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भोपाल ; मेडिकल टूरिज्म को बढ़ावा देने निजी अस्पतालों को राज्य सरकार देगी अनुदान- मुख्यमंत्री

सीएम डॉ. यादव ने बड़नगर में चिकित्सालय का किया शुभारंभ, कहा- चिकित्सा सेवा मानवता की सर्वाेत्तम सेवा

भोपाल ; मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि समाज में चिकित्सकों का योगदान सर्वोच्च माना जाता है, चिकित्सा सेवा मानवता की सर्वोत्तम सेवा है। सभी चिकित्सक हमेशा अपने हृदय में दया करुणा और मानवता के भाव को सर्वोच्च स्थान दें। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश में मेडिकल टूरिज्म को बढ़ावा देने के लिए सरकार निजी अस्पतालों/बड़े मेडिकल ग्रुप्स को अनुदान देगी। वेलनेस सेंटर, नेचुरोपैथी सेंटर की स्थापना सहित आयुर्वेद (आयुष) को बढ़ावा देने के लिए किए जा रहे निजी प्रयासों को भी राज्य सरकार अनुदान देगी। गौशालाओं की स्थापना को भी सरकार समुचित प्रोत्साहन दे रही है।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव रविवार को उज्जैन जिले के बड़नगर में काबरा हास्पिटल एवं रिसर्च सेंटर का शुभारंभ कर संबोधित कर रहे थे। संत श्री पंडित कमल किशोर नागर महाराज, सांसद श्री अनिल फिरोजिया, राष्ट्रीय संगठन मंत्री श्री शिव प्रकाश, जिले के प्रभारी मंत्री श्री गौतम टेटवाल, विधायक बड़नगर श्री जितेंद्र सिंह पंड्या, विधायक नागदा डॉ. तेज बहादुर सिंह सहित जन-प्रतिनिधि, हॉस्पिटल के डायरेक्टर डॉ. वासुदेव काबरा आदि उपस्थित थे।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि राज्य शासन की पहल पर बड़नगर में साढ़े तीन हजार करोड़ रुपए की लागत से सीमेंट कारखाना स्थापित हो रहा है, जिससे बड़ी संख्या में लोगों को रोजगार मिलेगा और क्षेत्र का औद्योगिक विकास होगा।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने काबरा परिवार द्वारा बीते कई दशकों से मानव मात्र की उपचार सेवाओं के लिए किए जा रहे प्रयासों की सराहना की। उन्होंने कहा कि डॉ. वासुदेव काबरा के नेतृत्व में इस परिवार की तीसरी पीढ़ी भी बड़नगर क्षेत्र के पीड़ितों/मरीजों के इलाज में पूरे समर्पण से सेवा दे रहे हैं, यह तारीफ की बात है। बड़नगर जैसी छोटी जगह में एक बड़ा हॉस्पिटल स्थापित करना नि:संदेह प्रशंसनीय है। उन्होंने कहा कि संतों के मार्गदर्शन और उनके सुझाए मार्ग से हम प्रदेश की जनता की सेवा में आगे बढ़ रहे हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने आयुर्वेद एवं प्राकृतिक चिकित्सा पद्धति के सराहना करते हुए कहा कि इस पद्धति से रोग का जड़ से उन्मूलन किया जाता है। कोरोना काल में आयुर्वेदिक काढ़े ने ही लाखों कोरोना पीड़ित लोगों को जीवनदान दिया था। उन्होंने कहा कि परमात्मा हम पर कृपावान हैं कि उसने हमें निरोगी काया देकर इस संसार में भेजा है, पर यदि किसी वजह से शरीर में रोग उत्पन्न हो जाए, तो हमारी प्रकृति/परिवेश में ही ऐसी व्यवस्था दे दी है कि नैसर्गिक पद्धति से उस रोग का स्थायी इलाज हो जाए।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि आज विक्रम संवत का पहला दिन है। हमारी काल गणना पद्धति वैज्ञानिक है और व्यवहारिक भी है। हमारी कालजयी पद्धति में एक सेकेण्ड के 34000 वें हिस्से की भी गणना की जाती थी। हमने वैदिक घड़ी बनाकर उस काल के महत्व को आज की नई पीढ़ी को समझाने की कोशिश की है।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि हमारे यहां विक्रम संवत् की स्थापना सम्राट विक्रमादित्य के पुरुषार्थ से हुई थी। सम्राट विक्रमादित्य के शासनकाल में उनकी सम्पूर्ण प्रजा पर कोई कर्जा नहीं था। सम्राट विक्रमादित्य ने सबको कर्ज मुक्त किया था और यह सब ऋणमुक्तेश्वर महादेव के असीम आशीर्वाद से ही हो पाया था। नवग्रह पूजन सिर्फ भारत में ही होता है क्योंकि इस संसार के सभी ग्रह, उपग्रह, नक्षत्र, पिंड और समूचा ब्रह्मांड हमारा है। ये सभी हमारे लिए तबसे स्तुत्य हैं और आगे भी हमेशा पूजनीय ही रहेंगे। हॉस्पिटल के डायरेक्टर डॉ. वी.डी. काबरा ने स्वागत उद्बोधन दिया। डॉ. प्रखर काबरा ने हॉस्पिटल के संबंध में जानकारी प्रदान की।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने अपने बड़नगर प्रवास के दौरान स्थानीय भगवती माता मंदिर पहुंचकर दर्शन कर पूजा-अर्चना की और आशीर्वाद प्राप्त किया।

 

 

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