नाबालिग बालिका की हत्या के आरोपी मौसाजी एवं उसके साथी को आजीवन कारावास की सजा
बड़वानी। द्वितीय अपर सत्र न्यायाधीश श्रीमती सारिका गिरी शर्मा द्वारा अपने दिए गए एक फैसले में नाबालिग बालिका अंजलि की हत्या करने के आरोप में उसके मौसा ईला पिता शेरला बारेला तथा मानु पिता कालु बारेला दोनों निवासी पटेल फलिया डोंगरगांव, थाना सिलावद को आजीवन कारावास तथा अर्थदंड से दंडित किया। प्रकरण में शासन की ओर से पैरवी अतिरिक्त लोक अभियोजक जगदीश यादव एवं शिवपाल सिंह सिसोदिया द्वारा की गई।
इस सम्बन्ध में अतिरिक्त लोक अभियोजक शिवपाल सिसोदिया ने बताया कि घटना 18 जनवरी 2023 की होकर नाबालिग बालिका का पिता अनिल ड्राइवरी के काम से बाहर गया हुआ था। घर पर उसकी पत्नी, माता एवं बच्चे थे। तब शाम को चार बजे उसकी पत्नी का फोन आया कि उसकी पांच वर्षीय बालिका अंजलि सुबह 11 बजे से मोहल्ले के बच्चों के साथ खेल रही थी जो अभी तक नहीं लौटी है। बाद में कई जगह तलाश करने पर कोई पता नहीं चल पाया। उनके द्वारा पुलिस थाना सिलावद में रिपोर्ट की गई। बाद में खोजबीन करने पर पुलिस को मृतिका अंजलि की लाश कुंए में मिली जिस पर पुलिस द्वारा प्रकरण की जांच की गई। जांच के दौरान पुलिस को अभियुक्त ईला जो कि मृतिका अंजलि का मौसा भी था एवं मानु के विरूद्ध आपसी रंजिश के चलते हत्या करने के साक्ष्य आने पर पुलिस द्वारा आरोपी ईला के विरूद्ध धारा 302,201 भादवि तथा आरोपी मानु के विरूद्ध धारा 302 सहपठित धारा 34 व धारा 201 भादवि के तहत प्रकरण दर्ज किया गया। प्रकरण के अभियोजन की ओर से न्यायालय में विचारण के दौरान चक्क्षुदर्थी मृतिका की 5 वर्ष की सहेलियों के कथन कराए गए, जिसे न्यायालय ने प्रमाणित माना। साथ ही न्यायालय ने अभियुक्त ईला एवं मानु का मृतिका के पिता से रंजिश होने के चलते हत्या करना तथा हत्या कर लाश गेहूं के भुसें में छिपाकर बाद में कुंए में फेंक देना प्रमाणित मानते हुए आरोपीगण ईला एवं माना को अजीवन कारावास एवं अर्थदंड से दंडित किया। प्रकरण में गंभीर अनुसंधान पुलिस थाना सिलावद के तत्कालीन थाना प्रभारी वीर बहादुर सिंह चैहान द्वारा की गई।