौजूद रहे।

नगर से करीब तीन किमी दूर घने वन क्षेत्र मे विराजित माता जयंती के दरबार मे नवरात्रि महापर्व के दौरान प्रतिदिन अल सुबह से मंगला आरती मे सैकड़ों श्रद्धालुओं की भीड़ जमा हो रही है।
मंदिर के पुजारी पंडित श्री शर्मा ने बताया कि आज नवरात्रि के सातवें दिवस माता नवदुर्गा की सातवां स्वरूप व शक्ति माँ कालरात्रि की है।
मां कालरात्रि का स्वरूप देखने में अत्यंत भयानक है, लेकिन ये सदैव शुभ फल ही देने वाली माता हैं। मां कालरात्रि दुष्टों का नाश करने वाली हैं। दानव, दैत्य, राक्षस, भूत, प्रेत आदि इनके स्मरण मात्र से ही भयभीत होकर भाग जाते हैं। यह माता ग्रह-बाधाओं को भी दूर करने वाली हैं।



