भोपाल पुलिस मुख्यालय में मुख्यमंत्री डॉ. यादव बोले, साइबर अपराध और नशे के खिलाफ अभियान बने प्राथमिकता
पुलिस मुख्यालय में आयोजित आईजी कॉन्फ्रेंस में सिंहस्थ-2028, साइबर सुरक्षा, नशामुक्ति, भर्ती प्रक्रिया और कानून व्यवस्था पर दिए गए महत्वपूर्ण निर्देश।

भोपाल स्थित पुलिस मुख्यालय में आयोजित आईजी कॉन्फ्रेंस में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने नागरिक सुरक्षा, कानून व्यवस्था, साइबर अपराध नियंत्रण, नशामुक्ति अभियान और सिंहस्थ-2028 की तैयारियों को पुलिस विभाग की प्रमुख प्राथमिकताओं में शामिल करने के निर्देश दिए। बैठक में पुलिस महानिदेशक श्री कैलाश मकवाणा, अपर मुख्य सचिव श्री संजय शुक्ला सहित वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
नागरिक सुरक्षा और कानून व्यवस्था पर विशेष जोर
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि नागरिकों की सुरक्षा और कानून व्यवस्था के प्रति विश्वास बनाए रखना पुलिस का पहला कर्तव्य है। उन्होंने पीड़ित व्यक्तियों के साथ विनम्र व्यवहार तथा उनके हितों की सुरक्षा के लिए त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। पुलिस मुख्यालय में आयोजित आईजी कॉन्फ्रेंस के उद्घाटन सत्र में मुख्यमंत्री ने कहा कि सिंहस्थ-2028 करोड़ों श्रद्धालुओं का आस्था पर्व है और मध्यप्रदेश पुलिस संवेदनशीलता, सतर्कता एवं सेवा भाव से आदर्श व्यवस्था प्रस्तुत कर सकती है। कॉन्फ्रेंस में पुलिस महानिदेशक श्री कैलाश मकवाणा, अपर मुख्य सचिव श्री संजय शुक्ला सहित वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। मुख्यमंत्री ने बताया कि आईजी स्तर के बाद संभाग स्तर पर भी समीक्षा बैठकें आयोजित की जाएंगी।
साइबर अपराध, नशामुक्ति और सुरक्षा व्यवस्था पर निर्देश
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने साइबर अपराधों की रोकथाम और जनजागरूकता को सर्वोच्च प्राथमिकता देने के निर्देश दिए। उन्होंने सड़क दुर्घटनाओं में कमी, मानव तस्करी पर नियंत्रण, महिला एवं बाल सुरक्षा तथा धार्मिक स्थलों पर ध्वनि विस्तारक यंत्रों के संबंध में न्यायालय के निर्देशों के पालन पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि साइबर अपराध, संगठित अपराध, माफिया गतिविधियां और भूमि संबंधी अपराध जैसी चुनौतियों से निपटने के लिए तकनीकी दक्षता और त्वरित कार्रवाई आवश्यक है। मुख्यमंत्री ने प्रदेश को नशामुक्त बनाने के लिए पुलिस, शैक्षणिक संस्थानों, सामाजिक संगठनों और आमजन की सहभागिता से व्यापक जनजागरण अभियान संचालित करने की बात कही।
सिंहस्थ-2028 और पुलिस सुदृढ़ीकरण पर चर्चा
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि राज्य सरकार पुलिस भर्ती प्रक्रिया को निरंतर आगे बढ़ा रही है और अब तक 22 हजार पदों पर भर्ती की जा चुकी है। उन्होंने सिंहस्थ-2028 के लिए प्रशिक्षण, भीड़ प्रबंधन, यातायात व्यवस्था, आपदा प्रबंधन और आधुनिक तकनीक आधारित सुरक्षा व्यवस्था पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए। उन्होंने धार की भोजशाला में न्यायालय के निर्णय के पालन और वसंत पंचमी के दौरान शांति व्यवस्था बनाए रखने में पुलिस की भूमिका की सराहना की। पुलिस महानिदेशक श्री कैलाश मकवाणा ने बताया कि मैदानी पुलिस कार्यों की त्रैमासिक समीक्षा की नई व्यवस्था शुरू की गई है। उन्होंने कहा कि डायल-112 सेवा, महिला एवं बाल सुरक्षा, साइबर अपराध नियंत्रण और नई आपराधिक न्याय प्रणाली के प्रभावी क्रियान्वयन में उल्लेखनीय प्रगति हुई है। उन्होंने बताया कि गत एक वर्ष में 14 हजार से अधिक नाबालिगों को संरक्षण और सहायता प्रदान की गई है।
खबर की प्रमुख हाईलाइट्स
• भोपाल में पुलिस मुख्यालय में आईजी कॉन्फ्रेंस आयोजित।
• मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने नागरिक सुरक्षा को पुलिस का पहला कर्तव्य बताया।
• साइबर अपराध नियंत्रण और जनजागरूकता पर विशेष जोर।
• सिंहस्थ-2028 की तैयारियों के लिए विशेष निर्देश जारी।
• प्रदेश में अब तक पुलिस विभाग में 22 हजार पदों पर भर्ती।
• नशामुक्ति अभियान को व्यापक जनभागीदारी से चलाने की अपील।
• डीजीपी श्री कैलाश मकवाणा ने त्रैमासिक समीक्षा व्यवस्था शुरू होने की जानकारी दी।
• एक वर्ष में 14 हजार से अधिक नाबालिगों को संरक्षण और सहायता प्रदान की गई।



