
सत्याग्रह लाइव। मथुरा में चार महीने से लापता गौशाला कर्मी मनोज सोनी की तलाश में पुलिस ने अक्रूर के जंगल और घाट में सर्च ऑपरेशन चलाया। पत्नी नैना, बेटी भक्ति और प्रेमी विमल हिरासत में हैं। तलाश के बावजूद मनोज का कोई सुराग नहीं मिला।
मनोज सोनी थाना गोविंद नगर के जयसिंहपुरा क्षेत्र की राधा कृष्ण कॉलोनी में रहते थे और गौशाला में काम करते थे। परिजनों के मुताबिक, 18 अप्रैल को वह संदिग्ध परिस्थितियों में लापता हो गए। उनकी पत्नी नैना ने तीन दिन बाद मनोज के बड़े भाई रामबाबू को उनके गायब होने की जानकारी दी।
इसके बाद थाने में गुमशुदगी की सूचना दी गई। रामबाबू के मुताबिक, जब वह तीन दिन बाद थाने पहुंचे तो पता चला कि नैना अपनी तहरीर वापस ले गई है। उसने पुलिस से कहा था कि वह कोई कार्रवाई नहीं चाहती।
एसएसपी से शिकायत के बाद दर्ज हुई एफआईआर
मनोज का कोई पता नहीं चलने पर परिजनों ने एसएसपी से शिकायत की। इसके साथ ही मुख्यमंत्री पोर्टल पर भी शिकायत दर्ज कराई गई। इसके बाद पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर मनोज की तलाश शुरू की।
परिजनों का आरोप है कि इस दौरान नैना लगातार मनोज के काम के सिलसिले में बाहर जाने की बात कहती रही। बाद में वह भी काम पर जाने की बात कहकर घर से चली गई। करीब 10 दिन पहले वह वापस लौटी और मनोज के कपड़ों समेत अन्य सामान जला दिया।
पत्नी, बेटी और प्रेमी पर हत्या का आरोप
मनोज के भाई रामबाबू ने उसकी पत्नी नैना, बेटी भक्ति और नैना के प्रेमी विमल पर हत्या का आरोप लगाया है। पुलिस ने तीनों को हिरासत में लेकर पूछताछ की। पूछताछ में तीनों ने अलग-अलग जगह शव फेंके जाने की बात कही।
इसके बाद पुलिस और फॉरेंसिक टीम ने बताए गए स्थानों पर कई घंटे तक तलाश की। अक्रूर के जंगल और घाट में भी सर्च ऑपरेशन चलाया गया। हालांकि, तलाश के दौरान मनोज के जिंदा या मुर्दा होने का कोई सुराग नहीं मिला।
हिरासत की जानकारी पर पड़ोसियों की भीड़ जुटी
पुलिस द्वारा नैना, उसकी बेटी भक्ति और प्रेमी विमल को हिरासत में लिए जाने की जानकारी मिलने पर पड़ोसियों की भीड़ लग गई। पुलिस मामले में मनोज की तलाश और पूछताछ के आधार पर आगे की कार्रवाई कर रही है।



