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तारीख नही बढ़ने से किसान नाराज,अभी हुए खेती बाड़ी के काम से फ्री 29 हजार से अधिक किसान हुए डिफाल्टर।

पिछले वित्तीय वर्ष में 1 लाख 547 किसानों को बांटा था फसल ऋण, 70 प्रतिशत किसानों ने ही जमा की राशि, चालू वर्ष के लिए लोन का वितरण शुरु

आशीष यादव धार

जिला सहकारी केंद्रीय बैंक द्वारा सोसायटियों के माध्यम से किसानों हर साल फसल ऋण दिया जाता है। जिसमें 31 मार्च तक वसूली होती है। समय पर ऋण वापस करने और राशि जमा करने वाले किसानों को शासन की जीरो प्रतिशत ब्याज योजना का लाभ मिलता है। इसके बावजूद जिले में 29 हजार से अधिक किसान ऋण की अदायगी नहीं कर पाए, जो अब डिफाल्टर की श्रेणी में आ गए हैं। इन्हें खरीफ सीजन में नकद भुगतान सहित खाद का वितरण नहीं होगा। साथ ही डिफाल्टर किसानों से अब लोन के बदले बैंक द्वारा 11 प्रतिशत ब्याज वसूलने की तैयारी की जा रही है। दरअसल, बैंक द्वारा पिछले वित्तीय वर्ष में एक लाख 547 नियमित किसानों को खरीफ सीजन में फसल ऋण बांटा गया था। इसी तुलना में 71,286 किसानों ने ही राशि जमा की। इस प्रकार बैंक के तमाम प्रयासों के बावजूद 70 फीसदी ही वसूली हुई है। हालांकि यह स्थिति इसलिए भी निर्मित हुई कि किसानों को उम्मीद थी कि हर साल की तरह इस बार भी सरकार वसूली की तारीख आगे बढ़ा देगी। लेकिन अभी तक ऐसा नहीं हुआ। भाकिसं द्वारा जिला मुख्यालय पर ज्ञापन देकर राज्य सरकार से वसूली की तारीख बढ़ाने सहित ब्याज में छूट देने की मांग की।

एक ओर खेतो काम व दूसरी ओर बढ़ाई तारीख किसान नाराज:
जहां लगातार दो तीन सालों से चुनावी साल होने के कारण सरकार पिछले -तीन वर्ष से ऋण वसूली की तारीख बढ़ रही है। मगर इस बार किसानों के साथ सरकार ने धोखा किया। यह हम नहीं यह बात गाँव की चौपाल पर बैठकर किसान बात कर रहे है। वहीं किसानों का कहना है कि शिवराज सरकार थी जब किसानों को ऋण वसूली का लाभ मिलता आया है। वही इसबार मोहन सरकार में किसानों के साथ झलावा किया है। जिसके कारण किसानों घाटा उठाना पड़ है। वही इस बार 28 मार्च फसल ऋण की तारीख़ रखी थी। किसानों अपने खेतो में इस वक्त गेंहू व लहसुन की फसल निकालने में व्यस्त थे। तो कैसे ऋण जमा करते वही दूसरी ओर मंडियों में लम्बी लम्बी टेक्टर की लाइन दो से तीन दिन मंडियों में खड़ी थी और जिन किसानों ने सुसाईटी में गेहूं तुलाई की उनके भी पैसे नही मिले थे वही किसानों का कहना है कि चुनावी साल होता तो सरकार किसानों के घर तक आ जाती मगर इसबार किसानों की पूछपरख ही नही की ओर ऋण की समय सीमा नही बढ़ाई।

71 हजार ज्यादा किसानों ने ही उठाया लाभ:
बैंक से मिली जानकारी के अनुसार वित्तीय वर्ष 2025-24 में खरीफ सीजन में नियमित कृषकों को 1057 करोड़ का ऋण बाटा गया था। इसमें 31 मार्च की स्थिति में 71286 किसानों ही समय पर राशि जमा कर सरकार की जीरो ब्याज योजना का लाभ उठाया। जबकि 268 करोड़ राशि फिर भी बकाया रह गई। जिस कारण बैंक का एनपीए बढ़ गया है। बैंक अधिकारियों का कहना है जिन किसानों ने समय पर राशि जमा की कर दी है, उन्हें एक अप्रेल के बाद से नए वित्तीय वर्ष के हिसाब से ऋण का वितरण भी चालू कर दिया है।

कर्जमाफी के कारण भी 35 हजार किसान हो गए थे डिफाल्टर:
हर साल बैंक द्वारा किसानों को ऋण देने के साथ वसूली को लेकर समय-समय पर जानकारी दी जाती है। बावजूद बड़ी संख्या में किसान राशि जमा नहीं कर पाए। किसी समय धार जिला सहकारी केंद्रीय बैंक के नियमित किसानों की संख्या डेढ़ लाख के आसपास थीं। जो अब एक लाख से भी नीचे आ गई। कमलनाथ सरकार में कर्जमाफी के समय 35 हजार किसानों ने ऋण जमा नहीं किया था, जो बाद में डिफाल्टर हो गए। हालांकि इस बार 5 हजार 504 अधिक किसानों से 30.78 करोड़ की वसूली की गई। फिर भी 30 हजार किसान पूर्व से डिफाल्टर चले आ रहे हैं। वहीं इस बार के 39 हजार मिला दें तो लगभग 59 हजार किसान डिफाल्टर होने से ऋण की पात्रता से बाहर हो चुके हैं।

कोई आदेश नहीं
जिन किसानों ने निर्धारित 28 मार्च तक राशि जमा कर दी हैं, उन्हें जीरो ब्याज योजना का लाभ मिलेगा। ऐसे सभी किसानों को नए वित्तीय वर्ष में ऋण देना भी चालू कर दिया हैं। डिफाल्टर किसानों से नियमिानुसार 11 प्रतिशत ब्याज दर के हिसाब से राशि वसूली जाएगा। छूट संबंधित कोई आदेश नहीं मिले हैं।
केके रायकवार, एमडी जिला सहकारी केंद्रीय मर्यादित बैंक धार

फैक्ट फाइल-
जिले में
-01 जिला बैंक
-29 बैंक शाखाएं
-94 सोसायटियां
-1057 करोड़ का ऋण वितरित हुआ था पिछले साल
-789.51 करोड़ की वसूली हुई

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